2 Kings · chapter 25 · verse 26
2 Kings 25:26 in Hindi
तब क्या छोटे क्या बड़े सारी प्रजा के लोग और दलों के प्रधान कसदियों के डर के मारे उठकर मिस्र में जाकर रहने लगे।
Tab kyaa chhote kyaa bade saaree prajaa ke log aur dalom ke pradhaan kasadiyom ke dar ke maare uthakar misr mem jaakar rahane lage.
2 Kings 25:26 in English
- King James Version (KJV)
- And all the people, both small and great, and the captains of the armies, arose, and came to Egypt: for they were afraid of the Chaldees.
- World English Bible (WEB)
- All the people, both small and great, and the captains of the forces arose and came to Egypt; for they were afraid of the Chaldeans.
- American Standard Version (ASV)
- And all the people, both small and great, and the captains of the forces, arose, and came to Egypt; for they were afraid of the Chaldeans.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then all the people, small and great, and the captains of the forces, got up and went away to Egypt, for fear of the Chaldaeans.
- Darby Translation (DBY)
- And all the people, both small and great, and the captains of the forces, arose and came to Egypt; for they were afraid of the Chaldeans.
- Webster's Bible (WBS)
- And all the people, both small and great, and the captains of the armies, arose, and came to Egypt: for they were afraid of the Chaldees.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And all the people rise, from small even unto great, and the heads of the forces, and come in to Egypt, for they have been afraid of the presence of the Chaldeans.
Read in context
- 24और गदल्याह ने उन से और उनके जनों से शपथ खाकर कहा, कसदियों के सिपाहियों से न डरो, देश में रहते हुए बाबेल के राजा के अधीन रहो, तब नुम्हारा भला होगा।
- 25परन्तु सातवें महीने में नतन्याह का पुत्रा इश्माएल, जो एलीशामा का पोता और राजवंश का था, उस ने दस जन संग ले गदल्याह के पास जाकर उसे ऐसा मारा कि वह मर गया, और जो यहूदी और कसदी उसके संग मिस्पा में रहते थे, उनको भी मार डाला।
- 26तब क्या छोटे क्या बड़े सारी प्रजा के लोग और दलों के प्रधान कसदियों के डर के मारे उठकर मिस्र में जाकर रहने लगे।
- 27फिर यहूदा के राजा यहोयाकीन की बन्धुआई के तैंतीसवें वर्ष में अर्थात् जिस वर्ष में बाबेल का राजा एवील्मरोदक राजगद्दी पर विराजमान हुआ, उसी के बारहवें महीने के सत्ताईसवें दिन को उस ने यहूदा के राजा यहोयाकीन को बन्दीगृह से निकालकर बड़ा पद दिया।
- 28और उस से मधुर मधुर वचन कहकर जो राजा उसके संग बाबेल में बन्धुए थे उनके सिंहासनों से उसके सिंहासन को अधिक ऊंचा किया,
Cross references
- Jeremiah 43:4–7 यिर्मयाह 43:4–7सो कारेह का पुत्रा योहानान और दलों के सब प्रधानों और सब लोगों ने यहोवा की यह आज्ञा न मानी कि वे यहूदा के देश में ही रहें। और कारेह का पुत्रा योहानान और दलों के और सब प्रधान उन सब यहूदियों को जो अन्यजातियों के बीच तितरबितर हो गए थे, और उन में से लौटकर यहूदा देश में रहने लगे थे, वे उनको ले गए-- पुरूष, स्त्री, बालबच्चे, राजकुमारियां, और जितने प्राणियों को जल्लादों के प्रधान नबूजरदान ने गदल्याह को जो अहीकाम का पुत्रा और शापान का मोता था, सौंप दिया था, उनको और यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता और नेरिरयाह के पुत्रा बारूक को वे ले गए; और यहोवा की आज्ञा न मानकर वे मिस्र देश में तहपन्हेस नगर तक आ गए।
- Jeremiah 41:16–18 यिर्मयाह 41:16–18तब प्रजा में से जितने बच गए थे, अर्थात् जिन योद्वाओं, स्त्रियों, बालबच्चों और खोजों को कारेह का पुत्रा योहानान, अहीकाम के पुत्रा गदल्याह के मिस्पा में मारे जाने के बाद नतन्याह के पुत्रा इश्माएल के पास से छुड़ाकर गिबोन से फेर ले आया था, उनको वह अपने सब संगी दलों के प्रधानों समेत लेकर चल दिया। और बेतलेहेम के निकट जो किम्हाम की सराय है, उस में वे इसलिये टिक गए कि मिस्र में जाएं। क्योंकि वे कसदियों से डरते थे; इसका कारण यह था कि अहीकाम का पुत्रा गदल्याह जिसे बाबुल के राजा ने देश का अधिकारी ठहराया था, उसे नतन्याह के पुत्रा इश्माएल ने मार डाला था।
- Jeremiah 42:14–22 यिर्मयाह 42:14–22क्योंकि वहां न हम युद्व देखेंगे, न नरसिंगे का शब्द सुनेंगे और न हम को भोजन की धटी होगा, तो, हे बचे हुए यहूदियो, यहोवा का यह वचन सुनोे इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यों कहता है, कि यदि तुम सचमुच मिस्र की ओर जाने का मुंह करो, और वहां रहने के लिये जाओ, तो ऐसा होगा कि जिस तलवार से तुम डरते हो, वही वहां मिस्र देश में तुम को जा लेगी, और जिस महंगी का भय तुम खाते हो, वह मिस्र में तुम्हारा पीछा न छोड़ेगी; और वहीं तुम मरोगे। जितने मनुष्य मिस्र में रहने के लिये उसकी ओर मुंह करें, वे सब तलवार, महंगी और मरी से मरेंगे, और जो विपत्ति मैं उनके बीच डालूंगा, उस से कोई बचा न रहेगा। इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यों कहता है, कि जिस प्रकार से मेरा कोप और जलजलाहट यरूशलेम के निवासियों पर भड़क उठी थी, उसी प्रकार से यदि तुम मिस्र में जाओ, तो मेरी जलजलाहट तुम्हारे ऊपर ऐसी भड़क उठेगी कि लोग चकित होंगे, और तुम्हारी उपमा देकर शाप दिया करेंगे और तुम्हारी निन्दा किया करेंगे। तुम उस स्थान को फिर न देखने पाओगे। हे बचे हुए यहूदियो, यहोवा ने तुम्हारे विषय में कहा है, मिस्र में मत जाओ। तुम निश्चय जानो कि मैं ने आज तुम को चिताकर यह बात बता दी है। क्योंकि जब तुम ने मुझ को यह कहकर अपने परमेश्वर यहोवा के पास भेज दिया कि हमारे निमित्त हमारे परमेश्वर यहोवा से प्रार्थना कर और जो कुछ हमारा परमेश्वर यहोवा कहे उससी के अनुसार हम को बता और हम वैसा ही करेंगे, तब तुम जान बूझके अपने ही को धोखा देते थे। देखो, मैं आज तुम को बताए देता हूं, परन्तु, और जो कुछ तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने तुम से कहने के लिये मुझ को भेजा है, उस में से तुम कोई बात नहीं मानते। अब तुम निश्चय जानो, कि जिस स्थान में तुम परदेशी होके रहने की इच्छा करते हो, उस में तुम तलवार, महंगी और मरी से मर जाओगे।