Deuteronomy · chapter 7 · verse 26
Deuteronomy 7:26 in Hindi
और कोई घृणित वस्तु अपने घर में न ले आना, नहीं तो तू भी उसके समान नष्ट हो जाने की वस्तु ठहरेगा; उसे सत्यानाश की वस्तु जानकर उस से घृणा करना और उसे कदापि न चाहना; क्योंकि वह अशुद्ध वस्तु है।
Aur koee ghrunit vastu apane ghar mem na le aanaa, naheem to too bhee usake samaan nasht ho jaane kee vastu thaharegaa; use satyaanaash kee vastu jaanakar us se ghrunaa karanaa aur use kadaapi na chaahanaa; kyonki vah ashuddh vastu hai.
Deuteronomy 7:26 in English
- King James Version (KJV)
- Neither shalt thou bring an abomination into thine house, lest thou be a cursed thing like it: [but] thou shalt utterly detest it, and thou shalt utterly abhor it; for it [is] a cursed thing.
- World English Bible (WEB)
- You shall not bring an abomination into your house and become a devoted thing like it. You shall utterly detest it. You shall utterly abhor it; for it is a devoted thing.
- American Standard Version (ASV)
- And thou shalt not bring an abomination into thy house, and become a devoted thing like unto it: thou shalt utterly detest it, and thou shalt utterly abhor it; for it is a devoted thing.
- Bible in Basic English (BBE)
- And you may not take a disgusting thing into your house, and so become cursed with its curse: but keep yourselves from it, turning from it with fear and hate, for it is a cursed thing.
- Darby Translation (DBY)
- And thou shalt not bring an abomination into thy house, lest thou be a cursed thing like it: thou shalt utterly detest it, and thou shalt utterly abhor it; for it is a cursed thing.
- Webster's Bible (WBS)
- Neither shalt thou bring an abomination into thy house, lest thou shouldst be a cursed thing like it: [but] thou shalt utterly detest it, and thou shalt utterly abhor it; for it [is] a cursed thing.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and thou dost not bring in an abomination unto thy house — or thou hast been devoted like it; — thou dost utterly detest it, and thou dost utterly abominate it; for it [is] devoted.
Read in context
- 24और वह उनके राजाओं को तेरे हाथ में करेगा, और तू उनका भी नाम धरती पर से मिटा डालेगा; उन में से कोई भी तेरे साम्हने खड़ा न रह सकेगा, और अन्त में तू उन्हें सत्यानाश कर डालेगा।
- 25उनके देवताओं की खुदी हुई मूर्त्तियां तुम आग में जला देना; जो चांदी वा सोना उन पर मढ़ा हो उसका लालच करके न ले लेना, नहीं तो तू उसके कारण फन्दे में फंसेगा; क्योंकि ऐसी वस्तुएं तुम्हारे परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में घृणित हैं।
- 26और कोई घृणित वस्तु अपने घर में न ले आना, नहीं तो तू भी उसके समान नष्ट हो जाने की वस्तु ठहरेगा; उसे सत्यानाश की वस्तु जानकर उस से घृणा करना और उसे कदापि न चाहना; क्योंकि वह अशुद्ध वस्तु है।
Cross references
- Deuteronomy 13:17 व्यवस्थाविवरण 13:17और कोई सत्यानाश की वस्तु तेरे हाथ न लगने पाए; जिस से यहोवा अपने भड़के हुए कोप से शान्त होकर जैसा उस ने तेरे पूर्वजों से शपथ खाई थी वैसा ही तुझ से दया का व्यवहार करे, और दया करके तुझ को गिनती में बढ़ाए।
- Hosea 14:8 होशे 14:8एप्रैम कहेगा, मूरतों से अब मेरा और क्या काम? मैं उसकी सुनकर उस पर दृष्टि बनाए रखूंगा। मैं हरे सनौवर सा हूं; मुझी से तू फल पाया करेगा।।
- Ezekiel 11:18 यहेजकेल 11:18और वे वहां पहुंचकर उस देश की सब घृणित मूरतें और सब घृणित काम भी उस में से दूर करेंगे।
- Romans 2:22 रोमियों 2:22तू जो कहता है, व्यभिचार न करना, क्या आप ही व्यभिचार करता है? तू जो मूरतों से घृणा करता है, क्या आप ही मन्दिरों को लूटता है।
- Isaiah 30:22 यशायाह 30:22तब तुम वह चान्दी जिस से तुम्हारी खुदी हुई मूत्तियां मढ़ी हैं, और वह सोना जिस से तुम्हारी ढली हुई मूत्तियां आभूषित हैं, अशुद्ध करोगे। तुम उनको मैले कुचैले वस्त्रा की नाईं फेंक दोगे और कहोगे, दूर हो।
- Ezekiel 14:7 यहेजकेल 14:7क्योंकि इस्राएल के घराने में से और उसके बीच रहनेवाले परदेशियों में से भी कोई क्यों न हो, जो मेरे पीछे हो लेना छोड़कर अपनी मूरतें अपने मन में स्थापित करे, और अपने अधर्म की ठोकर अपने साम्हने रखे, और तब मुझ से अपनी कोई बात पूछने के लिये भविष्यद्वक्ता के पास आए, तो उसको, मैं यहोवा आप ही उत्तर दूंगा।
- Joshua 7:1–26 यहोशू 7:1–26परन्तु इस्राएलियों ने अर्पण की वस्तु के विषय में विश्वासघात किया; अर्थात् यहूदा के गोत्रा का आकान, जो जेरहवंशी जब्दी का पोता और कर्म्मी का पुत्रा था, उस ने अर्पण की वस्तुओं में से कुछ ले लिया; इस कारण यहोवा का कोप इस्राएलियों पर भड़क उठा।। और यहोशू ने यरीहो से ऐ नाम नगर के पास, जो बेतावेन से लगा हुआ बेतेल की पूर्व की ओर है, कितने पुरूषों को यह कहकर भेजा, कि जाकर देश का भेद ले आओ। और उन पुरूषों ने जाकर ऐ का भेद लिया। और उन्हों ने यहोशू के पास लौटकर कहा, सब लोग वहां न जाएं, कोई दो वा तीन हजार पुरूष जाकर ऐ को जीत सकते हैं; सब लोगों को वहां जाने का कष्ट न दे, क्योंकि वे लोग थोड़े ही हैं। इसलिये कोई तीन हजार पुरूष वहां गए; परन्तु ऐ के रहनेवालों के साम्हने से भाग आए, तब ऐ के रहनेवालों ने उन में से कोई छत्तीस पुरूष मार डाले, और अपने फाटक से शबारीम तक उनका पीछा करके उतराई में उनको मारते गए। तब लोगों का मन पिघलकर जल सा बन गया। तब यहोशू ने अपने वस्त्रा फाड़े, और वह और इस्राएली वृद्ध लोग यहोवा के सन्दूक के साम्हने मुंह के बल गिरकर पृथ्वी पर सांझ तक पड़े रहे; और उन्हों ने अपने अपने सिर पर धूल डाली। और यहोशू ने कहा, हाय, प्रभु यहोवा, तू अपनी इस प्रजा को यरदन पार क्यों ले आया? क्या हमें एमोरियों के वश में करके नष्ट करने के लिये ले आया है? भला होता कि हम संतोष करके यरदन के उस पार रह जाते। हाय, प्रभु मैं क्या कहूं, जब इस्राएलियों ने अपने शत्रुओं को पीठ दिखाई है! क्योंकि कनानी वरन इस देश के सब निवासी यह सुनकर हम को घेर लेंगे, और हमारा नाम पृथ्वी पर से मिटा डालेंगे; फिर तू अपने बड़े नाम के लिये क्या करेगा? यहोवा ने यहोशू से कहा, उठ, खड़ा हो जा, तू क्यों इस भांति मुंह के बल पृथ्वी पर पड़ा है? इस्राएलियों ने पाप किया है; और जो वाचा मैं ने उन से अपने साथ बन्धाई थी उसको उन्हों ने तोड़ दिया है, उन्हों ने अर्पण की वस्तुओं में से ले लिया, वरन चोरी भी की, और छल करके उसको अपने सामान में रख लिया है। इस कारण इस्राएली अपने शत्रुओं के साम्हने खड़े नहीं रह सकते; वे अपने शत्रुओं को पीठ दिखाते हैं, इसलिये कि वे आप अर्पण की वस्तु बन गए हैं। और यदि तुम अपने मध्य में से अर्पण की वस्तु को सत्यानाश न कर डालोगे, तो मैं आगे को तुम्हारे संग नहीं रहूंगा। उठ, प्रजा के लोगों को पवित्रा कर, उन से कह; कि बिहान तक अपने अपने को पवित्रा कर रखो; क्योंकि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यह कहता है, कि हे इस्राएल, तेरे मध्य में अर्पण की वस्तु है; इसलिये जब तक तू अर्पण की वस्तु को अपने मध्य में से दूर न करे तब तक तू अपने शत्रुओं के साम्हने खड़ा न रह सकेगा। इसलिये बिहान को तुम गोत्रा गोत्रा के अनुसार समीप खड़े किए जाओगे; और जिस गोत्रा को यहोवा पकड़े वह एक एक कुल करके पास आए; और जिस कुल को यहोवा पकड़े सो घराना घराना करके पास आए; फिर जिस घराने को यहोवा पकड़े वह एक एक पुरूष करके पास आए। तब जो पुरूष अर्पण की वस्तु रखे हुए पकड़ा जाएगा, वह और जो कुछ उसका हो सब आग में डालकर जला दिया जाए; क्योंकि उस ने यहोवा की वाचा को तोड़ा है, और इस्राएल में अनुचित कर्म किया है।। बिहान को यहोशू सवेरे उठकर इस्राएलियों को गोत्रा गोत्रा करके समीप लिवा ले गया, और यहूदा का गोत्रा पकड़ा गया; तब उस ने यहूदा के परिवार को समीप किया, और जेरहवंशियों का कुल पकड़ा गया; फिर जेरहवंशियों के घराने के एक एक पुरूष को समीप लाया, और जब्दी पकडा गया; तब उस ने उसके घराने के एक एक पुरूष को समीप खड़ा किया, और यहूदा गोत्रा का आकान, जो जेरहवंशी जब्दी का पोता और कर्म्मी का पुत्रा था, पकड़ा गया। तब यहोशू आकान से कहने लगा, हे मेरे बेटे, इस्राएल के परमेश्वर यहोवा का आदर कर, और उसके आगे अंगीकार कर; और जो कुछ तू ने किया है वह मुझ को बता दे, और मुझ से कुछ मत छिपा। और आकान ने यहोशू को उत्तर दिया, कि सचमुच मैं ने इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के विरूद्ध पाप किया है, और इस प्रकार मैं ने किया है, कि जब मुझे लूट में शिनार देश का एक सुन्दर ओढ़ना, और दो सौ शेकेल चांदी, और पचास शेकेल सोने की एक ईट देख पड़ी, तब मैं ने उनका लालच करके उन्हें रख लिया; वे मेरे डेरे के भीतर भूमि में गड़े हैं, और सब के नीचे चांदी है। तब यहोशू ने दूत भेजे, और वे उस डेरे में दौड़े गए; और क्या देखा, कि वे वस्तुएं उसके डेरे में गड़ी हैं, और सब के नीचे चांदी है। उनको उन्हों ने डेरे में से निकालकर यहोशू और सब इस्राएलियों के पास लाकर यहोवा के साम्हने रख दिया। तब सब इस्राएलियों समेत यहोशू जेरहवंशी आकान को, और उस चांदी और ओढ़ने और सोने की ईंट को, और उसके बेटे- बेटियों को, और उसके बैलों, गदहों और भेड़- बकरियों को, और उसके डेरे को, निदान जो कुछ उसका था उन सब को आकोर नाम तराई में ले गया। तब यहोशू ने उस से कहा, तू ने हमें क्यों कष्ट दिया है? आज के दिन यहोवा तुझी को कष्ट देगा। तब सब इस्राएलियों ने उसको पत्थरवाह किया; और उनको आग में डालकर जलाया, और उनके ऊपर पत्थर डाल दिए। और उन्हों ने उसके ऊपर पत्थरों का बड़ा ढेर लगा दिया जो आज तक बना है; तब यहोवा का भड़का हुआ कोप शान्त हो गया। इस कारण उस स्थान का नाम आज तक आकोर तराई पड़ा है।।
- Leviticus 27:28–29 लैव्यव्यवस्था 27:28–29परन्तु अपनी सारी वस्तुओं में से जो कुछ कोई यहोवा के लिये अर्पण करे, चाहे मनुष्य हो चाहे पशु, चाहे उसकी निज भूमि का खेत हो, ऐसी कोई अर्पण की हुई वस्तु न तो बेची जाए और न छुड़ाई जाए; जो कुछ अर्पण किया जाए वह यहोवा के लिये परमपवित्र ठहरे। मनुष्यों में से जो कोई अर्पण किया जाए, वह छुड़ाया न जाए; निश्चय वह मार डाला जाए॥
- Joshua 6:17–24 यहोशू 6:17–24और नगर और जो कुछ उस में है यहोवा के लिये अर्पण की वस्तु ठहरेगी; केवल राहाब वेश्या और जितने उसके घर में हों वे जीवित छोड़े जाएंगे, क्योंकि उस ने हमारे भेजे हुए दूतों को छिपा रखा था। और तुम अर्पण की हुई वस्तुओं से सावधानी से अपने आप को अलग रखो, ऐसा न हो कि अर्पण की वस्तु ठहराकर पीछे उसी अर्पण की वस्तु में से कुछ ले लो, और इस प्रकार इस्राएली छावनी को भ्रष्ट करके उसे कष्ट में डाल दो। सब चांदी, सोना, और जो पात्रा पीतल और लोहे के हैं, वे यहोवा के लिये पवित्रा हैं, और उसी के भण्डार में रखे जाएं। तब लोगों ने जयजयकार किया, और याजक नरसिंगे फूंकते रहे। और जब लोगों ने नरसिंगे का शब्द सुना तो फिर बड़ी ही ध्वनि से उन्हों ने जयजयकार किया, तब शहरपनाह नवे से गिर पड़ी, और लोग अपने अपने साम्हने से उस नगर में चढ़ गए, और नगर को ले लिया। और क्या पुरूष, क्या स्त्री, क्या जवान, क्या बूढ़े, वरन बैल, भेड़- बकरी, गदहे, और जितने नगर में थे, उन सभों को उन्हों ने अर्पण की वस्तु जानकर तलवार से मार डाला। तब यहोशू ने उन दोनों पुरूषों से जो उस देश का भेद लेने गए थे कहा, अपनी शपथ के अनुसार उस वेश्या के घर में जाकर उसको और जो उसके पास हों उन्हें भी निकाल ले आओ। तब वे दोनों जवान भेदिए भीतर जाकर राहाब को, और उसके माता- पिता, भाइयों, और सब को जो उसके यहां रहते थे, वरन उसके सब कुटुम्बियों को निकाल लाए, और इस्राएल की छावनी से बाहर बैठा दिया। तब उन्हों ने नगर को, और जो कुछ उस में था, सब को आग लगाकर फूंक दिया; केवल चांदी, सोना, और जो पात्रा पीतल और लोहे के थे, उनको उन्हों ने यहोवा के भवन के भण्डार में रख दिया।
- Zechariah 5:4 जकर्याह 5:4सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है, मैं उसको ऐसा चलाऊंगा कि वह चोर के घर में और मेरे नाम की झूठी शपथ खानेवाले के घर में घुसकर ठहरेगा, और उसको लकड़ी और पत्थरों समेत नाश कर देगा।।
- Habakkuk 2:9–11 हबक्कूक 2:9–11हाय उस पर, जो अपने धर के लिये अन्याय के लाभ का लोभी है ताकि वह अपना घोंसला ऊंचे स्थान में बनाकर विपत्ति से बचे। तू ने बहुत सी जातियों को काटकर अपने घर लिये लज्जा की युक्ति बान्धी, और अपने ही प्राण का दोषी ठहरा है। क्योंकि घर की भीत का पत्थर दोहाई देता है, और उसके छत की कड़ी उनके स्वर में स्वर मिलाकर उत्तर देती हैं।
- Isaiah 2:20 यशायाह 2:20उस दिन लोग अपनी चान्दी- सोने की मूरतों को जिन्हें उन्हों ने दण्डवत् करने के लिये बनाया था, छछून्दरों और चमगीदड़ों के आगे फेंकेंगे,