Esther · chapter 1 · verse 10
Esther 1:10 in Hindi
सातवें दिन, जब राजा का मन दाखमधु में मग्न था, तब उस ने महूमान, बिजता, हब ना, बिगता, अबगता, जेतेर और कर्कस नाम सातों खेजों को जो क्षयर्ष राजा के सम्मुख सेवा टहल किया करते थे, आज्ञा दी,
Saatavem din, jab raajaa kaa man daakhamadhu mem magn thaa, tab us ne mahoomaan, bijataa, hab naa, bigataa, abagataa, jeter aur karkas naam saatom khejom ko jo kshayarsh raajaa ke sammukh sevaa tahal kiyaa karate the, aajnyaa dee,
Esther 1:10 in English
- King James Version (KJV)
- On the seventh day, when the heart of the king was merry with wine, he commanded Mehuman, Biztha, Harbona, Bigtha, and Abagtha, Zethar, and Carcas, the seven chamberlains that served in the presence of Ahasuerus the king,
- World English Bible (WEB)
- On the seventh day, when the heart of the king was merry with wine, he commanded Mehuman, Biztha, Harbona, Bigtha, and Abagtha, Zethar, and Carcass, the seven eunuchs who served in the presence of Ahasuerus the king,
- American Standard Version (ASV)
- On the seventh day, when the heart of the king was merry with wine, he commanded Mehuman, Biztha, Harbona, Bigtha, and Abagtha, Zethar, and Carcas, the seven chamberlains that ministered in the presence of Ahasuerus the king,
- Bible in Basic English (BBE)
- On the seventh day, when the heart of the king was glad with wine, he gave orders to Mehuman, Biztha, Harbona, Bigtha, and Abagtha, Zethar, and Carcas, the seven unsexed servants who were waiting before Ahasuerus the king,
- Darby Translation (DBY)
- On the seventh day, when the king's heart was merry with wine, he commanded Mehuman, Biztha, Harbona, Bigtha, and Abagtha, Zethar, and Carcas, the seven chamberlains that served in the presence of king Ahasuerus,
- Webster's Bible (WBS)
- On the seventh day, when the heart of the king was merry with wine, he commanded Mehuman, Biztha, Harbona, Bigtha, and Abagtha, Zethar, and Carcas, the seven chamberlains that served in the presence of Ahasuerus the king,
- Young's Literal Translation (YLT)
- On the seventh day, as the heart of the king is glad with wine, he hath said to Mehuman, Biztha, Harbona, Bigtha, and Abagtha, Zethar, and Carcas, the seven eunuchs who are ministering in the presence of the king Ahasuerus,
Read in context
- 8पीना तो नियम के अनुसार होता था, किसी को बरबस नहीं पिलाया जाता था; क्योंकि राजा ने तो अपने भवन के सब भणडारियों को आज्ञा दी थी, कि जो पाहुन जैसा चाहे उसके साथ वैसा ही बर्ताव करना।
- 9रानी बशती ने भी राजा क्षयर्ष के भवन में स्त्रियों की जेवनार की।
- 10सातवें दिन, जब राजा का मन दाखमधु में मग्न था, तब उस ने महूमान, बिजता, हब ना, बिगता, अबगता, जेतेर और कर्कस नाम सातों खेजों को जो क्षयर्ष राजा के सम्मुख सेवा टहल किया करते थे, आज्ञा दी,
- 11कि रानी वशती को राजमुकुट धारण किए हुए राजा के सम्मुख ले आओ; जिस से कि देश देश के लोगों और हाकिमों पर उसकी सुन्दरता प्रगट हो जाए; क्योंकि वह देखने में सुन्दर थी।
- 12खोजों के द्वारा राजा की यह आज्ञा पाकर रानी वशती ने आने से इनकार किया। इस पर राजा बड़े क्रोध से जलने लगा।
Cross references
- Judges 16:25 न्यायियों 16:25जब उनका मन मगन हो गया, तब उन्हों ने कहा, शिमशोन को बुलवा लो, कि वह हमारे लिये तमाशा करे। इसलिये शिमशोन बन्दीगृह में से बुलवाया गया, और उनके लिये तमाशा करने लगा, और खम्भों के बीच खड़ा कर दिया गया।
- Esther 7:9 एस्तेर 7:9तब राजा के साम्हने उपस्थ्ति रहनेवाले खोजों में से हव ना नाम एक ने राजा से कहा, हामान को यहां पचास हाथ ऊंचा फांसी का एक खम्भा खड़ा है, जो उस ने मोर्दकै के लिये बनवाया है, जिस ने राजा के हित की बात कही थी। राजा ने कहा, उसको उसी पर लटका दो।
- 2 Samuel 13:28 2 शमूएल 13:28औा अबशालोम ने अपने सेवको को आज्ञा दी, कि सावधान रहो और जब अम्नोन दाखमधु पीकर नशे में आ जाए, और मैं तुम से कहूं, अम्नोन को मार डालना। क्या इस आज्ञा का देनेवाला मैं नहीं हूं? हियाव बान्धकर पुरूषार्थ करना।
- Ecclesiastes 7:2–4 सभोपदेशक 7:2–4जेवनार के घर जाने से शोक ही के घर जाना उत्तम है; क्योंकि सब मनुष्यों का अन्त यही है, और जो जीवित है वह मन लगाकर इस पर सोचेगा। हंसी से खेद उत्तम है, क्योंकि मुंह पर के शोक से मन सुधरता है। बुद्धिमानों का मन शोक करनेवालों के घर की ओर लगा रहता है परन्तु मूर्खों का मन आनन्द करनेवालों के घर लगा रहता है।
- Proverbs 20:1 नीतिवचन 20:1दाखमधु ठट्ठा करनेवाला और मदिरा हल्ला मचानेवाली है; जो कोई उसके कारण चूक करता है, वह बुद्धिमान नहीं।
- Ephesians 5:18–19 इफिसियों 5:18–19और दाखरस से मतवाले न बनो, क्योंकि इस से लुचपर होता है, पर आत्मा से परिपूर्ण होते जाओ। और आपस में भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाया करो, और अपने अपने मन में प्रभु के साम्हने गाते और कीर्तन करते रहो।
- Genesis 43:34 उत्पत्ति 43:34तब यूसुफ अपने साम्हने से भोजन- वस्तुएं उठा उठाके उनके पास भेजने लगा, और बिन्यामीन को अपने भाइयों से पचगुणी अधिक भोजनवस्तु मिली। और उन्हों ने उसके संग मनमाना खाया पिया।
- Daniel 1:18–19 दानिय्येल 1:18–19तब जितने दिन के बाद नबूकदनेस्सर राजा ने जवानों को भीतर ले आने की आज्ञा दी थी, उतने दिन के बीतने पर खोजों के प्रधान उन्हें उसके सामने ले गया। और राजा उन से बातचीत करने लगा; और दानिरयेल, हनन्याह, मीशाएल, और अजर्याह के तुल्य उन सब में से कोई न ठहरा; इसलिये वे राजा के सम्मुख हाजिर रहने लगे।
- 1 Samuel 25:36–37 1 शमूएल 25:36–37तब अबीगैल नाबाल के पास लौट गई; और क्या देखती है, कि वह घर में राजा की सी जेवनार कर रहा है। और नाबाल का मन मगन है, और वह नशे में अति चूर हो गया है; इसलियेउस ने भोर के उजियालेहाने से पहिले उस से कुछ भी न कहा। बिहान को जब नाबाल का नशा उतर गया, तब उसकी पत्नी ने उसे कुल हाल सुना दिया, तब उसके मन का हियाव जाता रहा, और वह पत्थर सा सुन्न हो गया।
- Ecclesiastes 10:19 सभोपदेशक 10:19भोज हंसी खुशी के लिये किया जाता है, और दाखमधु से जीवन को आनन्द मिलता है; और रूपयों से सब कुछ प्राप्त होता है।
- Daniel 1:3–5 दानिय्येल 1:3–5तब उस राजा ने अपने खोजों के प्रधान अशपनज को आज्ञा दी कि इस्राएली राजपुत्रों और प्रतिष्ठित पुरूषों में से ऐसे कई जवानों को ला, जो निर्दोष, सुन्दर और सब प्रकार की बुद्धि में प्रवीण, और ज्ञान में निपुण और विद्वान् और राजमन्दिर में हाजिर रहने के योग्य हों; और उन्हें कसदियों के शास्त्रा और भाषा की शिक्षा दे। और राजा ने आज्ञा दी कि उसके भोजन और पीने के दाखमधु में से उन्हें प्रतिदिन खाने- पीने को दिया जाए। इस प्रकार तीन वर्ष तक उनका पालन पोषण होता रहे; तब उसके बाद वे राजा के साम्हने हाजिर किए जाएं।
Original words (Hebrew)
- seventh · H7637שְׁבִיעִי shᵉbîyʻîy
- day · H3117יוֹם yôwm
- heart · H3820לֵב lêb
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- merry · H2896טוֹב ṭôwb
- wine · H3196יַיִן yayin
- commanded · H559אָמַר ʼâmar
- Mehuman · H4104מְהוּמָן Mᵉhûwmân
- Biztha · H968בִּזְתָא Bizthâʼ
- Harbona · H2726חַרְבוֹנָא Charbôwnâʼ
- Bigtha · H903בִּגְתָא Bigthâʼ
- Abagtha · H5אֲבַגְתָא ʼĂbagthâʼ
- Zethar · H2242זֵתַר Zêthar
- Carcas · H3752כַּרְכַּס Karkaç
- seven · H7651שֶׁבַע shebaʻ
- chamberlains · H5631סָרִיס çârîyç
- served · H8334שָׁרַת shârath
- presence · H6440פָּנִים pânîym
- Ahasuerus · H325אֲחַשְׁוֵרוֹשׁ ʼĂchashvêrôwsh
- king · H4428מֶלֶךְ melek