2 Chronicles · chapter 19 · verse 8
2 Chronicles 19:8 in Hindi
और यरूशलेम में भी यहोशापात ने लेवियों और याजकों और इस्राएल के पितरों के घरानों के कुछ मुख्य पुरूषों को यहोवा की ओर से न्याय करने और मुक मों को जांचने के लिये ठहराया।
Aur yarooshalem mem bhee yahoshaapaat ne leviyom aur yaajakom aur israael ke pitarom ke gharaanom ke kuchh mukhy purooshom ko yahovaa kee or se nyaay karane aur muk mom ko jaanchane ke liye thaharaayaa.
2 Chronicles 19:8 in English
- King James Version (KJV)
- Moreover in Jerusalem did Jehoshaphat set of the Levites, and [of] the priests, and of the chief of the fathers of Israel, for the judgment of the LORD, and for controversies, when they returned to Jerusalem.
- World English Bible (WEB)
- Moreover in Jerusalem Jehoshaphat appointed certain Levites, priests, and heads of the fathers’ households of Israel to give judgment for the LORD and for controversies. They returned to Jerusalem.
- American Standard Version (ASV)
- Moreover in Jerusalem did Jehoshaphat set of the Levites and the priests, and of the heads of the fathers’ [houses] of Israel, for the judgment of Jehovah, and for controversies. And they returned to Jerusalem.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then in Jerusalem he gave authority to certain of the Levites and the priests and the heads of families of Israel to give decisions for the Lord, and in the causes of those living in Jerusalem.
- Darby Translation (DBY)
- — And moreover in Jerusalem did Jehoshaphat set some of the Levites and priests, and of the chief fathers of Israel, for the judgment of Jehovah and for causes. — And they returned to Jerusalem.
- Webster's Bible (WBS)
- Moreover, in Jerusalem did Jehoshaphat set of the Levites, and [of] the priests, and of the chief of the fathers of Israel, for the judgment of the LORD, and for controversies, when they returned to Jerusalem.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And also in Jerusalem hath Jehoshaphat appointed of the Levites, and of the priests, and of the heads of the fathers of Israel, for the judgment of Jehovah, and for strife; and they turn back to Jerusalem,
Read in context
- 6और उस ने न्यायियों से कहा, सोचो कि क्या करते हो, क्योंकि तुम जो न्याय करोगे, वह मनुष्य के लिये नहीं, यहोवा के लिये करोगे; और वह न्याय करते समय तुम्हारे साथ रहेगा।
- 7अब यहोवा का भय तुम में बना रहे; चौकसी से काम करना, क्योंकि हमारे परमेश्वर यहोवा में कुछ कुटिलता नहीं है, और न वह किसी का पक्ष करता और न घूस लेता है।
- 8और यरूशलेम में भी यहोशापात ने लेवियों और याजकों और इस्राएल के पितरों के घरानों के कुछ मुख्य पुरूषों को यहोवा की ओर से न्याय करने और मुक मों को जांचने के लिये ठहराया।
- 9और वे यरूशलेम को लौटे। और उस ने उनको आज्ञा दी, कि यहोवा का भय मानकर, सच्चाई और निष्कपट मन से ऐसा करना।
- 10तुम्हारे भाई जो अपने अपने नगर में रहते हैं, उन में से जिसका कोई मुक मा तुम्हारे साम्हने आए, चाहे वह खून का हो, चाहे रयवस्था, अथवा किसी आज्ञा या विधि वा नियम के विषय हो, उनको चिता देना, कि यहोवा के विषय दोषी न होओ। बेसा न हो कि तुम पर और तुम्हारे भाइयों पर उसका क्रोध भड़के। ऐसा करो तो तुम दोषी न ठहरोगे।
Cross references
- 2 Chronicles 17:8–9 2 इतिहास 17:8–9और उनके साथ शमायाह, नतन्याह, जबद्याह, असाहेल, शमीरामोत, यहोनातान, अदोनिरयाह, तोबिरयाह और तोबदोनिरयाह, नाम लेवीय और उनके संग एलीशामा और यहोराम नामक याजक थे। सो उन्हों ने यहोवा की रयवस्था की पुस्तक अपने साथ लिये हुए यहूदा में शिक्षा दी, वरन वे यहूदा के सब नगरों में प्रजा को सिखाते हुए घूमे।
- 1 Chronicles 26:29 1 इतिहास 26:29यिसहारियों में से कनन्याह और उसके पुत्रा, इस्राएल के देश का काम अर्थात् सरदार और न्यायी का काम करने के लिये नियुक्त हुए।
- Exodus 18:19–26 निर्गमन 18:19–26इसलिये अब मेरी सुन ले, मैं तुझ को सम्मति देता हूं, और परमेश्वर तेरे संग रहे। तू तो इन लोगों के लिये परमेश्वर के सम्मुख जाया कर, और इनके मुक मों को परमेश्वर के पास तू पहुंचा दिया कर। इन्हें विधि और व्यवस्था प्रगट कर करके, जिस मार्ग पर इन्हें चलना, और जो जो काम इन्हें करना हो, वह इनको जता दिया कर। फिर तू इन सब लोगों में से ऐसे पुरूषों को छांट ले, जो गुणी, और परमेश्वर का भय मानने वाले, सच्चे, और अन्याय के लाभ से घृणा करने वाले हों; और उनको हजारझार, सौ- सौ, पचास- पचास, और दस- दस मनुष्यों पर प्रधान नियुक्त कर दे। और वे सब समय इन लोगों का न्याय किया करें; और सब बड़े बड़े मुक मों को तो तेरे पास ले आया करें, और छोटे छोटे मुक मों का न्याय आप ही किया करें; तब तेरा बोझ हलका होगा, क्योंकि इस बोझ को वे भी तेरे साथ उठाएंगे। यदि तू यह उपाय करे, और परमेश्वर तुझ को ऐसी आज्ञा दे, तो तू ठहर सकेगा, और ये सब लोग अपने स्थान को कुशल से पहुंच सकेंगें। अपने ससुर की यह बात मान कर मूसा ने उसके सब वचनों के अनुसार किया। सो उस ने सब इस्त्राएलियों मे से गुणी- गुणी पुरूष चुनकर उन्हें हजारझार, सौ- सौ, पचास- पचास, दस- दस, लोगों के ऊपर प्रधान ठहराया। और वे सब लोगों का न्याय करने लगे; जो मुक मा कठिन होता उसे तो वे मूसा के पास ले आते थे, और सब छोटे मुक मों का न्याय वे आप ही किया करते थे।
- Deuteronomy 17:8–13 व्यवस्थाविवरण 17:8–13यदि तेरी बस्तियों के भीतर कोई झगड़े की बात हो, अर्थात् आपस के खून, वा विवाद, वा मारपीट का कोई मुक मा उठे, और उसका न्याय करना तेरे लिये कठिन जान पड़े, तो उस स्थान को जाकर जो तेरा परमेश्वर यहोवा चुन लेगा; लेवीय याजकों के पास और उन दिनो के न्यायियों के पास जाकर पूछताछ करना, कि वे तुम को न्याय की बातें बतलाएं। और न्याय की जैसी बात उस स्थान के लोग जो यहोवा चुन लेगा तुझे बता दें, उसी के अनुसार करना; और जो व्यवस्था वे तुझे दें उसी के अनुसार चलने में चौकसी करना; व्यवस्था की जो बात वे तुझे बताएं, और न्याय की जो बात वे तुझ से कहें, उसी के अनुसार करना; जो बात वे तुझ को बाताएं उस से दहिने वा बाएं न मुड़ना। और जो मनुष्य अभिमान करके उस याजक की, जो वहां तेरे परमेश्वर यहोवा की सेवा टहल करने को उपस्थित रहेगा, न माने, वा उस न्यायी की न सुने, तो वह मनुष्य मार डाला जाए; इस प्रकार तू इस्राएल में से ऐसी बुराई को दूर कर देना। इस से सब लोग सुनकर डर जाएंगे, और फिर अभिमान नहीं करेंगे।।
- Deuteronomy 25:1 व्यवस्थाविवरण 25:1यदि मनुष्यों के बीच कोई झगड़ा हो, और वे न्याय करवाने के लिये न्यायियों के पास जाएं, और वे उनका न्याय करें, तो निर्दोष को निर्दोष और दोषी को दोषी ठहराएं।
- 1 Chronicles 23:4 1 इतिहास 23:4इन में से चौबीस हजार तो यहोवा के भवन का काम चलाने के लिये नियुक्त हुए, और छे हजार सरदार और न्यायी।
- Deuteronomy 21:5 व्यवस्थाविवरण 21:5और लेवीय याजक भी निकट आएं, क्योंकि तेरे परमेश्वर यहोवा ने उनको चुन लिया है कि उसकी सेवा टहल करें और उसके नाम से आशीर्वाद दिया करें, और उनके कहने के अनुसार हर एक झगड़े और मारपीट के मुक मे का निर्णय हो।
Original words (Hebrew)
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- Jehoshaphat · H3092יְהוֹשָׁפָט Yᵉhôwshâphâṭ
- set · H5975עָמַד ʻâmad
- Levites · H3881לֵוִיִּי Lêvîyîy
- priests · H3548כֹּהֵן kôhên
- chief · H7218רֹאשׁ rôʼsh
- fathers · H1אָב ʼâb
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- judgment · H4941מִשְׁפָּט mishpâṭ
- controversies · H7379רִיב rîyb
- returned · H7725שׁוּב shûwb
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim