1 Samuel · chapter 25 · verse 12
1 Samuel 25:12 in Hindi
तब दाऊद के जवानों ने लौटकर अपना मार्ग लिया, और लौटकर उसको से सब बातें ज्यों की त्यों सुना दीं।
Tab daaood ke javaanom ne lautakar apanaa maarg liyaa, aur lautakar usako se sab baatem jyom kee tyom sunaa deen.
1 Samuel 25:12 in English
- King James Version (KJV)
- So David’s young men turned their way, and went again, and came and told him all those sayings.
- World English Bible (WEB)
- So David’s young men turned on their way and went back, and came and told him all these words.
- American Standard Version (ASV)
- So David’s young men turned on their way, and went back, and came and told him according to all these words.
- Bible in Basic English (BBE)
- So David's young men, turning away, went back and gave him an account of everything he had said.
- Darby Translation (DBY)
- And David's young men turned their way, and went back, and came and reported to him according to all those words.
- Webster's Bible (WBS)
- So David's young men turned their way, and went again, and came and told him all these sayings.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the young men of David turn on their way, and turn back, and come in, and declare to him according to all these words.
Read in context
- 10नाबाल ने दाऊद के जनों को उत्तर देकर उन से कहा, दाऊद कौन है? यिशै का पुत्रा कौन है? आज कल बहुत से दास अपने अपने स्वामी के पास से भाग जाते हैं।
- 11क्या मैं अपनी रोटी- पानी और जो पशु मैं ने अपने कतरनेवालों के लिये मारे हैं लेकर ऐसे लोगों को दे दूं, जिनको मैं नहीं जानता कि कहां के हैं?
- 12तब दाऊद के जवानों ने लौटकर अपना मार्ग लिया, और लौटकर उसको से सब बातें ज्यों की त्यों सुना दीं।
- 13तब दाऊद ने अपने जनों से कहा, अपनी अपनी तलवार बान्ध लो। तब उन्हों ने अपनी अपनी तलवार बान्ध ली; और दाऊद ने भी अपनी तलवार बान्घ ली; और कोई चार सौ पुरूष दाऊद के पीछे पीछे चले, और दो सौ समान के पास रह गए।
- 14परन्तु एक सेवक ने नाबाल की पत्नी अबीगैल को बताया, कि दाऊद ने जंगल से हमारे स्वामी को आशीर्वाद देने के लिये दूत भेजे थे; और उस ने उन्हें ललकारा दिया।
Cross references
- 2 Samuel 24:13 2 शमूएल 24:13सो गाद ने दाऊद के पास जाकर इसका समाचार दिया, और उस से पूछा, क्या तेरे देश में सात वर्ष का अकाल पड़े? वा तीन महीने तक तेरे शत्रु तेरा पीछा करते रहें और तू उन से भागता रहे? वा तेरे देश में तीन दिन तक मरी फैली रहे? अब सोच विचार कर, कि मैं अपने भेजनेवाले को क्या उत्तर दूं।
- Isaiah 36:21–22 यशायाह 36:21–22परन्तु वे चुप रहे और उसके उत्तर में एक बात भी न कही, क्योंकि राजा की ऐसी आज्ञा थी कि उसको उत्तर न देना। तब हिल्किरयाह का पुत्रा एल्याकीम जो राजघराने के काम पर नियुक्त था और शेब्ना जो मन्त्री था और आसाप था, इन्हों ने हिजकिरयाह के पास वस्त्रा फाड़े हुए जाकर रबशाके की बातें कह सुनाई।।
- Hebrews 13:17 इब्रानियों 13:17अपने अगुवों की मानो; और उनके अधीन रहो, क्योंकि वे उन की नाई तुम्हारे प्राणों के लिये जागते रहते, जिन्हें लेखा देना पड़ेगा, कि वे यह काम आनन्द से करें, न कि ठंडी सांस ले लेकर, क्योंकि इस दशा में तुम्हें कुछ लाभ नहीं।