Ezekiel · chapter 32 · verse 2
Ezekiel 32:2 in Hindi
हे मनुष्य के सन्तान, मिस्र के राजा फिरौन के विषय विलाप का गीत बनाकर उसको सुनो जाति जाति में तेरी उपमा जवान सिंह से दी गई थी, परन्तु तू समुद्र के मगर के समान है; तू अपनी नदियों में टूट पड़ा, और उनके जल को पांवों से मथकर गंदला कर दिया।
He manushy ke santaan, misr ke raajaa phiraun ke vishay vilaap kaa geet banaakar usako suno jaati jaati mem teree upamaa javaan sinh se dee gaee thee, parantu too samudr ke magar ke samaan hai; too apanee nadiyom mem toot padaa, aur unake jal ko paanvom se mathakar gandalaa kar diyaa.
Ezekiel 32:2 in English
- King James Version (KJV)
- Son of man, take up a lamentation for Pharaoh king of Egypt, and say unto him, Thou art like a young lion of the nations, and thou [art] as a whale in the seas: and thou camest forth with thy rivers, and troubledst the waters with thy feet, and fouledst their rivers.
- World English Bible (WEB)
- “Son of man, take up a lamentation over Pharaoh king of Egypt, and tell him, ‘You were likened to a young lion of the nations; yet you are as a monster in the seas. You broke out with your rivers, and troubled the waters with your feet, and fouled their rivers.’”
- American Standard Version (ASV)
- Son of man, take up a lamentation over Pharaoh king of Egypt, and say unto him, Thou wast likened unto a young lion of the nations: yet art thou as a monster in the seas; and thou didst break forth with thy rivers, and troubledst the waters with thy feet, and fouledst their rivers.
- Bible in Basic English (BBE)
- Son of man, make a song of grief for Pharaoh, king of Egypt, and say to him, Young lion of the nations, destruction has come on you; and you were like a sea-beast in the seas, sending out bursts of water, troubling the waters with your feet, making their streams dirty.
- Darby Translation (DBY)
- Son of man, take up a lamentation for Pharaoh king of Egypt, and say unto him, Thou wast like a young lion among the nations, and thou wast as a monster in the seas; and thou didst break forth in thy rivers, and troubledst the waters with thy feet, and fouledst their rivers.
- Webster's Bible (WBS)
- Son of man, take up a lamentation for Pharaoh king of Egypt, and say to him, Thou art like a young lion of the nations, and thou [art] as a whale in the seas: and thou didst come forth with thy rivers, and disturb the waters with thy feet, and render their rivers foul.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Son of man, lift up a lamentation for Pharaoh king of Egypt, and thou hast said unto him: A young lion of nations thou hast been like, And thou [art] as a dragon in the seas, And thou comest forth with thy flowings, And dost trouble the waters with thy feet, And thou dost foul their flowings.
Read in context
- 1बारहवें वर्ष के बारहवें महीने के पहिले दिन को यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,
- 2हे मनुष्य के सन्तान, मिस्र के राजा फिरौन के विषय विलाप का गीत बनाकर उसको सुनो जाति जाति में तेरी उपमा जवान सिंह से दी गई थी, परन्तु तू समुद्र के मगर के समान है; तू अपनी नदियों में टूट पड़ा, और उनके जल को पांवों से मथकर गंदला कर दिया।
- 3परमेश्वर यहोवा यों कहता है, मैं बहुत सी जातियों की सभा के द्वारा तुझ पर अपना जाल फैलाऊंगा, और वे तुझे मेरे महाजाल में खींच लेंगे।
- 4तब मैं तुझे भूमि पर छोड़ूंगा, और मैदान में फेंककर आकाश के सब पक्षियों को तुझ पर बैठाऊंगा; और तेरे मांस से सारी पृथ्वी के जीवजन्तुओं को तृप्त करूंगा।
Cross references
- Ezekiel 29:3 यहेजकेल 29:3यह कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता हे, हे मिस्र के राजा फिरौन, मैं तेरे विरुद्ध हूँ, हे बड़े नगर, तू जो अपनी नदियों के बीच पड़ा रहता है, जिसने कहा है कि मेरी नदी मेरी निज की है, और मैं ही ने उसको अपने लिये बनाया है।
- Nahum 2:11–13 नहूम 2:11–13सिंहों की वह मांद, और जवान सिंह के आखेट का वह स्थान कहां रहा जिस में सिंह और सिंहनी अपने बच्चों समेत बेखटके फिरते थे? सिंह तो अपने डांवरूओं के लिये बहुत आहेर को फाड़ता था, और अपनी सिंहनियों के लिये आहेर का गला घोंट घोंटकर ले जाता था, और अपनी गुफाओं और मांदों को आहेर से भर लेता था।। सेनाओं के यहोवा की यह वाणी है, मैं तेरे विरूद्ध हूं, और उसके रथों को भस्म करके धुंएं में उड़ा दूंगा, और उसके जवान सिंह सरीखे वीर तलवार से मारे जाएंगे; मैं तेरे आहेर को पृथ्वी पर से नाश करूंगा, और तेरे दूतों का बोल फिर सुना न जाएगा।।
- Ezekiel 27:2 यहेजकेल 27:2हे मनुष्य के सन्तान, सोर के विषय एक विलाप का गीत बना कर उस से यों कह,
- Ezekiel 28:12 यहेजकेल 28:12हे मनुष्य के सन्तान, सोर के राजा के विषय में विलाप का गीत बनाकर उस से कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता है, तू तो उत्तम से भी उत्तम है; तू बुद्धि से भरपूर और सर्वांग सुन्दर है।
- Jeremiah 4:7 यिर्मयाह 4:7एक सिंह अपनी झाड़ी से निकला, जाति जाति का नाश करनेवाला चढ़ाई करके आ रहा है; वह कूच करके अपने स्थान से इसलिये निकला है कि तुम्हारे देश को उजाड़ दे और तुम्हारे नगरों को ऐसा सुनसान कर दे कि उन में कोई बसनेवाला न रहने पाए।
- Isaiah 27:1 यशायाह 27:1उस समय यहोवा अपनी कड़ी, बड़ी, और पोड़ तलवार से लिव्यातान नाम वेग और टेढ़े चलनेवाले सर्प को दण्ड देगा, और जो अजगर समुद्र में रहता है उसको भी घात करेगा।।
- Ezekiel 32:16 यहेजकेल 32:16लोगों के विलाप करने के लिये विलाप का गीत यही है; जाति- जाति की स्त्रियां इसे गाएंगी; मिस्र और उसकी सारी भीड़ के विषय वे यही विलापगीत गाएंगी, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
- Ezekiel 38:13 यहेजकेल 38:13शबा और ददान के लोग और तश श के व्योपारी अपने देश के सब जवान सिंहों समेत तुझ से कहेंगे, क्या तू लूटने को आता है? क्या तू ने धन छीनने, सोना- चाँदी उठाने, ढोर और और सम्पत्ति ले जाने, और बड़ी लूट अपना लेने को अपनी भीड़ इकट्टी की है?
- Ezekiel 19:1–6 यहेजकेल 19:1–6और इस्राएल के प्रधानों के विषय तू यह विलापगीत सुना, तेरी माता एक कैसी सिंहनी थी! वह सिंहों के बीच बैठा करती और अपने बच्चों को जवान सिंहों के बीच पालती पोसती थी। अपने बच्चों में से उस ने एक को पाला और वह जवान सिंह हो गया, और अहेर पकडना सीख गया; उस ने मनुष्यों को भी फाड़ खाया। और जाति जाति के लोगों ने उसकी चर्चा सुनी, और उसे अपने खोदे हुए गड़हे में फंसाया; और उसके नकेल डालकर उसे मिस्र देश में ले गए। जब उसकी मां ने देखा कि वह धीरज धरे रही तौभी उसकी आशा टूट गई, तब अपने एक और बच्चे को लेकर उसे जवान सिंह कर दिया। तब वह जवान सिंह होकर सिंहों के बीच चलने फिरने लगा, और वह भी अहेर पकड़ना सीख गया; और मनुष्यों को भी फाड़ खाया।
- Ezekiel 34:18 यहेजकेल 34:18क्या तुम्हें यह छोटी बात जान पड़ती है कि तुम अच्छी चराई चर लो और शेष चराई को अपने पांवों से रौंदो; और क्या तुम्हें यह छोटी बात जान पड़ती है कि तुम निर्मल जल पी लो और शेष जल को अपने पांवों से गंदला करो?
- Ezekiel 32:18 यहेजकेल 32:18हे मनुष्य के सन्तान, मिस्र की भीड़ के लिये हाय- हाय कर, और उसको प्रतापी जातियों की बेटियों समेत कबर में गड़े हुओं के पास अधोलोक में उतार।
- Ezekiel 27:32 यहेजकेल 27:32वे विलाप करते हुए तेरे विषय में विलाप का यह गीत बना कर गाएंगे, सोर जो अब समुद्र के बीच चुपचाप पड़ी है, उसके तुल्य कौन नगरी है?
Original words (Hebrew)
- Son · H1121בֵּן bên
- man · H120אָדָם ʼâdâm
- up · H5375נָשָׂא nâsâʼ
- lamentation · H7015קִינָה qîynâh
- Pharaoh · H6547פַּרְעֹה Parʻôh
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- say · H559אָמַר ʼâmar
- like · H1819דָּמָה dâmâh
- lion · H3715כְּפִיר kᵉphîyr
- nations · H1471גּוֹי gôwy
- whale · H8577תַּנִּין tannîyn
- seas · H3220יָם yâm
- forth · H1518גִּיחַ gîyach
- rivers · H5104נָהָר nâhâr
- troubledst · H1804דָּלַח dâlach
- waters · H4325מַיִם mayim
- feet · H7272רֶגֶל regel
- fouledst · H7515רָפַשׂ râphas
- rivers · H5104נָהָר nâhâr