Ezekiel · chapter 6 · verse 14
Ezekiel 6:14 in Hindi
मैं अपना हाथ उनके विरूद्ध बढ़ाकर उस देश को सारे घरों समेत जंगल से ले दिबला की ओर तक उजाड़ ही उजाड़ कर दूंगा। तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।
Maim apanaa haath unake virooddh badhaakar us desh ko saare gharom samet jangal se le dibalaa kee or tak ujaad hee ujaad kar doongaa. Tab ve jaan lenge ki maim yahovaa hoon.
Ezekiel 6:14 in English
- King James Version (KJV)
- So will I stretch out my hand upon them, and make the land desolate, yea, more desolate than the wilderness toward Diblath, in all their habitations: and they shall know that I [am] the LORD.
- World English Bible (WEB)
- I will stretch out my hand on them and make the land desolate and waste, from the wilderness toward Diblah, throughout all their habitations. Then they will know that I am the LORD.’”
- American Standard Version (ASV)
- And I will stretch out my hand upon them, and make the land desolate and waste, from the wilderness toward Diblah, throughout all their habitations: and they shall know that I am Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- And my hand will be stretched out against them, making the land waste and unpeopled, from the waste land to Riblah, through all their living-places: and they will be certain that I am the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- And I will stretch out my hand upon them, and make the land desolate, yea, more desolate than the wilderness of Diblath, in all their dwellings; and they shall know that I [am] Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- So will I stretch out my hand upon them, and make the land desolate, even, more desolate than the wilderness towards Diblath, in all their habitations: and they shall know that I [am] the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And I have stretched out my hand against them, And have made the land a desolation, Even a desolation from the wilderness to Diblath, In all their dwellings, And they have known that I [am] Jehovah!'
Read in context
- 12जो दूर हो वह मरी से मरेगा, और जो निकट हो वह तलवार से मार डाला जाएगा; और जो बचकर नगर में रहते हुए घेरा जाए, वह भूख से मरेगा। इस भांति मैं अपनी जलजलाहट उन पर पूरी रीति से उतारूंगा।
- 13और जब हर एक ऊंची पहाड़ी और पहाड़ों की हर एक चोटी पर, और हर एक हरे पेड़ के नीचे, और हर एक घने बांजवृक्ष की छाया में, जहां जहां वे अपनी सब मूरतों को सुखदायक सुगन्ध द्रव्य चढ़ाते हैं, वहां उनके मारे हुए लोग अपनी वेदियों के आस पास अपनी मूरतों के बीच में पड़े रहेंगे; तब तुम लोग जान लोगे कि मैं यहोवा हूँ।
- 14मैं अपना हाथ उनके विरूद्ध बढ़ाकर उस देश को सारे घरों समेत जंगल से ले दिबला की ओर तक उजाड़ ही उजाड़ कर दूंगा। तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।
Cross references
- Isaiah 5:25 यशायाह 5:25इस कारण यहोवा का क्रोध अपनी प्रजा पर भड़का है, और उस ने उनके विरूद्ध हाथ बढ़ाकर उनको मारा है, और पहाड़ कांप उठे; और लोगों की लोथें सड़कों के बीच कूड़ा सी पड़ी हैं। इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।।
- Isaiah 9:12 यशायाह 9:12और उनके शत्रुओं को अर्थात् पहिले आराम को और तब पलिश्तियों को उभारेगा, और वे मुंह खोलकर इस्राएलियों को निगल लेंगे। इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।।
- Ezekiel 20:33–34 यहेजकेल 20:33–34प्रभु यहोवा यों कहता है, मेरे जीवन की शपथ मैं निश्चय बली हाथ और बढ़ाई हुई भुजा से, और भड़काई इई जलजलाहट के साथ तुम्हारे ऊपर राज्य करूंगा। मैं बली हाथ और बढ़ाई हुई भुजा से, और भड़काई हुई जलजलाहट के साथ तुम्हें देश देश के लोगों में से अलग करूंगा, और उन देशें से जिन में तुम तितर- बितर हो गए थे, इकट्ठा करूंगा;
- Jeremiah 48:22 यिर्मयाह 48:22यहसा, मेपात, दीबोन, नबो, बेतदिबलातैम,
- Isaiah 9:17 यशायाह 9:17इस कारण प्रभु न तो इनके जवानों से प्रसन्न होगा, और न इनके अनाथ बालकों और विधवाओं पर दया करेगा; क्योंकि हर एक के मुख से मूर्खता की बातें निकलती हैं। इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।।
- Ezekiel 14:13 यहेजकेल 14:13हे मनुष्य के सन्तान, जब किसी देश के लोग मुझ से विश्वासघात करके पापी हो जाएं, और मैं अपना हाथ उस देश के विरूद्ध बढ़ाकर उसका अन्नरूपी आधार दूर करूं, और उस में अकाल डालकर उस में से मनुष्य और पशु दोनों को नाश करूं,
- Ezekiel 16:27 यहेजकेल 16:27इस कारण मैं ने अपना हाथ तेरे विरूद्ध बढ़ाकर, तेरा प्रति दिन का खाना घटा दिया, और तेरी बैरिन पलिश्ती स्त्रियां जो तेरे महापाप की चाल से लजाती है, उनकी इच्छा पर मैं ने तुझे छोड़ दिया है।
- Isaiah 9:21 यशायाह 9:21मनश्शे एप्रैम को और एप्रैम मनश्शे को खाता है, और वे दोनों मिलकर यहूदा के विरूद्ध हैं इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ, और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।।
- Isaiah 10:4 यशायाह 10:4और तुम अपने विभव को कहां रख्.ा छोड़ोगे? वे केवल बंधुओं के पैरों के पास गिर पड़ेंगे और मरे हुओं के नीचे दबे पड़े रहेंगे। इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।।
- Numbers 33:46 गिनती 33:46और दीबोनगाद से कूच करके अल्मोनदिबलातैम से कूच करके उन्हों ने अबारीम नाम पहाड़ों मे नबो के साम्हने डेरा किया।
- Isaiah 26:11 यशायाह 26:11हे यहोवा, तेरा हाथ बढ़ा हुआ है, पर वे नहीं देखते। परन्तु वे जानेंगे कि तुझे प्रजा के लिये कैसी जलन है, और लजाएंगे।