2 Chronicles · chapter 2 · verse 3
2 Chronicles 2:3 in Hindi
तब सुलैमान ने सोर के राजा हूराम के पास कहला भेजा, कि जैसा तू ने मेरे पिता दाऊद से बर्त्ताव किया, अर्थात् उसके रहने का भवन बनाने को देवदार भेजे थे, पैसा ही अब मुझ से भी बर्त्ताव कर।
Tab sulaimaan ne sor ke raajaa hooraam ke paas kahalaa bhejaa, ki jaisaa too ne mere pitaa daaood se barttaav kiyaa, arthaat usake rahane kaa bhavan banaane ko devadaar bheje the, paisaa hee ab mujh se bhee barttaav kar.
2 Chronicles 2:3 in English
- King James Version (KJV)
- And Solomon sent to Huram the king of Tyre, saying, As thou didst deal with David my father, and didst send him cedars to build him an house to dwell therein, [even so deal with me].
- World English Bible (WEB)
- Solomon sent to Huram the king of Tyre, saying, “As you dealt with David my father, and sent him cedars to build him a house in which to dwell, so deal with me.
- American Standard Version (ASV)
- And Solomon sent to Huram the king of Tyre, saying, As thou didst deal with David my father, and didst send him cedars to build him a house to dwell therein, [even so deal with me].
- Bible in Basic English (BBE)
- And Solomon sent to Huram, king of Tyre, saying, As you did for my father David, sending him cedar-trees for the building of his house,
- Darby Translation (DBY)
- And Solomon sent to Huram king of Tyre, saying, As thou didst deal with David my father, and didst send him cedars to build him a house to dwell therein [so do for me].
- Webster's Bible (WBS)
- And Solomon sent to Huram the king of Tyre, saying, As thou didst deal with David my father, and didst send him cedars to build him a house to dwell in it, [even so deal with me] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Solomon sendeth unto Huram king of Tyre, saying, 'When thou hast dealt with David my father, then thou dost send to him cedars to build for him a house to dwell in;
Read in context
- 1और सुलैमान ने यहोवा के नाम का एक भवन और अपना राजभवन बनाने का विचार किया।
- 2इसलिए सुलैमान ने सत्तर हजार बोझिये और अस्सी हजार पहाड़ से पत्थर काटनेवाले और वृक्ष काटनेवाले, और इन पर तीन हजार छे सौ मुखिये गिनती करके ठहराए।
- 3तब सुलैमान ने सोर के राजा हूराम के पास कहला भेजा, कि जैसा तू ने मेरे पिता दाऊद से बर्त्ताव किया, अर्थात् उसके रहने का भवन बनाने को देवदार भेजे थे, पैसा ही अब मुझ से भी बर्त्ताव कर।
- 4देख, मैं अपने परमेश्वर यहोवा के नाम का एक भवन बनाने पर हूँ, कि उसे उसके लिये पवित्रा करूं और उसके सम्मुख सुगन्धित धूम जलाऊं, और नित्य भेंट की रोटी उस में रखी जाए; और प्रतिदिन सबेरे और सांझ को, और विश्राम और नये चांद के दिनों में और हमारे परमेश्वर यहोवा के सब नियत पब्ब में होमबलि चढ़ाया जाए। इस्राएल के लिये ऐसी ही सदा की विधि है।
- 5और जो भवन मैं बनाने पर हूं, वह महान होगा; क्योंकि हमारा परमेश्वर सब देवताओं में महान है।
Cross references
- 1 Chronicles 14:1 1 इतिहास 14:1और सोर के राजा हीराम ने दाऊद के पास दूत भेजे, और उसका भवन बनाने को देवदारू की लकड़ी और राज और बढ़ई भेजे।
- 2 Samuel 5:11 2 शमूएल 5:11और सोर के राजा हीराम ने दाऊद के पास दूत, और देवदारू की लकड़ी, और बढ़ई, और राजमिस्त्री भेजे, और उन्हों ने दाऊद के लिये एक भवन बनाया।
- 1 Kings 5:1–11 1 राजा 5:1–11और सोर नगर के हीराम राजा ने अपने दूत सुलैमान के पास भेजे, क्योंकि उसने सुना था, कि वह अभिषिक्त हो कर अपने पिता के स्थान पर राजा हुआ है: और दाऊद के जीवन भर हीराम उसका मित्र बना रहा। और सुलैमान ने हीराम के पास यों कहला भेजा, कि तुझे मालूम है, कि मेरा पिता दाऊद अपने परमेश्वर यहोवा के नाम का एक भवन इसलिये न बनवा सका कि वह चारों ओर लड़ाइयों में तब तक बझा रहा, जब नक यहोवा ने उसके शत्रुओं को उसके पांव तल न कर दिया। परन्तु अब मेरे परमेश्वर यहोवा ने मुझे चारों ओर से विश्राम दिया है और न तो कोई विरोधी है, और न कुछ विपत्ति देख पड़ती है। मैं ने अपने परमेश्वर यहोवा के नाम का एक भवन बनवाने को ठाना है अर्थात उस बात के अनुसार जो यहोवा ने मेरे पिता दाऊद से कही थी; कि तेरा पुत्र जिसे मैं तेरे स्थान में गद्दी पर बैठाऊंगा, वही मेरे नाम का भवन बनवाएगा। इसलिये अब तू मेरे लिये लबानोन पर से देवदारु काटने की आज्ञा दे, और मेरे दास तेरे दासों के संग रहेंगे, और जो कुछ मज़दूरी तू ठहराए, वही मैं तुझे तेरे दासों के लिये दूंगा, तुझे मालूम तो है, कि सीदोनियों के बराबर लकड़ी काटने का भेद हम लोगों में से कोई भी नहीं जानता। सुलैमान की ये बातें सुनकर, हीराम बहुत आनन्दित हुआ, और कहा, आज यहोवा धन्य है, जिसने दाऊद को उस बड़ी जाति पर राज्य करने के लिये एक बुद्धिमान पुत्र दिया है। तब हीराम ने सुलैमान के पास यों कहला भेजा कि जो तू ने मेरे पास कहला भेजा है वह मेरी समझ में आ गया, देवदारू और सनोवर की लकड़ी के विषय जो कुछ तू चाहे, वही मैं करूंगा। मेरे दास लकड़ी को लबानोन से समुद्र तक पहुंचाएंगे, फिर मैं उनके बेड़े बनवा कर, जो स्थान तू मेरे लिये ठहराए, वहीं पर समुद्र के मार्ग से उन को पहुंचवा दूंगा: वहां मैं उन को खोल कर डलवा दूंगा, और तू उन्हें ले लेना: और तू मेरे परिवार के लिये भोजन देकर, मेरी भी इच्छा पूरी करना। इस प्रकार हीराम सुलैमान की इच्छा के अनुसार उसको देवदारू और सनोवर की लकड़ी देने लगा। और सुलैमान ने हीराम के परिवार के खाने के लिये उसे बीस हज़ार कोर गेहूं और बीस कोर पेरा हुआ तेल दिया; इस प्रकार सुलैमान हीराम को प्रति वर्ष दिया करता था।
Original words (Hebrew)
- Solomon · H8010שְׁלֹמֹה Shᵉlômôh
- sent · H7971שָׁלַח shâlach
- Huram · H2361חוּרָם Chûwrâm
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Tyre · H6865צֹר Tsôr
- saying · H559אָמַר ʼâmar
- deal · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- David · H1732דָּוִד Dâvid
- father · H1אָב ʼâb
- send · H7971שָׁלַח shâlach
- cedars · H730אֶרֶז ʼerez
- build · H1129בָּנָה bânâh
- house · H1004בַּיִת bayith
- dwell · H3427יָשַׁב yâshab