2 Kings · chapter 22 · verse 13
2 Kings 22:13 in Hindi
कि यह पुस्तक जो मिली है, उसकी बातों के विष्य तुम जाकर मेरी ओर प्रजा की और सब सहूदियों की ओर से यहोवा से पूछो, क्योंकि यहोवा की बड़ी ही जलजलाहट हम पर इस कारण भड़की है, कि हमारे पुरखाओं ने इस पुस्तक की बातें न मानी कि कुछ हमारे लिये लिखा है, उसके अनुसार करते।
Ki yah pustak jo milee hai, usakee baatom ke vishy tum jaakar meree or prajaa kee aur sab sahoodiyom kee or se yahovaa se poochho, kyonki yahovaa kee badee hee jalajalaahat ham par is kaaran bhadakee hai, ki hamaare purakhaaom ne is pustak kee baatem na maanee ki kuchh hamaare liye likhaa hai, usake anusaar karate.
2 Kings 22:13 in English
- King James Version (KJV)
- Go ye, enquire of the LORD for me, and for the people, and for all Judah, concerning the words of this book that is found: for great [is] the wrath of the LORD that is kindled against us, because our fathers have not hearkened unto the words of this book, to do according unto all that which is written concerning us.
- World English Bible (WEB)
- “Go inquire of the LORD for me, and for the people, and for all Judah, concerning the words of this book that is found; for great is the LORD’s wrath that is kindled against us, because our fathers have not listened to the words of this book, to do according to all that which is written concerning us.”
- American Standard Version (ASV)
- Go ye, inquire of Jehovah for me, and for the people, and for all Judah, concerning the words of this book that is found; for great is the wrath of Jehovah that is kindled against us, because our fathers have not hearkened unto the words of this book, to do according unto all that which is written concerning us.
- Bible in Basic English (BBE)
- Go and get directions from the Lord for me and for the people and for all Judah, about the words of this book which has come to light; for great is the wrath of the Lord which is burning against us, because our fathers have not given ear to the words of this book, to do all the things which are recorded in it.
- Darby Translation (DBY)
- Go, inquire of Jehovah for me, and for the people, and for all Judah, concerning the words of this book which is found; for great is the wrath of Jehovah that is kindled against us, because our fathers have not hearkened to the words of this book, to do according to all that is written [there] for us.
- Webster's Bible (WBS)
- Go ye, inquire of the LORD for me, and for the people, and for all Judah, concerning the words of this book that is found: for great [is] the wrath of the LORD that is kindled against us, because our fathers have not hearkened to the words of this book, to do according to all that which is written concerning us.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Go, seek Jehovah for me, and for the people, and for all Judah, concerning the words of this book that is found, for great [is] the fury of Jehovah that is kindled against us, because that our fathers have not hearkened unto the words of this book, to do according to all that is written for us.'
Read in context
- 11रयवस्था की उस पुस्तक की बातें सुनकर राजा ने अपने वस्त्रा फाड़े।
- 12फिर उस ने हिलकिरयाह याजक, शापान के पुत्रा अहीकाम, मीकायाह के पुत्रा अकबोर, शापान मंत्री और असाया ताम अपने एक कर्मचारी को आज्ञा दी,
- 13कि यह पुस्तक जो मिली है, उसकी बातों के विष्य तुम जाकर मेरी ओर प्रजा की और सब सहूदियों की ओर से यहोवा से पूछो, क्योंकि यहोवा की बड़ी ही जलजलाहट हम पर इस कारण भड़की है, कि हमारे पुरखाओं ने इस पुस्तक की बातें न मानी कि कुछ हमारे लिये लिखा है, उसके अनुसार करते।
- 14हिलकिरयाह याजक और अहीकाम, अकबोर, शापान और असाया ने हुल्दा नबिया के पास जाकर उस से बातें की, वह उस शल्लूम की पत्नी थी जो तिकवा का पुत्रा और हर्हस का पोता और वस्त्रों का रखवाला था, ( और वह स्त्री यरूशलेम के नये टोले में रहती थी )।
- 15उस ने उन से कहा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि जिस पुरूष ने तुम को मेरे पास भेजा, उस से यह कहो,
Cross references
- Nehemiah 9:3 नहेमायाह 9:3तब उन्हों ने अपने अपने स्थान पर खड़े होकर दिन के एक पहर तक अपने परमेश्वर यहोवा की व्यवस्था की पुस्तक पढ़ते, और एक और पहर अपने पापों को मानते, और अपने परमेश्वर यहोवा को दणडवत करते रहे।
- Deuteronomy 4:23–27 व्यवस्थाविवरण 4:23–27इसलिये अपने विषय में तुम सावधान रहो, कहीं ऐसा न हो कि तुम उस वाचा को भूलकर, जो तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने तुम से बान्धी है, किसी और वस्तु की मूर्त्ति खोदकर बनाओ, जिसे तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने तुम को मना किया है। क्योंकि तुम्हारा परमेश्वर यहोवा भस्म करनेवाली आग है; वह जल उठनेवाला परमेश्वर है।। यदि उस देश में रहते रहते बहुत दिन बीत जाने पर, और अपने बेटे- पोते उत्पन्न होने पर, तुम बिगड़कर किसी वस्तु के रूप की मूर्ति खोदकर बनाओ, और इस रीति से अपने परमेश्वर यहोवा के प्रति बुराई करके उसे अप्रसन्न कर दो, तो मैं आज आकाश और पृथ्वी को तुम्हारे विरूद्ध साक्षी करके कहता हूं, कि जिस देश के अधिकारी होने के लिये तुम यरदन पार जाने पर हो उस में तुम जल्दी बिल्कुल नाश हो जाओगे; और बहुत दिन रहने न पाओगे, किन्तु पूरी रीति से नष्ट हो जाओगे। और यहोवा तुम को देश देश के लोगों में तितर बितर करेगा, और जिन जातियों के बीच यहोवा तुम को पहुंचाएगा उन में तुम थोड़े ही से रह जाओगे।
- James 1:22–25 याकूब 1:22–25परन्तु वचन पर चलनेवाले बनो, और केवल सुननेवाले ही नहीं जो अपने आप को धोखा देते हैं। क्योंकि जो कोई वचन का सुननेवाला हो, और उस पर चलनेवाला न हो, तो वह उस मनुष्य के समान है जो अपना स्वाभाविक मुंह दर्पण में देखता है। इसलिये कि वह अपने आप को देखकर चला जाता, और तुरन्त भूल जाता है कि मैं कैसा था। पर जो व्यक्ति स्वतंत्राता की सिद्ध व्यवस्था पर ध्यान करता रहता है, वह अपने काम में इसलिये आशीष पाएगा कि सुनकर नहीं, पर वैसा ही काम करता है।
- Exodus 20:5 निर्गमन 20:5तू उनको दण्डवत् न करना, और न उनकी उपासना करना; क्योंकि मै तेरा परमेश्वर यहोवा जलन रखने वाला ईश्वर हूं, और जो मुझ से बैर रखते है, उनके बेटों, पोतों, और परपोतों को भी पितरों का दण्ड दिया करता हूं,
- Deuteronomy 31:17–18 व्यवस्थाविवरण 31:17–18उस समय मेरा कोप इन पर भड़केगा, और मैं भी इन्हें त्यागकर इन से अपना मुंह छिपा लूंगा, और ये आहार हो जाएंगे; और बहुत सी विपत्तियां और क्लेश इन पर आ पड़ेंगे, यहां तक कि ये उस समय कहेंगे, क्या ये विपत्तियां हम पर इस कारण तो नहीं आ पड़ीं, क्योंकि हमारा परमेश्वर हमारे मध्य में नहीं रहा? उस समय मैं उन सब बुराइयों के कारण जो ये पराये देवताओं की ओर फिरकर करेंगे नि:सन्देह उन से अपना मुंह छिपा लूंगा।
- Jeremiah 37:17 यिर्मयाह 37:17उसके बहुत दिन बीतने पर सिदकिरयाह राजा ने उसको बुलवा भेजा, और अपने भवन में उस से छिपकर यह प्रश्न किया, क्या यहोवा की ओर से कोई वचन पइुंचा है? यिर्मयाह ने कहा, हां, पहुंचा है। वह यह है, कि तू बाबुल के राजा के वश में कर दिया जाएगा।
- Deuteronomy 29:23–28 व्यवस्थाविवरण 29:23–28और यह भी देखकर कि इसकी सब भूमि गन्धक और लोन से भर गई है, और यहां तक जल गई है कि इस में न कुछ बोया जाता, और न कुछ जम सकता, और न घास उगती है, वरन सदोम और अमोरा, अदमा और सबोयीम के समान हो गया है जिन्हें यहोवा ने अपने कोप और जलजलाहट में उलट दिया था; और सब जातियों के लोग पूछेंगे, कि यहोवा ने इस देश से ऐसा क्यों किया? और इस बड़े कोप के भड़कने का क्या कारण है? तब लोग यह उत्तर देंगे, कि उनके पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा ने जो वाचा उनके साथ मि देश से निकालने के समय बान्धी थी उसको उन्हों ने तोड़ा है। और पराए देवताओं की उपासना की है जिन्हें वे पहिले नहीं जानते थे, और यहोवा ने उनको नहीं दिया था; इसलिये यहोवा का कोप इस देश पर भड़क उठा है, कि पुस्तक मे लिखे हुए सब शाप इस पर आ पडें; और यहोवा ने कोप, और जलजलाहट, और बड़ा ही क्रोध करके उन्हें उनके देश में से उखाड़ कर दूसरे देश में फेंक दिया, जैसा कि आज प्रगट है।।
- 1 Kings 22:7–8 1 राजा 22:7–8परन्तु यहोशापात ने पूछा, क्या यहां यहोवा का और भी कोई नबी नहीं है जिस से हम पूछ लें? इस्राएल के राजा ने यहोशापात से कहा, हां, यिम्ला का पुत्रा मीकायाह एक पुरूष और है जिसके द्वारा हम यहोेवा से पूछ सकते हैं? परन्तु मैं उस से घृणा रखता हूँ, क्योंकि वह मेरे विष्य कल्याण की नहीं वरन हानि ही की भविष्यद्वाणी करता है।
- 2 Kings 3:11 2 राजा 3:11परन्तु सहोशापात ने कहा, क्या यहां यहोवा का कोई नबी नहीं है, जिसके द्वारा हम यहोवा से पूछें़? इस्राएल के राजा के किसी कर्मचारी ने उत्तर देकर कहा, हां, शापात का पुत्रा एलीशा जो एलिरयाह के हाथों को धुलाया करता था वह तो यहां है।
- Revelation 6:17 प्रकाशितवाक्य 6:17क्योंकि उन के प्रकोप का भयानक दिन आ पहुंचा है, अब कौन ठहर सकता है?
- Romans 4:15 रोमियों 4:15व्यवस्था तो क्रोध उपजाती है और जहां व्यवस्था नहीं वहां उसका टालना भी नहीं।
- Psalm 76:7 भजन संहिता 76:7केवल तू ही भययोग्य है; और जब तू क्रोध करने लगे, तब तेरे साम्हने कौन खड़ा रह सकेगा?
Original words (Hebrew)
- Go · H3212יָלַךְ yâlak
- enquire · H1875דָּרַשׁ dârash
- people · H5971עַם ʻam
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- words · H1697דָּבָר dâbâr
- book · H5612סֵפֶר çêpher
- found · H4672מָצָא mâtsâʼ
- great · H1419גָּדוֹל gâdôwl
- wrath · H2534חֵמָה chêmâh
- kindled · H3341יָצַת yâtsath
- fathers · H1אָב ʼâb
- hearkened · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- words · H1697דָּבָר dâbâr
- book · H5612סֵפֶר çêpher
- do · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- written · H3789כָּתַב kâthab