1 Kings · chapter 22 · verse 8
1 Kings 22:8 in Hindi
इस्राएल के राजा ने यहोशापात से कहा, हां, यिम्ला का पुत्रा मीकायाह एक पुरूष और है जिसके द्वारा हम यहोेवा से पूछ सकते हैं? परन्तु मैं उस से घृणा रखता हूँ, क्योंकि वह मेरे विष्य कल्याण की नहीं वरन हानि ही की भविष्यद्वाणी करता है।
Israael ke raajaa ne yahoshaapaat se kahaa, haam, yimlaa kaa putraa meekaayaah ek puroosh aur hai jisake dvaaraa ham yahoేvaa se poochh sakate haim? Parantu maim us se ghrunaa rakhataa hoon, kyonki vah mere vishy kalyaan kee naheem varan haani hee kee bhavishyadvaanee karataa hai.
1 Kings 22:8 in English
- King James Version (KJV)
- And the king of Israel said unto Jehoshaphat, [There is] yet one man, Micaiah the son of Imlah, by whom we may enquire of the LORD: but I hate him; for he doth not prophesy good concerning me, but evil. And Jehoshaphat said, Let not the king say so.
- World English Bible (WEB)
- The king of Israel said to Jehoshaphat, “There is yet one man by whom we may inquire of the LORD, Micaiah the son of Imlah; but I hate him, for he does not prophesy good concerning me, but evil.” Jehoshaphat said, “Don’t let the king say so.”
- American Standard Version (ASV)
- And the king of Israel said unto Jehoshaphat, There is yet one man by whom we may inquire of Jehovah, Micaiah the son of Imlah: but I hate him; for he doth not prophesy good concerning me, but evil. And Jehoshaphat said, Let not the king say so.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the king of Israel said to Jehoshaphat, There is still one man by whom we may get directions from the Lord, Micaiah, son of Imlah; but I have no love for him, for he is a prophet of evil to me and not of good. And Jehoshaphat said, Let not the king say so.
- Darby Translation (DBY)
- And the king of Israel said to Jehoshaphat, There is yet one man by whom we may inquire of Jehovah; but I hate him, for he prophesies no good concerning me, but evil: [it is] Micah the son of Imlah. And Jehoshaphat said, Let not the king say so.
- Webster's Bible (WBS)
- And the king of Israel said to Jehoshaphat, [There is] yet one man, Micaiah the son of Imlah, by whom we may inquire of the LORD: but I hate him; for he doth not prophesy good concerning me, but evil. And Jehoshaphat said, Let not the king say so.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the king of Israel saith unto Jehoshaphat, 'Yet — one man to seek Jehovah by him, and I have hated him, for he doth not prophesy concerning me good, but evil — Micaiah son of Imlah;' and Jehoshaphat saith, 'Let not the king say so.'
Read in context
- 6कि आज यहोवा की इच्छा मालूम कर ले, नब इस्राएल के राजा ने नबियों को जो कोई चार सौ पुरूष थे इकट्ठा करके उन से पूछा, क्या मैं गिलाद के रामोत से युठ्ठ करने के लिये चढ़ाई करूं, वा रूका रहूं? उन्हों ने उत्तर दिया, चढ़ाई कर: क्योंकि प्रभु उसको राजा के हाथ में कर देगा।
- 7परन्तु यहोशापात ने पूछा, क्या यहां यहोवा का और भी कोई नबी नहीं है जिस से हम पूछ लें?
- 8इस्राएल के राजा ने यहोशापात से कहा, हां, यिम्ला का पुत्रा मीकायाह एक पुरूष और है जिसके द्वारा हम यहोेवा से पूछ सकते हैं? परन्तु मैं उस से घृणा रखता हूँ, क्योंकि वह मेरे विष्य कल्याण की नहीं वरन हानि ही की भविष्यद्वाणी करता है।
- 9यहोशापात ने कहा, राजा ऐसा न कहे। तब दस्राएल के राजा ने एक हाकिम को बुलवा कर कहा, यिम्ला के पुत्रा मीकायाह को फुत से ले आ।
- 10इस्राएल का राजा और यहूदा का राजा यहोशापात, अपने अपने राजवस्त्रा पहिने हुए शोमरोन के फाटक में एक खुले स्थान में अपने अपने सिंहासन पर विराजमान थे और सब भविष्यद्वक्ता उनके सम्मुख भविष्यद्वाणी कर रहे थे।
Cross references
- John 17:14 यूहन्ना 17:14मैं ने तेरा वचन उन्हें पहुंचा दिया है, और संसार ने उन से बैर किया, क्योंकि जैसा मैं संसार का नहीं, वैसे ही वे भी संसार के नहीं।
- John 3:19–21 यूहन्ना 3:19–21और दंड की आज्ञा का कारण यह है कि ज्योति जगत में आई है, और मनुष्यों ने अन्धकार को ज्योति से अधिक प्रिय जाना क्योंकि उन के काम बुरे थे। क्योंकि जो कोई बुराई करता है, वह ज्योति से बैर रखता है, और ज्योति के निकट नहीं आता, ऐसा न हो कि उसके कामों पर दोष लगाया जाए। परन्तु जो सच्चाई पर चलता हैख् वह ज्योति के निकट आता है, ताकि उसके काम प्रगट हों, कि वह परमेश्वर की ओर से किए गए हैं।
- Amos 5:10 आमोस 5:10जो सभा से उलाहना देता है उस से वे बैर रखते हैं, और खरी बात बोलनेवाले से घृणा करते हैं।
- John 7:7 यूहन्ना 7:7जगत तुम से बैर नहीं कर सकता, परन्तु वह मुझ से बैर करता है, क्योंकि मैं उसके विरोध में यह गवाही देता हूं, कि उसके काम बुरे हैं।
- Galatians 4:16 गलातियों 4:16तो क्या तुम से सच बोलने के कारण मैं तुम्हारा बैरी हो गया हूं।
- Jeremiah 38:4 यिर्मयाह 38:4इसलिये उन हाकिमों ने राजा से कहा कि उस पुरूष को मरवा डाल, क्योंकि वह जो इस नगर में बचे हुए योद्वाओं और अन्य सब लोगों से ऐसे ऐसे वचन कहता है जिस से उनके हाथ पांव ढीले हो जाते हैं। क्योंकि वह पुरूष इस प्रजा के लोगों की भलाई नहीं वरन बुराई ही चाहता है।
- John 15:18–19 यूहन्ना 15:18–19यदि संसार तुम से बैर रखता है, तो तुम जानते हो, कि उस ने तुम से पहिले मुझ से भी बैर रखा। यदि तुम संसार के होते, तो संसार अपनों से प्रीति रखता, परन्तु इस कारण कि तुम संसार में से चुन लिया है इसी लिये संसार तुम से बैर रखता है।
- Micah 2:7 मीका 2:7हे याकूब के घराने, क्या यह कहा जाए कि यहोवा का आत्मा अधीर हो गया है? क्या ये काम उसी के किए हुए हैं? क्या मेरे वचनों से उसका भला नहीं होता जो सीधाई से चलता है?
- Isaiah 49:7 यशायाह 49:7जो मनुष्यों से तुच्छ जाना जाता, जिस से जातियों को घृणा है, और, जो अपराधियों का दास है, इस्राएल का छुड़ानेवाला और उसका पवित्रा अर्थात् यहावेा यों कहता है, कि राजा उसे देखकर खड़े हो जाएंगे और हाकिम दण्डवत् करेंगे; यह यहोवा के निमित्त होगा, जो सच्चा और इस्राएल का पवित्रा है और जिस ने तुझे चुन लिया है।।
- Psalm 34:21 भजन संहिता 34:21दुष्ट अपनी बुराई के द्वारा मारा जाएगा; और धर्मी के बैरी दोषी ठहरेंगे।
- Isaiah 3:11 यशायाह 3:11मेरी प्रजा पर बच्चे अंधेर करते और स्त्रियां उन पर प्रभुता करती हैं। हे मेरी प्रजा, तेरे अगुवे तुझे भटकाते हैं, और तेरे चलने का मार्ग भुता देते हैं।।
- Jeremiah 20:10 यिर्मयाह 20:10मैं ने बहुतों के मुंह से अपना अपवाद सुना है। चारों ओर भय ही भय है! मेरी जान पहचान के सब जो मेरे ठोकर खाने की बाट जोहते हैं, वे कहते हैं, उसके दोष बताओ, तब हम उनकी चर्चा फैला देंगे। कदाचित वह धोखा खाए, तो हम उस पर प्रबल होकर, उस से बदला लेंगे।
Original words (Hebrew)
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- said · H559אָמַר ʼâmar
- Jehoshaphat · H3092יְהוֹשָׁפָט Yᵉhôwshâphâṭ
- one · H259אֶחָד ʼechâd
- man · H376אִישׁ ʼîysh
- Micaiah · H4321מִיכָיְהוּ Mîykâyᵉhûw
- son · H1121בֵּן bên
- Imlah · H3229יִמְלָא Yimlâʼ
- enquire · H1875דָּרַשׁ dârash
- hate · H8130שָׂנֵא sânêʼ
- prophesy · H5012נָבָא nâbâʼ
- good · H2896טוֹב ṭôwb
- evil · H7451רַע raʻ
- Jehoshaphat · H3092יְהוֹשָׁפָט Yᵉhôwshâphâṭ
- said · H559אָמַר ʼâmar
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- say · H559אָמַר ʼâmar