Ezekiel · chapter 44 · verse 9
Ezekiel 44:9 in Hindi
इसलिये परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि इस्राएलियों के बीच जितने अन्य लोग हों, जो मन और तन दोनों के खतनाहीन हैं, उन में से कोई मेरे पवित्रास्थान में न आने पाए।
Isaliye parameshvar yahovaa yom kahataa hai, ki israaeliyom ke beech jitane any log hom, jo man aur tan donom ke khatanaaheen haim, un mem se koee mere pavitraasthaan mem na aane paae.
Ezekiel 44:9 in English
- King James Version (KJV)
- Thus saith the Lord GOD; No stranger, uncircumcised in heart, nor uncircumcised in flesh, shall enter into my sanctuary, of any stranger that [is] among the children of Israel.
- World English Bible (WEB)
- The Lord GOD says, “No foreigner, uncircumcised in heart and uncircumcised in flesh, shall enter into my sanctuary, of any foreigners who are among the children of Israel.
- American Standard Version (ASV)
- Thus saith the Lord Jehovah, No foreigner, uncircumcised in heart and uncircumcised in flesh, shall enter into my sanctuary, of any foreigners that are among the children of Israel.
- Bible in Basic English (BBE)
- For this cause the Lord has said, No man from a strange land, without circumcision of heart and flesh, of all those who are living among the children of Israel, is to come into my holy place.
- Darby Translation (DBY)
- Thus saith the Lord Jehovah: No stranger, uncircumcised in heart and uncircumcised in flesh, shall enter into my sanctuary, of any stranger that is among the children of Israel.
- Webster's Bible (WBS)
- Thus saith the Lord GOD; No stranger, uncircumcised in heart, nor uncircumcised in flesh, shall enter into my sanctuary, of any stranger that [is] among the children of Israel.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Thus said the Lord Jehovah: No son of a stranger, uncircumcised of heart, and uncircumcised of flesh, cometh in unto My sanctuary, even any son of a stranger, who [is] in the midst of the sons of Israel,
Read in context
- 7जब तुम मेरा भोजन अर्थात् चब और लोहू चढ़ाते थे, तब तुम बिराने लोगों को जो मन और तन दोनों के खतनाहीन थे, मेरे पवित्रास्थान में आने देते थे कि वे मेरा भवन अपवित्रा करें; और उन्हों ने मेरी वाचा को तोड़ दिया जिस से तुम्हारे सब घृणित काम बढ़ गए।
- 8और तूम ने मेरी पवित्रा वस्तुओं की रक्षा न की, परन्तु तुम ने अपने ही मन से अन्य लोगों को मेरे पवित्रास्थान में मेरी वस्तुओं की रक्षा करनेवाले ठहराया।
- 9इसलिये परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि इस्राएलियों के बीच जितने अन्य लोग हों, जो मन और तन दोनों के खतनाहीन हैं, उन में से कोई मेरे पवित्रास्थान में न आने पाए।
- 10परन्तु लेवीय लोग जो उस समय मुझ से दूर हो गए थे, जब इस्राएली लोग मुझे छोड़कर अपनी मूरतों के पीछे भटक गए थे, वे अपने अधर्म का भार उठाएंगे।
- 11परन्तु वे मेरे पवित्रास्थान में टहलुए होकर भवन के फाटकों का पहरा देनेवाले और भवन के टहलुग रहें; वे होमबलि और मेलबलि के पशु लोगों के लिये वध करें, और उनकी सेवा टहल करने को उनके साम्हने खड़े हुआ करें।
Cross references
- Joel 3:17 योएल 3:17इस प्रकार तुम जानोगे कि यहोवा जो अपने पवित्रा पर्वत सिरयोन पर वास किए रहता है, वही हमारा परमेश्वर है। और यरूशलेम पवित्रा ठहरेगा, और परदेशी उस में होकर फिर न जाने पाएंगे।।
- Zechariah 14:21 जकर्याह 14:21वरन यरूशलेम में और यहूदा देश में सब हंड़ियां सेनाओं के यहोवा के लिये पवित्रा ठहरेंगी, और सब मेलबलि करनेवाले आ आकर उन हंडियों में मांस सिझाया करेंगे। और सब सेनाओं के यहोवा के भवन में फिर कोई व्योपारी न पाया जाएगा।।
- Ezekiel 44:7 यहेजकेल 44:7जब तुम मेरा भोजन अर्थात् चब और लोहू चढ़ाते थे, तब तुम बिराने लोगों को जो मन और तन दोनों के खतनाहीन थे, मेरे पवित्रास्थान में आने देते थे कि वे मेरा भवन अपवित्रा करें; और उन्हों ने मेरी वाचा को तोड़ दिया जिस से तुम्हारे सब घृणित काम बढ़ गए।
- John 3:3–5 यूहन्ना 3:3–5यीशु ने उस को उत्तर दिया; कि मैं तुझ से सच सच कहता हूं, यदि कोई नये सिरे से न जन्में तो परमेश्वर का राज्य देख नहीं सकता। नीकुदेमुस ने उस से कहा, मनुष्य जब बूढ़ा हो गया, तो क्योंकर जन्म ले सकता है? यीशु ने उत्तर दिया, कि मैं तुझ से सच सच कहता हूं; जब तक कोई मनुष्य जल और आत्मा से न जन्मे तो वह परमेश्वर के राज्य में प्रवेश नहीं कर सकता।
- Mark 16:16 मरकुस 16:16जो विश्वास करे और बपतिस्मा ले उसी का उद्धार होगा, परन्तु जो विश्वास न करेगा वह दोषी ठहराया जाएगा।
- Titus 1:5–9 तीतुस 1:5–9मैं इसलिये तुझे क्रेते में छोड़ आया था, कि तू शेष रही हुई बातों को सुधारे, और मेरी आज्ञा के अनुसार नगर नगर प्राचीनों को नियुक्त करे। जो निर्दोष और एक ही पत्नी के पति हों, जिन के लड़केबाले विश्वासी हो, और जिन्हें लुचपन और निरंकुशता का दोष नहीं। क्योंकि अध्यक्ष को परमेश्वर का भण्डारी होने के कारण निर्दोष होना चाहिए; न हठी, न क्रोधी, न पियक्कड़, न मारपीट करनेवाला, और न नीच कमाई का लोभी। पर पहुनाई करनेवाला, भलाई का चाहनेवाला, संयमी, न्यायी, पवित्रा और जितेन्द्रिय हो। और विश्वासयोग्य वचन पर जो धर्मोपदेश के अनुसार है, स्थिर रहे; कि खरी शिक्षा से उपदेश दे सके; और विवादियों का मुंह भी बन्द कर सके।।
- Psalm 50:16 भजन संहिता 50:16परन्तु दुष्ट से परमेश्वर कहता है: तुझे मेरी विधियों का वर्णन करने से क्या काम? तू मरी वाचा की चर्चा क्यों करता है?
- Psalm 93:5 भजन संहिता 93:5तेरी चितौनियां अति विश्वासयोग्य हैं; हे यहोवा तेरे भवन को युग युग पवित्राता ही शोभा देती है।।
Original words (Hebrew)
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- Lord · H136אֲדֹנָי ʼĂdônây
- stranger · H1121בֵּן bên
- uncircumcised · H6189עָרֵל ʻârêl
- heart · H3820לֵב lêb
- uncircumcised · H6189עָרֵל ʻârêl
- flesh · H1320בָּשָׂר bâsâr
- enter · H935בּוֹא bôwʼ
- sanctuary · H4720מִקְדָּשׁ miqdâsh
- among · H8432תָּוֶךְ tâvek
- children · H1121בֵּן bên
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl