Isaiah · chapter 27 · verse 6
Isaiah 27:6 in Hindi
भविष्य में याकूब जड़ पकड़ेगा, और इस्राएल फूल- फलेगा, और उसके फलों से जगत भर जाएगा।।
Bhavishy mem yaakoob jad pakadegaa, aur israael phoola- phalegaa, aur usake phalom se jagat bhar jaaegaa..
Isaiah 27:6 in English
- King James Version (KJV)
- He shall cause them that come of Jacob to take root: Israel shall blossom and bud, and fill the face of the world with fruit.
- World English Bible (WEB)
- In days to come, Jacob will take root. Israel will blossom and bud. They will fill the surface of the world with fruit.
- American Standard Version (ASV)
- In days to come shall Jacob take root; Israel shall blossom and bud; and they shall fill the face of the world with fruit.
- Bible in Basic English (BBE)
- In days to come Jacob will take root: Israel will put out buds and flowers; and the face of the world will be full of fruit.
- Darby Translation (DBY)
- In the future Jacob shall take root; Israel shall blossom and bud, and they shall fill the face of the world with fruit.
- Webster's Bible (WBS)
- He shall cause them that descend from Jacob to take root: Israel shall blossom and bud, and fill the face of the world with fruit.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Those coming in He causeth to take root, Jacob doth blossom, and flourished hath Israel, And they have filled the face of the world [with] increase.
Read in context
- 4मेरे मन में जलजलाहट नहीं है। यदि कोई भांति भांति के कटीले पेड़ मुझ से लड़ने को खड़े करता, तो मैं उन पर पांव बढ़ाकर उनको पूरी रीति से भस्म कर देता।
- 5वा मेरे साथ मेल करने को वे मेरी शरण लें, वे मेरे साथ मेल कर लें।।
- 6भविष्य में याकूब जड़ पकड़ेगा, और इस्राएल फूल- फलेगा, और उसके फलों से जगत भर जाएगा।।
- 7क्या उस ने उसे मारा जैसा उस ने उसके मारनेवालों को मारा था? क्या वह घात किया गया जैसे उसके घात किए हुए घात हुए?
- 8जब तू ने उसे निकाला, तब सोच- विचार कर उसको दु:ख दिया: उसे ने पुरवाई के दिन उसको प्रचण्ड वायु से उड़ा दिया है।
Cross references
- Isaiah 37:31 यशायाह 37:31और यहूदा के घराने के बचे हुए लोग फिर जड़ पकड़ेंगे और फूलें- फलेंगे;
- Hosea 14:5–6 होशे 14:5–6मैं इस्राएल के लिये ओस के समान हूंगा; वह सोसन की नाई फूले- फलेगा, और लबानोन की नाईं जड़ फैलाएगा। उसकी जड़ से पौधे फूटकर निकलेंगे; उसकी शोभा जलपाई की सी, और उसकी सुगन्ध लबानोन की सी होगी।
- Romans 11:16–26 रोमियों 11:16–26जब भेंट का पहिला पेड़ा पवित्रा ठहरा, तो पूरा गुंधा हुआ आटा भी पवित्रा है: और जब जड़ पवित्रा ठहरी, तो डालियां भी ऐसी ही हैं। और यदि कई एक डाली तोड़ दी गई, और तू जंगली जलपाई होकर उन में साटा गया, और जलपाई की जड़ की चिकनाई का भागी हुआ है। तो डालियों पर घमण्ड न करना: और यदि तू घमण्ड करे, तो जान रख, कि तू जड़ को नहीं, परन्तु जड़ तुझे सम्भालती है। फिर तू कहेगा डालियां इसलिये तोड़ी गई, कि मैं साटा जाऊं। भला, वे तो अविश्वास के कारण तोड़ी गई, परन्तु तू विश्वास से बना रहता है इसलिये अभिमानी न हो, परन्तु भय कर। क्योंकि जब परमेश्वर ने स्वाभाविक डालियां न छोड़ी, तो तुझे भी न छोड़ेगा। इसलिये परमेश्वर की कृपा और कड़ाई को देख! जो गिर गए, उन पर कड़ाई, परन्तु तुझ पर कृपा, यदि तू उस में बना रहे, नहीं तो, तू भी काट डाला जाएगा। और वे भी यदि अविश्वास में न रहें, तो साटे जाएंगे क्योंकि परमशॆवर उन्हें फिर साट सकता है। क्योंकि यदि तू उस जलपाई से, जो स्वभाव से जंगली है काटा गया और स्वभाव के विरूद्ध अच्छी जलपाई में साटा गया तो ये जो स्वाभाविक डालियां हैं, अपने ही जलपाई में साटे क्यों न जाएंगे। हे भाइयों, कहीं ऐसा न हो, कि तुम अपने आप को बुद्धिमान समझ लो; इसलिये मैं नहीं चाहता कि तुम इस भेद से अनजान रहो, कि जब तक अन्यजातियां पूरी रीति से प्रवेश न कर लें, तब तक इस्त्राएल का एक भाग ऐसा ही कठोर रहेगा। और इस रीति से सारा इस्त्राएल उद्धार पाएगा; जैसा लिखा है, कि छुड़ानेवाला सिरयोन से आएगा, और अभक्ति को याकूब से दूर करेगा।
- Isaiah 54:1–3 यशायाह 54:1–3हे बांझ तू जो पुत्रहीन है जयजयकार कर; तू जिसे जन्माने की पीड़े नहीं हुई, गला खोल कर जयजयकार कर और पुकार! क्योंकि त्यागी हुई के लड़के सुहागिन के लड़कों से अधिक होंगे, यहोवा का यही वचन है। अपने तम्बू का स्थान चौड़ा कर, और तेरे डेरे के पट लम्बे किए जाएं; हाथ मत रोक, रस्सियों को लम्बी और खूंटों को दृढ़ कर। क्योंकि तू दाहिने-बाएं फैलेगी, और तेरा वंश जाति-जाति का अधिकारी होगा और उजड़े हुए नगरों को फिर से बसाएगा॥
- Psalm 92:13–15 भजन संहिता 92:13–15वे यहोवा के भवन में रोपे जाकर, हमारे परमेश्वर के आंगनों में फूले फलेंगे। वे पुराने होने पर भी फलते रहेंगे, और रस भरे और लहलहाते रहेंगे, जिस से यह प्रगट हो, कि यहोवा सीधा है; वह मेरी चट्टान है, और उस में कुटिलता कुछ भी नहीं।।
- Zechariah 2:11 जकर्याह 2:11उस समय बहुत सी जातियां यहोवा से मिल जाएंगी, और मेरी प्रजा हो जाएंगी; और मैं तेरे बीच में बास करूंगा,
- Hosea 2:23 होशे 2:23और मैं अपने लिये उसे देश में बोऊंगा, और लोरूहामा पर दया करूंगा, और लोअम्मी से कहूंगा, तू मेरी प्रजा है, और वह कहेगा, "हे मेरे परमेश्वर"।।
- Zechariah 10:8–9 जकर्याह 10:8–9मैं सींटी बजाकर उनको इकट्ठा करूंगा, क्योंकि मैं उनका छुड़ानेवाला हूं, और वे ऐसे बढ़ेंगे जैसे पहले बढ़े थे। यद्यपि मैं उन्हें जाति- जाति के लोगों के बीच छितराऊंगा तौभी वे दूर दूर देशों में मुझे स्मरण करेंगे, और अपने बालकों समेत जीवित लौट आएंगे।
- Isaiah 60:22 यशायाह 60:22छोटे से छोटा एक हजार हो जाएगा और सब से दुर्बल एक सामर्थी जाति बन जाएगा। मैं यहोवा हूं; ठीक समय पर यह सब कुछ शीघ्रता से पूरा करूंगा।।
- Jeremiah 30:19 यिर्मयाह 30:19तब उन में से धन्य कहने, और आनन्द करने का शब्द सुनाई पड़ेगा।
- Isaiah 6:13 यशायाह 6:13चाहे उसके निवासियों का दसवां अंश भी रह जाए, तौभी वह नाश किया जाएगा, परनतु जैसे छोटे वा बड़े बांजवृक्ष को काट डालने पर भी उसका ठूंठ बना रहता है, वैसे ही पवित्रा वंश उसका ठूंठ ठहरेगा।।
- Isaiah 49:20–23 यशायाह 49:20–23तेरे पुत्रा जो तुझ से ले लिए गए वे फिर तेरे कान में कहने पाएंगे कि यह स्थान हमारे लिये सकेत है, हमें और स्थान दे कि उस में रहें। तब तू मन में कहेगी, किस ने इनको मेरे लिये जन्माया? मैं तो पुत्राहीन और बांझ हो गई थीं, दासत्व में और यहां वहां मैं घूमती रही, इनको किस ने पाला? देख, मैं अकेली रह गई थी; फिर ये कहां थे? प्रभु यहोवा यों कहता है, देख, ये अपना हाथ जाति जाति के लोगों की ओर उठाऊंगा, और देश देश के लोगों के साम्हने अपना झण्डा खड़ा करूंगा; तब वे तेरे पुत्रों को अपनी गोद में लिए आएंगे, और तेरी पुत्रियों को अपने कन्धे पर चढ़ाकर तेरे पास पहुंचाएंगे। राजा तेरे बच्चों के निज- सेवक और उनकी रानियां दूध पिलाने के लिये तेरी धाइयों होंगी। वे अपनी नाक भूमि पर रगड़कर तुझे दण्डवत् करेंगे और तेरे पांवों की धूलि चाटेंगे। तब तू यह जान लेगी कि मैं ही यहोवा हूं; मेरी बाट जोहनेवाले कभी लज्जित न होंगे।।