Isaiah · chapter 33 · verse 14
Isaiah 33:14 in Hindi
सिरयोन के पापी थरथरा गए हैं: भक्तिहीनों को कंपकंपी लगी है: हम में से कोन प्रचण्ड आग में रह सकता? हम में से कौन उस आग में बना रह सकता है जो कभी नहीं बुझेगी?
Sirayon ke paapee tharatharaa gae haim: bhaktiheenom ko kampakampee lagee hai: ham mem se kon prachand aag mem rah sakataa? Ham mem se kaun us aag mem banaa rah sakataa hai jo kabhee naheem bujhegee?
Isaiah 33:14 in English
- King James Version (KJV)
- The sinners in Zion are afraid; fearfulness hath surprised the hypocrites. Who among us shall dwell with the devouring fire? who among us shall dwell with everlasting burnings?
- World English Bible (WEB)
- The sinners in Zion are afraid. Trembling has seized the godless ones. Who among us can live with the devouring fire? Who among us can live with everlasting burning?
- American Standard Version (ASV)
- The sinners in Zion are afraid; trembling hath seized the godless ones: Who among us can dwell with the devouring fire? who among us can dwell with everlasting burnings?
- Bible in Basic English (BBE)
- The sinners in Zion are full of fear; the haters of God are shaking with wonder. Who among us may keep his place before the burning fire? who among us may see the eternal burnings?
- Darby Translation (DBY)
- The sinners in Zion are afraid; trembling hath surprised the hypocrites: Who among us shall dwell with the consuming fire? who among us shall dwell with everlasting flames?
- Webster's Bible (WBS)
- The sinners in Zion are afraid; fearfulness hath surprised the hypocrites. Who among us shall dwell with the devouring fire? who among us shall dwell with everlasting burnings?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Afraid in Zion have been sinners, Seized hath trembling the profane: Who doth dwell for us — consuming fire, Who doth dwell for us — burnings of the age?
Read in context
- 12देश देश के लोग फूंके हुए चूने के सामान हो जाएंगे, और कटे हुए कटीले पेड़ों की नाई आग में जलाए जाएंगे।।
- 13हे दूर दूर के लोगों, सुनो कि मैं ने क्या किया है? और तुम भी जो निकट हो, मेरा पराक्रम जान लो।
- 14सिरयोन के पापी थरथरा गए हैं: भक्तिहीनों को कंपकंपी लगी है: हम में से कोन प्रचण्ड आग में रह सकता? हम में से कौन उस आग में बना रह सकता है जो कभी नहीं बुझेगी?
- 15जो धर्म से चलता और सीधी बातें बोलता; जो अन्धेर के लाभ से घृणा करता, जो घूस नही लेता; जो खून की बात सुनने से कान बन्द करता, और बुराई देखने से आंख मूंद लेता है। वही ऊंचे स्थानों में निवास करेगा।
- 16वह चट्टानों के गढ़ों में शरण लिए हुए रहेगा; उसको रोटी मिलेगी और पानी की घटी कभी न होगी।।
Cross references
- Hebrews 12:29 इब्रानियों 12:29क्योंकि हमारा परमेश्वर भस्म करनेवाली आग है।।
- Matthew 25:46 मत्ती 25:46और यह अनन्त दण्ड भोगेंगे परन्तु धर्मी अनन्त जीवन में प्रवेश करेंगे।
- Isaiah 66:24 यशायाह 66:24तब वे निकल कर उन लोगों की लोथों पर जिन्होंने मुझ से बलवा किया दृष्टि डालेंगे; क्योंकि उन में पड़े हुए कीड़े कभी न मरेंगे, उनकी आस कभी न बुझेगी, और सारे मनुष्यों को उन से अत्यन्त घृणा होगी॥
- Matthew 18:8 मत्ती 18:8यदि तेरा हाथ या तेरा पांव तुझे ठोकर खिलाए, तो काटकर फेंक दे; टुण्डा या लंगड़ा होकर जीवन में प्रवेश करना तेरे लिये इस से भला है, कि दो हाथ या दो पांव रहते हुए तू अनन्त आग में डाला जाए।
- Matthew 25:41 मत्ती 25:41तब वह बाईं ओर वालों से कहेगा, हे स्रापित लोगो, मेरे साम्हने से उस अनन्त आग में चले जाओ, जो शैतान और उसके दूतों के लिये तैयार की गई है।
- Deuteronomy 5:24–25 व्यवस्थाविवरण 5:24–25और तुम कहने लगे, कि हमारे परमेश्वर यहोवा ने हम को अपना तेज और महीमा दिखाई है, और हम ने उसका शब्द आग के बीच में से आते हुए सुना; आज हम ने देख लिया कि यद्यपि परमेश्वर मनुष्य से बातें करता है तौभी मनुष्य जीवित रहता है। अब हम क्यों मर जाएं? क्योंकि ऐसी बड़ी आग से हम भस्म हो जाएंगे; और यदि हम अपने परमेश्वर यहोवा का शब्द फिर सुनें, तब तो मर ही जाएंगे।
- Revelation 14:10 प्रकाशितवाक्य 14:10तो वह परमेश्वर का प्रकोप की निरी मदिरा जो उसके क्रोध के कटोरे में डाली गई है, पीएगा और पवित्रा स्वर्गदूतों के साम्हने, और मेम्ने के साम्हने आग और गन्धक की पीड़ा में पड़ेगा।
- Isaiah 29:13 यशायाह 29:13और प्रभु ने कहा, ये लोग जो मुंह से मेरा आदर करते हुए समीप आते परन्तु अपना मन मुझ से दूर रखते हैं, और जो केवल मनुष्यों की आज्ञा सुन सुनकर मेरा भय मानते हैं।
- Revelation 6:15–17 प्रकाशितवाक्य 6:15–17और पृथ्वी के राजा, और प्रधान, और सरदार, और धनवान और सामर्थी लोग, और हर एक दास, और हर एक स्वतंत्रा, पहाड़ों की खोहों में, और चटानों में जा छिपे। और पहाड़ों, और चटानों से कहने लगे, कि हम पर गिर पड़ो; और हमें उसके मुंह से जो सिंहासन पर बैठा है और मेम्ने के प्रकोप से छिपा लो। क्योंकि उन के प्रकोप का भयानक दिन आ पहुंचा है, अब कौन ठहर सकता है?
- Nahum 1:6 नहूम 1:6उसके क्रोध का साम्हना कौन कर सकता है? और जब उसका क्रोध भड़कता है, तब कौन ठहर सकता है? उसकी जलजलाहट आग की नाईं भड़क जाती है, और चट्टानें उसकी शक्ति से फट फटकर गिरती हैं।
- 2 Thessalonians 1:8 2 थिस्सलुनीकियों 1:8और जो परमेश्वर को नहीं पहचानते, और हमारे प्रभु यीशु के सुसमाचार को नहीं मानते उन से पलटा लेगा।
- Job 18:11 अय्यूब 18:11चारों ओर से डरावनी वस्तुएं उसे डराएंगी और उसके पीछे पड़कर उसको भगाएंगी।
Original words (Hebrew)
- sinners · H2400חַטָּא chaṭṭâʼ
- Zion · H6726צִיּוֹן Tsîyôwn
- afraid · H6342פָּחַד pâchad
- fearfulness · H7461רַעַד raʻad
- surprised · H270אָחַז ʼâchaz
- hypocrites · H2611חָנֵף chânêph
- dwell · H1481גּוּר gûwr
- devouring · H398אָכַל ʼâkal
- fire · H784אֵשׁ ʼêsh
- dwell · H1481גּוּר gûwr
- everlasting · H5769עוֹלָם ʻôwlâm
- burnings · H4168מוֹקֵד môwqêd