2 Samuel · chapter 24 · verse 15
2 Samuel 24:15 in Hindi
तब यहोवा इस्राएलियों में बिहान से ले ठहराए हुए समय तक मरी फैलाए रहा; और दान से लेकर बेश् बा तक रहनेवाली प्रजा में से सत्तर हज़ार पुरूष मर गए।
Tab yahovaa israaeliyom mem bihaan se le thaharaae hue samay tak maree phailaae rahaa; aur daan se lekar besh baa tak rahanevaalee prajaa mem se sattar hajaar puroosh mar gae.
2 Samuel 24:15 in English
- King James Version (KJV)
- So the LORD sent a pestilence upon Israel from the morning even to the time appointed: and there died of the people from Dan even to Beer-sheba seventy thousand men.
- World English Bible (WEB)
- So the LORD sent a pestilence on Israel from the morning even to the appointed time; and seventy thousand men died of the people from Dan even to Beersheba.
- American Standard Version (ASV)
- So Jehovah sent a pestilence upon Israel from the morning even to the time appointed; and there died of the people from Dan even to Beer-sheba seventy thousand men.
- Bible in Basic English (BBE)
- So David made selection of the disease; and the time was the days of the grain-cutting, when the disease came among the people, causing the death of seventy thousand men from Dan as far as Beer-sheba.
- Darby Translation (DBY)
- And Jehovah sent a pestilence upon Israel from the morning even to the set time; and there died of the people from Dan even to Beer-sheba seventy thousand men.
- Webster's Bible (WBS)
- So the LORD sent a pestilence upon Israel from the morning even to the time appointed: and there died of the people from Dan even to Beer-sheba seventy thousand men.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jehovah giveth a pestilence on Israel from the morning even unto the time appointed, and there die of the people, from Dan even unto Beer-Sheba, seventy thousand men,
Read in context
- 13सो गाद ने दाऊद के पास जाकर इसका समाचार दिया, और उस से पूछा, क्या तेरे देश में सात वर्ष का अकाल पड़े? वा तीन महीने तक तेरे शत्रु तेरा पीछा करते रहें और तू उन से भागता रहे? वा तेरे देश में तीन दिन तक मरी फैली रहे? अब सोच विचार कर, कि मैं अपने भेजनेवाले को क्या उत्तर दूं।
- 14दाऊद ने गाद से कहा, मै बड़े संकट में हूँ; हम यहोवा के हाथ में पड़ें, क्योंकि उसकी दया बड़ी है; परन्तु मनुष्य के हाथ में मैं न पडूंगा।
- 15तब यहोवा इस्राएलियों में बिहान से ले ठहराए हुए समय तक मरी फैलाए रहा; और दान से लेकर बेश् बा तक रहनेवाली प्रजा में से सत्तर हज़ार पुरूष मर गए।
- 16परन्तु जब दूत ने यरूशलेम का नाश करने को उस पर अपना हाथ बढ़ाया, तब यहोवा वह विपत्ति डालकर शोकित हुआ, और प्रजा के नाश करनेवाले दूत से कहा, बस कर; अब अपना हाथ खींच। और यहोवा का दूत उस समय अरौना नाम एक यबूसी के खलिहान के पास था।
- 17तो जब प्रजा का नाश करनेवाला दूत दाऊद को दिखाई पड़ा, तब उस ने यहोवा से कहा, देख, पाप तो मैं ही ने किया, और कुटिलता मैं ही ने की है; परन्तु इन भेड़ों ने क्या किया है? सो तेरा हाथ मेरे और मेरे पिता के घराने के विरूद्ध हो।
Cross references
- 1 Chronicles 21:14 1 इतिहास 21:14तब यहोवा ने इस्राएल में मरी फैलाई, और इस्राएल में सत्तर हजार पुरूष मर मिटे।
- 1 Chronicles 27:24 1 इतिहास 27:24सरूयाह का पुत्रा योआब गिनती लेने लगा, पर निपटा न सका क्योंकि ईश्वर का क्रोध इस्राएल पर भड़का, और यह गिनती राजा दाऊद के इतिहास में नहीं लिखी गई।
- Revelation 6:8 प्रकाशितवाक्य 6:8और मैं ने दृष्टि की, और देखो, एक पीला सा घोड़ा है; और उसके सवार का नाम मृत्यु है: और अधोलोक उसके पीछे पीछे है और उन्हें पृथ्वी की एक चौथाई पर यह अधिकार दिया गया, कि तलवार, और अकाल, और मरी, और पृथ्वी के वनपशुओं के द्वारा लोगों को मार डालें।।
- Matthew 24:7 मत्ती 24:7क्योंकि जाति पर जाति, और राज्य पर राज्य चढ़ाई करेगा, और जगह जगह अकाल पड़ेंगे, और भुईंडोल होंगे।
- 1 Samuel 6:19 1 शमूएल 6:19फिर इस कारण से कि बेतशेमेश के लोगों ने यहोवा के सन्दूक के भीतर झांका था उस ने उन में से सत्तर मनुष्य, और फिर पचास हजार मनुष्य मार डाले; और वहां के लोगों ने इसलिये विलाप किया कि यहोवा ने लोगों का बड़ा ही संहार किया था।
- 1 Chronicles 27:4 1 इतिहास 27:4और दूसरे महीने के दल का अधिकारी दोदै नाम एक अहोही था, और उसके दल का प्रधान मिक्लोत था, और उसके दल में चौबीस हजार थे।
- Numbers 25:9 गिनती 25:9और मरी से चौबीस हजार मनुष्य मर गए।।
- Isaiah 37:36 यशायाह 37:36ब यहोवा के दूत ने निकलकर अश्शूरियों की छावनी में एक लाख पचासी हजार पुरूषों को मारा; और भोर को जब लोग सवेरे उठे तब क्या देखा कि लोथ ही लोथ पड़ी हैं।
- Numbers 16:46–49 गिनती 16:46–49और मूसा ने हारून से कहा, धूपदान को लेकर उस में वेदी पर से आग रखकर उस पर धूप डाल, मण्डली के पास फुरती से जाकर उसके लिये प्रायश्चित्त कर; क्योंकि यहोवा का कोप अत्यन्त भड़का है, और मरी फैलने लगी है। मूसा की आज्ञा के अनुसार हारून धूपदान लेकर मण्डली के बीच में दौड़ा गया; और यह देखकर कि लोगों में मरी फैलने लगी है, उस ने धूप जलाकर लोगों के लिये प्रायश्चित्त किया। और वह मुर्दों और जीवित के मध्य में खड़ा हुआ; तब मरी थम गई। और जो कोरह के संग भागी होकर मर गए थे, उन्हें छोड़ जो लोग इस मरी से मर गए वे चौदह हजार सात सौ थे।
- 2 Samuel 24:2 2 शमूएल 24:2सो राजा ने योआब सेनापति से जो उसके पास था कहा, तू दान से बेश् बा तक रहनेवाले सब इस्राएली गोत्रों में इधर उधर घूम, और तुम लोग प्रजा की गिनती लो, ताकि मैं जान लूं कि प्रजा की कितनी गिनती है।
Original words (Hebrew)
- sent · H5414נָתַן nâthan
- pestilence · H1698דֶּבֶר deber
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- morning · H1242בֹּקֶר bôqer
- time · H6256עֵת ʻêth
- appointed · H4150מוֹעֵד môwʻêd
- died · H4191מוּת mûwth
- people · H5971עַם ʻam
- Dan · H1835דָּן Dân
- Beer-sheba · H884בְּאֵר שֶׁבַע Bᵉʼêr Shebaʻ
- seventy · H7657שִׁבְעִים shibʻîym
- thousand · H505אֶלֶף ʼeleph
- men · H376אִישׁ ʼîysh