Ezekiel · chapter 34 · verse 28
Ezekiel 34:28 in Hindi
वे फिर जाति-जाति से लूटे न जाएंगे, और न वनपशु उन्हें फाड़ खाएंगे; वे निडर रहेंगे, और उन को कोई न डराएगा।
Ve phir jaati-jaati se loote na jaaenge, aur na vanapashu unhem phaad khaaenge; ve nidar rahenge, aur un ko koee na daraaegaa.
Ezekiel 34:28 in English
- King James Version (KJV)
- And they shall no more be a prey to the heathen, neither shall the beast of the land devour them; but they shall dwell safely, and none shall make [them] afraid.
- World English Bible (WEB)
- They will no more be a prey to the nations, neither will the animals of the earth devour them; but they will dwell securely, and no one will make them afraid.
- American Standard Version (ASV)
- And they shall no more be a prey to the nations, neither shall the beasts of the earth devour them; but they shall dwell securely, and none shall make them afraid.
- Bible in Basic English (BBE)
- And their goods will no longer be taken by the nations, and they will not again be food for the beasts of the earth; but they will be living safely and no one will be a cause of fear to them.
- Darby Translation (DBY)
- And they shall no more be a prey to the nations, neither shall the beast of the earth devour them; but they shall dwell in safety, and none shall make them afraid.
- Webster's Bible (WBS)
- And they shall no more be a prey to the heathen, neither shall the beast of the land devour them; but they shall dwell safely, and none shall make [them] afraid.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And they are no more a prey to nations, And the beast of the earth devoureth them not, And they have dwelt confidently, And there is none troubling.
Read in context
- 26और मैं उन्हें और अपनी पहाड़ी के आस पास के स्थानों को आशीष का कारण बना दूंगा; और मेंह को मैं ठीक समय में बरसाया करूंगा; और वे आशीषों की वर्षा होंगी।
- 27और मैदान के वृक्ष फलेंगे और भूमि अपनी उपज उपजाएगी, और वे अपने देश में निडर रहेंगे; जब मैं उनके जूए को तोड़ कर उन लोगों के हाथ से छुड़ाऊंगा, जो उन से सेवा कराते हैं, तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।
- 28वे फिर जाति-जाति से लूटे न जाएंगे, और न वनपशु उन्हें फाड़ खाएंगे; वे निडर रहेंगे, और उन को कोई न डराएगा।
- 29और मैं उनके लिये महान बारियें उपजाऊंगा, और वे देश में फिर भूखों न मरेंगे, और न जाति-जाति के लोग फिर उनकी निन्दा करेंगे।
- 30और वे जानेंगे कि मैं परमेश्वर यहोवा, उनके संग हूँ, और वे जो इस्राएल का घराना है, वे मेरी प्रजा हैं, मुझ परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
Cross references
- Jeremiah 30:10 यिर्मयाह 30:10इसलिये हे मेरे दास याकूब, तेरे लिये यहोवा की यह वाणी है, मत डर; हे इस्राएल, विस्मित न हो; क्योंकि मैं दूर देश से तुझे और तेरे वंश को बंधुआई के देश से छुड़ा ले आऊंगा। तब याकूब लौटकर, चैन और सुख से रहेगा, और कोई उसको डराने न पाएगा।
- Jeremiah 46:27 यिर्मयाह 46:27परन्तु हे मेरे दास याकूब, तू मत डर, और हे इस्राएल, विस्मित न हो; क्योंकि मैं तुझे और तेरे वंश को बंधुआई के दूर देश से छुड़ा ले आऊंगा। याकूब लैटकर चैन और सुख से रहेगा, और कोई उसे डराने न पाएगा।
- Ezekiel 39:26 यहेजकेल 39:26तब उस सारे विश्वासघात के कारण जो उन्हों ने मेरे विरूद्ध किया वे लज्जित होंगे; और अपने देश में निडर रहेंगे; और कोई उनको न डराएगा।
- Ezekiel 34:8 यहेजकेल 34:8परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, मेरे जीवन की सौगन्ध, मेरी भेड़-बकरियां जो लुट गई, और मेरी भेड़-बकरियां जो चरवाहे के न होने के कारण सब वनपशुओं का आहार हो गई; और इसलिये कि मेरे चरवाहों ने मेरी भेड़-बकरियोंकी सुधि नहीं ली, और मेरी भेड़- बकरियों का पेट नहीं, अपना ही अपना पेट भरा;
- Ezekiel 34:29 यहेजकेल 34:29और मैं उनके लिये महान बारियें उपजाऊंगा, और वे देश में फिर भूखों न मरेंगे, और न जाति-जाति के लोग फिर उनकी निन्दा करेंगे।
- Ezekiel 36:15 यहेजकेल 36:15और मैं फिर जाति- जाति के लोगों से तेरी निन्दा न सुनवाऊंगा, और तुझे जाति- जाति की ओर से फिर नामधराई न सहनी पड़ेगी, और तुझ पर बसी हुई जाति को तू फिर ठोकर न खिलाएगा, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
- Ezekiel 36:4 यहेजकेल 36:4इस कारण, हे इस्राएल के पहाड़ो, परमेश्वर यहोवा का वचन सुनो, परमेश्वर यहोवा तुम से यों कहता है, अर्थात् पहाड़ों और पहाड़ियों से और नालों और तराइयों से, और उजड़े हुए खण्डहरों और निर्जन नगरों से जो चारों ओर की बची हुई जातियों से लुट गए और उनके हंसने के कारण हो गए हैं;
- Ezekiel 34:25 यहेजकेल 34:25मैं उनके साथ शान्ति की वाचा बान्धूंगा, और दुष्ट जन्तुओं को देश में न रहने दूंगा; सो वे जंगल में निडर रहेंगे, और वन में सोएंगे।