2 Kings · chapter 19 · verse 10
2 Kings 19:10 in Hindi
तुम यहूदा के राजा हिजकिरयाह से यों कहना: तेरा परमेश्वर जिसका तू भरोसा करता है, यह कहकर तुझे धोखा न देने पाए, कि यरूशलेम अश्शूर के राजा के वश में न पड़ेगा।
Tum yahoodaa ke raajaa hijakirayaah se yom kahanaa: teraa parameshvar jisakaa too bharosaa karataa hai, yah kahakar tujhe dhokhaa na dene paae, ki yarooshalem ashshoor ke raajaa ke vash mem na padegaa.
2 Kings 19:10 in English
- King James Version (KJV)
- Thus shall ye speak to Hezekiah king of Judah, saying, Let not thy God in whom thou trustest deceive thee, saying, Jerusalem shall not be delivered into the hand of the king of Assyria.
- World English Bible (WEB)
- “Tell Hezekiah king of Judah this: ‘Don’t let your God in whom you trust deceive you, saying, Jerusalem will not be given into the hand of the king of Assyria.
- American Standard Version (ASV)
- Thus shall ye speak to Hezekiah king of Judah, saying, Let not thy God in whom thou trustest deceive thee, saying, Jerusalem shall not be given into the hand of the king of Assyria.
- Bible in Basic English (BBE)
- This is what you are to say to Hezekiah, king of Judah: Let not your God, in whom is your faith, give you a false hope, saying, Jerusalem will not be given into the hands of the king of Assyria.
- Darby Translation (DBY)
- Thus shall ye speak to Hezekiah king of Judah saying: Let not thy God, upon whom thou reliest, deceive thee, saying, Jerusalem shall not be delivered into the hand of the king of Assyria.
- Webster's Bible (WBS)
- Thus shall ye speak to Hezekiah king of Judah, saying, Let not thy God in whom thou trustest deceive thee, saying, Jerusalem shall not be delivered into the hand of the king of Assyria.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Thus do ye speak unto Hezekiah king of Judah, saying, Let not thy God lift thee up in whom thou art trusting, saying, Jerusalem is not given into the hand of the king of Asshur.
Read in context
- 8तब रबशाके ने लौटकर अश्शूर के राजा को लिब्ना नगर से युठ्ठ करते पाया, क्योंकि उस ने सुना था कि वह लाकीश के पास से उठ गया है।
- 9और जब उस ने कूश के राजा तिर्हाका के विष्य यह सुना, कि वह मुझ से लड़ने को निकला है, तब उस ने हिजकिरयाह के पास दूतों को यह कह कर भेजा,
- 10तुम यहूदा के राजा हिजकिरयाह से यों कहना: तेरा परमेश्वर जिसका तू भरोसा करता है, यह कहकर तुझे धोखा न देने पाए, कि यरूशलेम अश्शूर के राजा के वश में न पड़ेगा।
- 11देख, तू ने तो सुना है अश्शूर के राजाओं ने सब देशों से कैसा रयवहार किया है उन्हें सत्यानाश कर दिया है। फिर क्या तू बचेगा?
- 12गोजान और हारान और रेसेप और तलस्सार में रहनेवाले एदेनी, जिन जातियोें को मेरे पुरखाओं ने नाश किया, क्या उन में से किसी जाति के देवताओं ने उसको बचा लिया?
Cross references
- 2 Kings 18:5 2 राजा 18:5वह इस्राएल के परमेश्वर यहोवा पर भरोसा रखता था, और उसके बाद यहूदा के सब राजाओं में कोई उसके बराबर न हुआ, और न उस से पहिले भी ऐसा कोई हुआ था।
- 2 Kings 18:29–30 2 राजा 18:29–30राजा यों कहता है, कि हिजकिरयाह तुम को भुलाने न पाए, क्योंकि वह तुम्हें मेरे हाथ से बचा न सकेगा। और वह तुम से यह कहकर यहोवा पर भरोसा कराने न पाए, कि यहोवा निश्चय हम को बचाएगा और यह नगर अश्शूर के राजा के वश में न पड़ेगा।
- Isaiah 37:10–14 यशायाह 37:10–14कि तुम यहूदा के राजा हिजकिरयाह से यों कहना, तेरा परमेश्वर जिस पर तू भरोसा करता है, यह कहकर तुझे धोखा न देने पाए कि यरूशलेम अश्शूर के राजा के वश में न पड़ेगा। देख, तू ने सुना है कि अश्शूर के राजाओं ने सब देशों से कैसा व्यवहार किया कि उन्हें सत्यानाश ही कर दिया। फिर क्या तू बच जाएगा? गोज़ान और हारान और रेसेप में रहनेवाली जिन जातियों को और तलस्सार में रहनेवाले एदेनी लोगों को मेरे पुरखाओं ने नाश किया, क्या उनके देवताओं ने उन्हें बचा लिया? हमात का राजा, अर्पाद का राजा, सपर्वैम नगर का राजा, और हेना और इव्वा के राजा, ये सब कहां गए? इस पत्री को हिजकिरयाह ने दूतों के हाथ से लेकर पढ़ा; तब उस ने यहोवा के भवन में जाकर उस पत्री को यहोवा के साम्हने फैला दिया।
- 2 Chronicles 32:15–19 2 इतिहास 32:15–19अब हिजकिरयाह तुम को इस रीति भुलाने अथवा बहकाने न पाए, और तुम उसकी प्रतीति न करो, क्योंकि किसी जाति या राज्य का कोई देवता अपनी प्रजा को न तो मेरे हाथ से और न मेरे पुरखाओं के हाथ से बचा सका। यह निश्चय है कि तुम्हारा देवता तुम को मेरे हाथ से नहीं बचा सकेगा। इस से भी अधिक उसके कर्मचारियों ने यहोवा परमेश्वर की, और उसके दास हिजकिरयाह की निन्दा की। फिर उस ने ऐसा एक पत्रा भेजा, जिस में इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की निन्दा की ये बातें लिखी थीं, कि जैसे देश देश की जातियों के देवताओं ने अपनी अपनी प्रजा को मेरे हाथ से नहीं बचाया वैसे ही हिजकिरयाह का देवता भी अपनी प्रजा को मेरे हाथ से नहीं बचा सकेगा। और उन्हों ने ऊंचे शब्द से उन यरूशलेमियों को जो शहरपनाह पर बैठे थे, यहूदी बोली में पुकारा, कि उनको डराकर घबराहट में डाल दें जिस से नगर को ले लें। और उन्हों ने यरूशलेम के परमेश्वर की ऐसी चर्चा की, कि मानो पृथ्वी के देश देश के लोगों के देवताओं के बराबर हो, जो मनुष्यों के बनाए हुए हैं।
Original words (Hebrew)
- speak · H559אָמַר ʼâmar
- Hezekiah · H2396חִזְקִיָּה Chizqîyâh
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- saying · H559אָמַר ʼâmar
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- trustest · H982בָּטַח bâṭach
- deceive · H5377נָשָׁא nâshâʼ
- saying · H559אָמַר ʼâmar
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- delivered · H5414נָתַן nâthan
- hand · H3027יָד yâd
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Assyria · H804אַשּׁוּר ʼAshshûwr