1 Samuel · chapter 29 · verse 2
1 Samuel 29:2 in Hindi
तब पलिश्तियों के सरदार अपने अपने सैकड़ों और हजारों समेत आगे बढ़ गए, और सेना के पीछे पीछे आकीश के साथ दाऊद भी अपने जनों समेत बढ़ गया।
Tab palishtiyom ke saradaar apane apane saikadom aur hajaarom samet aage badh gae, aur senaa ke peechhe peechhe aakeesh ke saath daaood bhee apane janom samet badh gayaa.
1 Samuel 29:2 in English
- King James Version (KJV)
- And the lords of the Philistines passed on by hundreds, and by thousands: but David and his men passed on in the rereward with Achish.
- World English Bible (WEB)
- The lords of the Philistines passed on by hundreds and by thousands; and David and his men passed on in the rear with Achish.
- American Standard Version (ASV)
- And the lords of the Philistines passed on by hundreds, and by thousands; and David and his men passed on in the rearward with Achish.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the lords of the Philistines went on with their hundreds and their thousands, and David and his men came after with Achish.
- Darby Translation (DBY)
- And the lords of the Philistines passed on by hundreds and by thousands; and David and his men passed on in the rearward with Achish.
- Webster's Bible (WBS)
- And the lords of the Philistines passed on by hundreds, and by thousands: but David and his men passed on in the rear with Achish.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and the princes of the Philistines are passing on by hundreds, and by thousands, and David and his men are passing on in the rear with Achish.
Read in context
- 1पलिश्तियों ने अपनी समस्त सेना को अपेक में इकट्ठा किया; और इस्राएली यिज्रेल के निकट के सोते के पास डेरे डाले हुए थे।
- 2तब पलिश्तियों के सरदार अपने अपने सैकड़ों और हजारों समेत आगे बढ़ गए, और सेना के पीछे पीछे आकीश के साथ दाऊद भी अपने जनों समेत बढ़ गया।
- 3तब पलिश्ती हाकिमों ने पूछा, इन इब्रियों का यहां क्या काम है? आकीश ने पलिश्ती सरदारों से कहा, क्या वह इस्राएल के राजा शाऊल का कर्मचारी दाऊद नहीं है, जो क्या जाने कितने दिनों से वरन वर्षो से मेरे साथ रहता है, और जब से वह भाग आया, तब से आज तक मैने उस में कोई दोष नहीं पाया।
- 4तब पलिश्ती हाकिम उस से क्रोधित हुए; और उस से कहा, उस पुरूष को लौटा दे, कि वह उस स्थान पर जाए जो तू ने उसके लिये ठहराया है; वह हमारे संग लड़ाई में न आने पाएगा, कहीं ऐसा न हो कि वह लड़ाई में हमारा विराधी बन जाए। फिर वह अपने स्वामी से किस रीति से मेल करे? क्या लोगों के सिर कटवाकर न करेगा?
Cross references
- 1 Samuel 28:1–2 1 शमूएल 28:1–2उन दिनों में पलिश्तियों ने इस्राएल से लड़ने के लिये अपनी सेना इकट्ठी की। और आकीश ने दाऊद से कहा, निश्चय जान कि तुझे अपने जनों समेत मेरे साथ सेना में जाना होगा। दाऊद ने आकीश से कहा, इस कारण तू जान लेगा कि तेरा दास क्या करेगा। आकीश ने दाऊद से कहा, इस कारण मैं तुझे अपने सिर का रक्षक सदा के लिये ठहराऊंगा।।
- 1 Samuel 29:6–7 1 शमूएल 29:6–7तब आकीश ने दाऊद को बुलाकर उस से कहा, यहोवा के जीवन की शपथ तू तो सीधा है, और सेना में तेरा मेरे संग आना जाना भी मुझे भावता है; क्योंकि जब से तू मेरे पास आया तब से लेकर आज तक मैं ने तो तुझ में कोई बुराई नहीं पाई। तौभी सरदार लोग तुझे नहीं चाहते। इसलिये अब तू कुशल से लौट जा; ऐसा न हो कि पलिश्ती सरदार तुझ से अप्रसन्न हों।
- Joshua 13:3 यहोशू 13:3(मि के आगे शीहोर से लेकर उत्तर की ओर एक्रोन के सिवाने तक जो कनानियों का भाग गिना जाता है; और पलििितशयों के पांचों सरदार, अर्थात् अज्जा, अशदोद, अशकलोन, गत, और एक्रोन के लोग), और दक्खिनी ओर अव्वी भी,
- 1 Samuel 6:4 1 शमूएल 6:4उन्हों ने पूछा, हम उसकी हानि भरने के लिये कोन सा दोषबलि दें? वे बोले, पलिश्ती सरदारों की गिनती के अनुसार सोने की पांच गिलटियां, और सोने के पांच चूहे; क्योंकि तुम सब और तुम्हारे सरदार दोनों एक ही रोग से ग्रसित हो।
- 1 Samuel 5:8–11 1 शमूएल 5:8–11तब उन्हों ने पलिश्तियों के सब सरदारों को बुलवा भेजा, और उन से पूछा, हम इस्राएल के देवता के सन्दूक से क्या करें? वे बोले, इस्राएल के परमेश्वर के सन्दूक को घूमाकर गत में पहुंचाया जाए। तो उन्हों ने इस्राएल के परमेश्वर के सन्दूक को घुमाकर गत में पहुंचा दिया। जब वे उसको घुमाकर वहां पहुंचे, तो यूं हुआ कि यहोवा का हाथ उस नगर के विरूद्ध ऐसा उठा कि उस में अत्यन्त हलचल मच गई; ओर उस ने छोटे से बड़े तब उस नगर के सब लोगों को मारा, और उनके गिलटियां निकलने लगीं। तब उन्हों ने परमेश्वर का सन्दूक एक्रोन को भेजा और ज्योंही परमेश्वर का सन्दूक एक्रोन में पहुंचा त्योंही एक्रोनी यह कहकर चिल्लाने लगे, कि इस्राएल के देवता का सन्दूक घुमाकर हमारे पास इसलिये पहुंचाया गया है, कि हम और हमारे लोगों को मरवा डाले। तब उन्हों ने पलिश्तियों के सब सरदारों को इकट्ठा किया, और उन से कहा, इस्राएल के देवता के सन्दूक को निकाल दो, कि वह अपेन स्थान पर लौट जाए, और हम को और हमारे लोगों को मार डालने न पाए। उस समस्त नगर में तो मृत्यु के भय की हलचल मच रही थी, और परमेश्वर का हाथ वहां बहुत भारी पड़ा था।