2 Chronicles · chapter 1 · verse 10
2 Chronicles 1:10 in Hindi
अब मुझे ऐसी बुध्दि और ज्ञान दे, कि मैं इस प्रजा के साम्हने अन्दर- बाहर आना- जाना कर सकूं, क्योंकि कौन ऐसा है कि तेरी इतनी बड़ी प्रजा का न्याय कर सके?
Ab mujhe aisee budhdi aur jnyaan de, ki maim is prajaa ke saamhane andara- baahar aanaa- jaanaa kar sakoom, kyonki kaun aisaa hai ki teree itanee badee prajaa kaa nyaay kar sake?
2 Chronicles 1:10 in English
- King James Version (KJV)
- Give me now wisdom and knowledge, that I may go out and come in before this people: for who can judge this thy people, [that is so] great?
- World English Bible (WEB)
- Now give me wisdom and knowledge, that I may go out and come in before this people; for who can judge this great people of yours?”
- American Standard Version (ASV)
- Give me now wisdom and knowledge, that I may go out and come in before this people; for who can judge this thy people, that is so great?
- Bible in Basic English (BBE)
- Give me now wisdom and knowledge, so that I may go out and come in before this people: for who is able to be the judge of this great people of yours?
- Darby Translation (DBY)
- Give me now wisdom and knowledge, that I may go out and come in before this people; for who can judge this thy great people?
- Webster's Bible (WBS)
- Give me now wisdom and knowledge, that I may go out and come in before this people: for who can judge this thy great people?
- Young's Literal Translation (YLT)
- now, wisdom and knowledge give to me, and I go out before this people, and I come in, for who doth judge this Thy great people?'
Read in context
- 8सुलैमान ने परमेश्वर से कहा, तू मेरे पिता दाऊद पर बड़ी करूणा करता रहा और मुझ को उसके स्थान पर राजा बनाया है।
- 9अब हे यहोवा परमेश्वर! जो बचन तू ने मेरे पिता दाऊद को दिया था, वह पूरा हो; तू ने तो मुझे ऐसी प्रजा का राजा बनाया है जो भूमि की धूलि के किनकों के समान बहुत है।
- 10अब मुझे ऐसी बुध्दि और ज्ञान दे, कि मैं इस प्रजा के साम्हने अन्दर- बाहर आना- जाना कर सकूं, क्योंकि कौन ऐसा है कि तेरी इतनी बड़ी प्रजा का न्याय कर सके?
- 11परमेश्वर ने सुलैमान से कहा, तेरी जो ऐसी ही मनसा हुई, अर्थात तू ने न तो धन सम्पत्ति मांगी है, न ऐश्वर्य्और न अपने बैरियों का प्राण और न अपनी दीर्घायु मांगी, केवल बुध्दि और ज्ञान का वर मांगा है, जिस से तू मेरी प्रजा का जिसके ऊपर मैं ने तुझे राजा नियुक्त किया है, न्याय कर सके,
- 12इस कारण बुध्दि और ज्ञान तुझे दिया जाता है। और मैं तुझे इतना धन सम्पत्ति और ऐश्वर्य दूंगा, जितना न तो तुझ से पहिले किसी राजा को, मिला और न तेरे बाद किसी राजा को मिलेगा।
Cross references
- 1 Kings 3:9 1 राजा 3:9तू अपने दास को अपनी प्रजा का न्याय करने के लिये समझने की ऐसी शक्ति दे, कि मैं भले बुरे को परख सकूं; क्योंकि कौन ऐसा है कि तेरी इतनी बड़ी प्रजा का न्याय कर सके?
- James 1:5 याकूब 1:5पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उस को दी जाएगी।
- Proverbs 2:2–6 नीतिवचन 2:2–6और बुद्धि की बात ध्यान से सुने, और समझ की बात मन लगाकर सोचे; और प्रवीणता और समझ के लिये अति यत्न से पुकारे, ओर उसको चान्दी की नाईं ढूंढ़े, और गुप्त धन के समान उसी खोज में लगा रहे; तो तू यहोवा के भय को समझेगा, और परमेश्वर का ज्ञान तुझे प्राप्त होगा। क्योंकि बुद्धि यहोवा ही देता है; ज्ञान और समझ की बातें उसी के मुंह से निकलती हैं।
- Proverbs 4:7 नीतिवचन 4:7बुद्धि श्रेष्ठ है इसलिये उसकी प्राप्ति के लिये यत्न कर; जो कुछ तू प्राप्त करे उसे प्राप्त तो कर परन्तु समझ की प्राप्ति का यत्न घटने न पाए।
- Psalm 119:34 भजन संहिता 119:34मुझे समझ दे, तब मैं तेरी व्यवस्था को पकड़े रहूंगा और पूर्ण मन से उस पर चलूंगा।
- 2 Samuel 5:2 2 शमूएल 5:2फिर भूतकाल में जब शाऊल हमारा राजा था, तब भी इस्राएल का अगुवा तू ही था; और यहोवा ने तुझ से कहा, कि मेरी प्रजा इस्राएल का चरवाहा, और इस्राएल का प्रधान तू ही होगा।
- Proverbs 3:13–18 नीतिवचन 3:13–18क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो बुद्धि पाए, और वह मनुष्य जो समझ प्राप्त करे, क्योंकि बुद्धि की प्राप्ति चान्दी की प्राप्ति से बड़ी, और उसका लाभ चोखे सोने के लाभ से भी उत्तम है। वह मूंगे से अधिक अनमोल है, और जितनी वस्तुओं की तू लालसा करता है, उन में से कोई भी उसके तुल्य न ठहरेगी। उसके दहिने हाथ में दीर्घायु, और उसके बाएं हाथ में धन और महिमा है। उसके मार्ग मनभाऊ हैं, और उसके सब मार्ग कुशल के हैं। जो बुद्धि को ग्रहण कर लेते हैं, उनके लिये वह जीवन का वृक्ष बनती है; और जो उसको पकड़े रहते हैं, वह धन्य हैं।।
- Psalm 119:73 भजन संहिता 119:73तेरे हाथों से मैं बनाया और रचा गया हूं; मुझे समझ दे कि मैं तेरी आज्ञाओं को सीखूं।
- Numbers 27:17 गिनती 27:17जो उसके साम्हने आया जाया करे, और उनका निकालने और पैठानेवाला हो; जिस से यहोवा की मण्डली बिना चरवाहे की भेड़ बकरियों के समान न रहे।
- 2 Corinthians 3:5 2 कुरिन्थियों 3:5यह नहीं, कि हम अपने आप से इस योग्य हैं, कि अपनी ओर से किसी बात का विचार कर सकें; पर हमारी योग्यता परमेश्वर की ओर से है।
- Deuteronomy 31:2 व्यवस्थाविवरण 31:2और उस ने उन से यह भी कहा, कि आज मैं एक सौ बीच वर्ष का हूं; और अब मैं चल फिर नहीं सकता; क्योंकि यहोवा ने मुझ से कहा है, कि तू इस यरदन पार नहीं जाने पाएगा।
- 2 Corinthians 2:16 2 कुरिन्थियों 2:16कितनो के लिये तो मरने के निमित्त मृन्यु की गन्ध, और कितनो के लिये जीवन के निमित्त जीवन की सुगन्ध, और इन बातों के योग्य कौन है?