2 Chronicles · chapter 9 · verse 3
2 Chronicles 9:3 in Hindi
जब शीबा की रानी ने सुलैमान की बुध्दिमानी और उसका बनाया हुआ भवन
Jab sheebaa kee raanee ne sulaimaan kee budhdimaanee aur usakaa banaayaa huaa bhavan
2 Chronicles 9:3 in English
- King James Version (KJV)
- And when the queen of Sheba had seen the wisdom of Solomon, and the house that he had built,
- World English Bible (WEB)
- When the queen of Sheba had seen the wisdom of Solomon, the house that he had built,
- American Standard Version (ASV)
- And when the queen of Sheba had seen the wisdom of Solomon, and the house that he had built,
- Bible in Basic English (BBE)
- And when the queen of Sheba had seen the wisdom of Solomon, and the house which he had made,
- Darby Translation (DBY)
- And when the queen of Sheba saw the wisdom of Solomon, and the house that he had built,
- Webster's Bible (WBS)
- And when the queen of Sheba had seen the wisdom of Solomon, and the house that he had built,
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the queen of Sheba seeth the wisdom of Solomon, and the house that he hath built,
Read in context
- 1जब शीबा की रानी ने सुलैमान की कीर्त्ति सुनी, तब वह कठिन कठिन प्रश्नों से उसकी परीक्षा करने के लिये यरूशलेम को चली। वह बहुत भारी दल और मसालों और बहुत सोने और मणि से लदे ऊंट साथ लिये हुए आई, और सुलैमान के पास पहुंचकर उससे अपने मन की सब बातों के विषय बातें कीं।
- 2सुलैमान ने उसके सब प्रश्नों का उत्तर दिया, कोई बात सुलैमान की बुध्दि से ऐसी बाहर न रही कि वह उसे न बता सके।
- 3जब शीबा की रानी ने सुलैमान की बुध्दिमानी और उसका बनाया हुआ भवन
- 4और उसकी मेज पर का भोजन देखा, और उसके कर्मचारी किस रीति बैठते और उसके ठहलुए किस रीति खड़े रहते और कैसे कैसे कपड़े पहिने रहते हैं, और उसके पिलानेवाले कैसे हैं, और वे कैसे कपड़े पहिने हैं, और वह कैसी चढ़ाई है जिस से वह यहोवा के भवन को जाया करता है, जब उस ने यह सब देखा, तब वह चकित हो गई।
- 5तब उस ने राजा से कहा, मैं ने तेरे कामों और बुध्दिमानी की जो कीर्त्ति अपने देश में सुनी वह सच ही है।
Cross references
- 2 Chronicles 3:1–4 2 इतिहास 3:1–4तब सुलैमान ने यरूशलेम में मोरिरयाह नाम पहाड़ पर उसी स्थान में यहोवा का भवन बनाना आरम्भ किया, जिसे उसके पिता दाऊद ने दर्शन पाकर यबूसी ओर्नान के खलिहान में तैयार किया था: उस ने अपने राज्य के चौथे वर्ष के दूसरे महीने के, दूसरे दिन को बनाना आरम्भ किया। परमेश्वर का जो भवन सुलैमान ने बनाया, उसका यह ढव है, अर्थात् उसकी लम्बाई तो प्राचीन काल की नाप के अनुसार साठ हाथ, और उसकी चौड़ाई बीस हाथ् की थी। और भवन के साम्हने के ओसारे की लम्बाई तो भवन की चौड़ाई के बराबर बीस हाथ की; और उसकी ऊंचाई एक सौ बीस हाथ की थी। सुलैमान ने उसको भीतर चोखे सोने से मढ़वाया।
- 1 Kings 6:1–7 1 राजा 6:1–7इस्राएलियों के मिस्र देश से निकलने के चार सौ अस्सीवें वर्ष के बाद जो सुलैमान के इस्राएल पर राज्य करने का चौथा वर्ष था, उसके जीव नाम दूसरे महीने में वह यहोवा का भवन बनाने लगा। और जो भवन राजा सुलैमान ने यहोवा के लिये बनाया उसकी लम्बाई साठ हाथ, चौड़ाई बीस हाथ और ऊंचाई तीस हाथ की थी। और भवन के मन्दिर के साम्हने के ओसारे की लम्बाई बीस हाथ की थी, अर्थात् भवन की चौड़ाई के बराबर थी, और ओसारे की चौड़ाई जो भवन के साम्हने थी, वह दस हाथ की थी। फिर उस ने भवन में स्थिर झिलमिलीदार खिड़कियां बनाई। और उस ने भवन के आसपास की भीतों से सटे हुए अर्थात् मन्दिर और दर्शन- स्थान दोनों भीतों के आसपास उस ने मंजिलें और कोठरियां बनाई। सब से नीचेवाली मंजिल की चौड़ाई पांच हाथ, और बीचवाली की छ: हाथ, और ऊपरवाली की सात हाथ की थी, क्योंकि उस ने भवन के आसपास भीत को बाहर की ओर कुस दार बनाया था इसलिये कि कड़ियां भवन की भीतों को पकड़े हुए न हों। और बनते समय भपन ऐसे पत्थरों का बनाया गया, जो वहां ले आने से पहिले गढ़कर ठीक किए गए थे, और भवन के बनते समय हथैड़े वसूली वा और किसी प्रकार के लोहे के औजार का शब्द कभी सुनाई नहीं पड़ा।
- 1 Kings 10:3 1 राजा 10:3सुलैमान ने उसके सब प्रश्नों का उत्तर दिया, कोई बात राजा की बुध्दि से ऐसी बाहर न रही कि वह उसको न बता सका।
- Acts 11:23 प्रेरितों के काम 11:23वह वहां पहुंचकर, और परमेश्वर के अनुग्रह को देखकर आनन्दित हुआ; और सब को उपदेश दिया कि तन मन लगाकर प्रभु से लिपटे रहो।