Exodus · chapter 25 · verse 18
Exodus 25:18 in Hindi
और सोना ढालकर दो करूब बनवाकर प्रायश्चित्त के ढकने के दोनों सिरों पर लगवाना।
Aur sonaa dhaalakar do karoob banavaakar praayashchitt ke dhakane ke donom sirom par lagavaanaa.
Exodus 25:18 in English
- King James Version (KJV)
- And thou shalt make two cherubims [of] gold, [of] beaten work shalt thou make them, in the two ends of the mercy seat.
- World English Bible (WEB)
- You shall make two cherubim of hammered gold. You shall make them at the two ends of the mercy seat.
- American Standard Version (ASV)
- And thou shalt make two cherubim of gold; of beaten work shalt thou make them, at the two ends of the mercy-seat.
- Bible in Basic English (BBE)
- And at the two ends of the cover you are to make two winged ones of hammered gold,
- Darby Translation (DBY)
- And thou shalt make two cherubim of gold; [of] beaten work shalt thou make them, at the two ends of the mercy-seat.
- Webster's Bible (WBS)
- And thou shalt make two cherubim [of] gold, [of] beaten work shalt thou make them, in the two ends of the mercy-seat.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and thou hast made two cherubs of gold, beaten work dost thou make them, at the two ends of the mercy-seat;
Read in context
- 16और जो साक्षीपत्रा मैं तुझे दूंगा उसे उसी सन्दूक में रखना।
- 17फिर चोखे सोने का एक प्रायश्चित्त का ढकना बनवाना; उसकी लम्बाई अढ़ाई हाथ, और चौड़ाई डेढ़ हाथ की हो।
- 18और सोना ढालकर दो करूब बनवाकर प्रायश्चित्त के ढकने के दोनों सिरों पर लगवाना।
- 19एक करूब तो एक सिरे पर और दूसरा करूब दूसरे सिरे पर लगवाना; और करूबों को और प्रायश्चित्त के ढकने को उसके ही टुकडे से बनाकर उसके दोनो सिरों पर लगवाना।
- 20और उन करूबों के पंख ऊपर से ऐसे फैले हुए बनें कि प्रायश्चित्त का ढकना उन से ढंपा रहे, और उनके मुख आम्हने- साम्हने और प्रायश्चित्त के ढकने की ओर रहें।
Cross references
- Ezekiel 10:20 यहेजकेल 10:20ये वे ही जीवधारी हैं जो मैं ने कबार नदी के पास इस्राएल के परमेश्वर के नीचे देखे थे; और मैं ने जान लिया कि वे भी करूब हैं
- Hebrews 9:5 इब्रानियों 9:5और उसके ऊपर दोनों तेजोमय करूब थे, जो प्रायश्चित्त के ढकने पर छाया किए हुए थे: इन्हीं का एक एक करके बखान करने का अभी अवसर नहीं है।
- Ezekiel 10:2 यहेजकेल 10:2तब यहोवा ने उस सन के वस्त्रा पहिने हुए पुरूष से कहा, घूमनेवाले पहियों के बीच करूबों के नीचे जा और अपनी दोनों मुटि्ठयों को करूबों के बीच के अंगारों से भरकर नगर पर छितरा दे। सो वह मेरे देखते देखते उनके बीच में गया।
- 1 Kings 8:6–7 1 राजा 8:6–7तब याजकों ने यहोवा की वाचा का सन्दूक उसके स्थान को अर्थात् भवन के दर्शन- स्थान में, जो परमपवित्रा स्थान है, पहुंचाकर करूबों के पंखों के तले रख दिया। करूब तो सन्दूक के स्थान के ऊपर पंख ऐसे फैलाए हुए थे, कि वे ऊपर से सन्दूक और उसके डंडों को ढांके थे।
- 1 Chronicles 28:18 1 इतिहास 28:18और धूप की वेदी के लिये तपाया हुआ सोना तौलकर, और रथ अर्थत् यहोवा की वाचा का सन्दूक ढांकनेवाले और पंख फैलाए हुए करूबों के नमूने के लिये सोना दे दिया।
- Exodus 37:7–9 निर्गमन 37:7–9और उस ने सोना गढ़कर दो करूब प्रायश्चित्त के ढकने के दानों सिरों पर बनाए; एक करूब तो एक सिरे पर, और दूसरा करूब दूसरे सिरे पर बना; उस ने उनको प्रायश्चित्त के ढकने के साथ एक ही टुकडे के दोनों सिरों पर बनाया। और करूबों के पंख ऊपर से फैले हुए बने, और उन पंखों से प्रायश्चित्त का ढकना ढपा हुआ बना, और उनके मुख आम्हने- साम्हने और प्रायश्चित्त के ढकने की ओर किए हुए बने।।
- Ezekiel 41:18–19 यहेजकेल 41:18–19और उस में करूब और खजूर के पेड़ ऐसे हुदे हुए थे कि दो दो करूबों के बीच एक एक खजूर का पेड़ था; और करूबों के दो दो मुख थे। इस प्रकार से एक एक खजूर की एक ओर मनुष्य का मुख बनाया हुआ था, और दूसरी ओर जवान सिंह का मुख बनाया हुआ था। इसी रीति सारे भवन के चारों ओर बना था।
- Genesis 3:24 उत्पत्ति 3:24इसलिये आदम को उस ने निकाल दिया और जीवन के वृक्ष के मार्ग का पहरा देने के लिये अदन की बाटिका के पूर्व की ओर करूबों को, और चारों ओर घूमनेवाली ज्वालामय तलवार को भी नियुक्त कर दिया।।
- 1 Samuel 4:4 1 शमूएल 4:4तब उन लोगों ने शीलों में भेजकर वहां से करूबों के ऊपर विराजनेवाले सेनाओं के यहोवा की वाचा का सन्दूक मंगा लिया; और परमेश्वर की वाचा के सन्दूक के साथ एली के दोनों पुत्रा, होप्नी और पिनहास भी वहां थे।
- 1 Kings 6:23–28 1 राजा 6:23–28दर्शन- स्थान में उस ने दस दस हाथ ऊंचे जलपाई की लकड़ी के दो करूब बना रखे। एक करूब का एक पंख पांच हाथ का था, और उसका दूसरा पंख भी पांच हाथ का था, एक पंख के सिरे से, दूसरे पंख के सिरे तक दस हाथ थे। और दूसरा करूब भी दस हाथ का था; दोनों करूब एक ही नाप और एक ही आकार के थे। एक करूब की ऊंचाई दस हाथ की, और दूसरे की भी इतनी ही थी। और उस ने करूबों को भीतरवाले स्थान में धरवा दिया; और करूबों के पंख ऐसे फैले थे, कि एक करूब का एक पंख, एक भीत से, और दूसरे का दूसरा पंख, दूसरी भीत से लगा हुआ था, फिर उनके दूसरे दो पंख भवन के मध्य में एक दूसरे से लगे हुए थे। और करूबों को उस ने सोने से मढ़वाया।