1 Samuel · chapter 1 · verse 13
1 Samuel 1:13 in Hindi
हन्ना मन ही मन कह रही थी; उसके होंठ तो हिलते थे परन्तु उसका शब्द न सुन पड़ता था; इसलिये एली ने समझा कि वह नशे में है।
Hannaa man hee man kah rahee thee; usake honth to hilate the parantu usakaa shabd na sun padataa thaa; isaliye elee ne samajhaa ki vah nashe mem hai.
1 Samuel 1:13 in English
- King James Version (KJV)
- Now Hannah, she spake in her heart; only her lips moved, but her voice was not heard: therefore Eli thought she had been drunken.
- World English Bible (WEB)
- Now Hannah spoke in her heart. Only her lips moved, but her voice was not heard. Therefore Eli thought she was drunk.
- American Standard Version (ASV)
- Now Hannah, she spake in her heart; only her lips moved, but her voice was not heard: therefore Eli thought she had been drunken.
- Bible in Basic English (BBE)
- For Hannah's prayer came from her heart, and though her lips were moving she made no sound: so it seemed to Eli that she was overcome with wine.
- Darby Translation (DBY)
- Now Hannah spoke in her heart; only her lips moved, but her voice was not heard; and Eli thought she was drunken.
- Webster's Bible (WBS)
- Now Hannah spoke in her heart; only her lips moved, but her voice was not heard: therefore Eli thought she had been drunken.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Hannah, she is speaking to her heart, only her lips are moving, and her voice is not heard, and Eli reckoneth her to be drunken.
Read in context
- 11और उस ने यह मन्नत मानी, कि हे सेनाओं के यहोवा, यदि तू अपनी दासी के दु:ख पर सचमुच दृष्टि करे, और मेरी सुधि ले, और अपनी दासी को भूल न जाए, और अपनी दासी को पुत्रा दे, तो मैं उसे उसके जीवन भर के लिये यहोवा को अर्पण करूंगी, और उसके सिर पर छुरा फिरने न पाएगा।
- 12जब वह यहोवा के साम्हने ऐसी प्रार्थना कर रही थी, तब एली उसके मुंह की ओर ताक रहा था।
- 13हन्ना मन ही मन कह रही थी; उसके होंठ तो हिलते थे परन्तु उसका शब्द न सुन पड़ता था; इसलिये एली ने समझा कि वह नशे में है।
- 14तब एली ने उस से कहा, तू कब तक नशे में रहेगी? अपना नशा उतार।
- 15हन्ना ने कहा, नहीं, हे मेरे प्रभु, मैं तो दु:खिया हूं; मैं ने न तो दाखमधु पिया है और न मदिरा, मैं ने अपने मन की बात खोलकर यहोवा से कही है।
Cross references
- Romans 8:26 रोमियों 8:26इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये बिनती करता है।
- Acts 2:13 प्रेरितों के काम 2:13परन्तु औरों ने ठट्ठा करके कहा, कि वे तो नई मदिरा के नशे में हैं।।
- Genesis 24:42–45 उत्पत्ति 24:42–45सो मैं आज उस कुएं के निकट आकर कहने लगा, हे मेरे स्वामी इब्राहीम के परमेश्वर यहोवा, यदि तू मेरी इस यात्रा को सुफल करता हो: तो देख मैं जल के इस कुएं के निकट खड़ा हूं; सो ऐसा हो, कि जो कुमारी जल भरने के लिये निकल आए, और मैं उस से कहूं, अपने घड़े में से मुझे थोड़ा पानी पिला; और वह मुझ से कहे, पी ले और मै तेरे ऊंटो के पीने के लिये भी पानी भर दूंगी: वह वही स्त्री हो जिसको तू ने मेरे स्वामी के पुत्रा के लिये ठहराया हो। मैं मन ही मन यह कह ही रहा था, कि देख रिबका कन्धे पर घड़ा लिये हुए निकल आई; फिर वह सोते के पास उतरके भरने लगी: और मै ने उस से कहा, मुझे पिला दे।
- Zechariah 9:15 जकर्याह 9:15सेनाओं का यहोवा ढाल से उन्हें बचाएगा, और वे अपने शत्रुओं का नाश करेंगे, और उनके गोफन के पत्थरों पर पांव धरेंगे; और वे पीकर ऐसा कोलाहल करेंगे जैसा लोग दाखमधु पीकर करते हैं; और वे कटोरे की नाईं वा वेदी के कोने की नाईं भरे जाएगें।।
- Psalm 25:1 भजन संहिता 25:1हे यहोवा मैं अपने मन को तेरी ओर उठाता हूं।
- 1 Corinthians 13:7 1 कुरिन्थियों 13:7वह सब बातें सह लेता है, सब बातों की प्रतीति करता है, सब बातों की आशा रखता है, सब बातों में धीरज धरता है।
- Nehemiah 2:4 नहेमायाह 2:4राजा ने मुझ से पूछा, फिर तू क्या मांगता है? तब मैं ने स्वर्ग के परमेश्वर से प्रार्थना करके, राजा से कहा;