Isaiah · chapter 44 · verse 12
Isaiah 44:12 in Hindi
लोहार एक बसूला अंगारों मे बनाता और हथौड़ों से गढ़कर तैयार करता है, अपने भुजबल से वह उसको बनाता है; फिर वह भूखा हो जाता है और उसका बल घटता है, वह पानी नहीं पीता और थक जाता है।
Lohaar ek basoolaa angaarom me banaataa aur hathaudom se gadhakar taiyaar karataa hai, apane bhujabal se vah usako banaataa hai; phir vah bhookhaa ho jaataa hai aur usakaa bal ghatataa hai, vah paanee naheem peetaa aur thak jaataa hai.
Isaiah 44:12 in English
- King James Version (KJV)
- The smith with the tongs both worketh in the coals, and fashioneth it with hammers, and worketh it with the strength of his arms: yea, he is hungry, and his strength faileth: he drinketh no water, and is faint.
- World English Bible (WEB)
- The blacksmith takes an ax, works in the coals, fashions it with hammers, and works it with his strong arm. He is hungry, and his strength fails; he drinks no water, and is faint.
- American Standard Version (ASV)
- The smith [maketh] an axe, and worketh in the coals, and fashioneth it with hammers, and worketh it with his strong arm: yea, he is hungry, and his strength faileth; he drinketh no water, and is faint.
- Bible in Basic English (BBE)
- The iron-worker is heating the metal in the fire, giving it form with his hammers, and working on it with his strong arm: then for need of food his strength gives way, and for need of water he becomes feeble.
- Darby Translation (DBY)
- The iron-smith [hath] a chisel, and he worketh in the coals, and he fashioneth it with hammers, and worketh it with his strong arm; — but he is hungry, and his strength faileth; he hath not drunk water, and he is faint.
- Webster's Bible (WBS)
- The smith with the tongs both worketh in the coals, and fashioneth it with hammers, and worketh it with the strength of his arms: yes, he is hungry, and his strength faileth: he drinketh no water, and is faint.
- Young's Literal Translation (YLT)
- He hath wrought iron [with] an axe, And hath wrought with coals, And with hammers doth form it, And doth work it by his powerful arm, Yea, he is hungry, and there is no power, He doth not drink water, and he is wearied.
Read in context
- 10किस ने देवता वा निष्फल मूरत ढाली है?
- 11देख, उसके सब संगियों को तो लज्जित होना पड़ेगा, कारीगर तो मनुष्य ही है; वे सब के सब इकट्ठे होकर खड़े हों; वे डर जाएंगे; वे सब के सब लज्जित होंगे।
- 12लोहार एक बसूला अंगारों मे बनाता और हथौड़ों से गढ़कर तैयार करता है, अपने भुजबल से वह उसको बनाता है; फिर वह भूखा हो जाता है और उसका बल घटता है, वह पानी नहीं पीता और थक जाता है।
- 13बढ़ई सूत लगाकर टांकी से रखा करता है और रन्दनी से काम करता और परकार से रेखा खींचता है, वह उसका आकार और मनुष्य की सी सुन्दरता बनाता है ताकि लोग उस घर में रखें।
- 14वह देवदार को काटता वा वन के वृक्षों में से जाति जाति के बांजवृक्ष चुनकर सेवता है, वह एक तूस का वृक्ष लगाता है जो वर्षा का जल पाकर बढ़ता है।
Cross references
- Isaiah 40:19 यशायाह 40:19मूरत! कारीगर ढालता है, सोनार उसको सोने से मढ़ता और उसके लिये चान्दी की सांकलें ढालकर बनाता है।
- Isaiah 41:6–7 यशायाह 41:6–7वे एक दूसरे की सहायता करते हैं और उन में से एक अपने भाई से कहता है, हियाव बान्ध! बढ़ई सोनार को और हथौड़े से बराबर करनेवाला निहाई पर मारनेवाले को यह कहकर हियाव बन्धा रहा है, जोड़ तो अच्छी है, सो वह कील ठोंक ठोंककर उसको ऐसा दृढ़ करता है कि वह स्थिर रहे।।
- Isaiah 46:6–7 यशायाह 46:6–7जो थैली से सोना उण्डेलते वा कांटे में चान्दी तौलते हैं, जो सुनार को मजदुरी देकर उस से देवता बनवाले हैं, तब वे उसे प्रणाम करते वरन दण्डवत् भी करते हैं! वे उसको कन्धे पर उठाकर लिए फिरते हैं, वे उसे उसके स्थान में रख देते और वह वहीं खड़ा रहता है; वह अपने स्थान से हट नहीं सकता; यदि कोई उसकी दोहाई भी दे, तौभी न वह सुन सकता है और न विपत्ति से उसका उद्धार कर सकता है।।
- Habakkuk 2:13 हबक्कूक 2:13देखो, क्या सेनाओं के यहोवा की ओर से यह नहीं होता कि देश देश के लोग परिश्रम तो करते हैं परन्तु वे आग का कौर होते हैं; और राज्य- राज्य के लोगों का परिश्रम व्यर्थ ही ठहरता है?
- Exodus 32:8 निर्गमन 32:8और जिस मार्ग पर चलने की आज्ञा मैं ने उनको दी थी उसको झटपट छोड़कर उन्हों ने एक बछड़ा ढालकर बना लिया, फिर उसको दण्डवत् किया, और उसके लिये बलिदान भी चढ़ाया, और यह कहा है, कि हे इस्त्राएलियों तुम्हारा परमेश्वर जो तुम्हें मि देश से छुड़ा ले आया है वह यही है।
- Jeremiah 10:3–11 यिर्मयाह 10:3–11क्योंकि देशों के लोगों की रीतियां तो निकम्मी हैं। मूरत तो बन में से किसी का काटा हुआ काठ है जिसे कारीगर ने बसूले से बनाया है। लोग उसको सोने- चान्दी से सजाते और हथैड़े से कील ठोंक ठोंककर दुढ़ करते हैं कि वह हिल- डुल न सके। वे खरादकर ताड़ के पेड़ के समान गोल बनाई जाती हैं, पर बोल नहीं सकतीं; उन्हें उठाए फिरना पड़ता है, क्योंकि वे चल नहीं सकतीं। उन से मत डरो, क्योंकि, न तो वे कुछ बुरा कर सकती हैं और न कुछ भला। हे यहोवा, तेरे समान कोई नहीं है; तू महान है, और तेरा नाम पराक्रम में बड़ा है। हे सब जातियों के राजा, तुझ से कौन न डरेगा? क्योंकि यह तेरे योग्य है; अन्यजातियों के सारे बुध्दिमानों में, और उनके सारे राज्यों में तेरे समान कोई नहीं है। परन्तु वे पशु सरीखे निरे मूर्ख हैं; मूर्त्तियों से क्या शिक्षा? वे तो काठ ही हैं! पत्तर बनाई हुई चान्दी तश श से लाई जाती है, और उफाज से सोना। वे कारीगर और सुनार के हाथों की कारीगरी हैं; उनके पहिरावे नीले और बैंजनी रंग के वस्त्रा हैं; उन में जो कुछ है वह निपुण कारीगरों की कारीगरी ही है। परन्तु यहोवा वास्तव में परमेश्वर है; जीवित परमेश्वर और सदा का राजा वही है। उसके प्रकोप से पृथ्वी कांपती है, और जाति जाति के लोग उसके क्रोध को सह नहीं सकते। तुम उन से यह कहना, ये देवता जिन्हों ने आकाश और पृथ्वी को नहीं बनाया वे पृथ्वी के ऊपर से और आकाश के नीचे से नष्ट हो जाएंगे।
- Exodus 32:4 निर्गमन 32:4और हारून ने उन्हें उनके हाथ से लिया, और एक बछड़ा ढालकर बनाया, और टांकी से गढ़ा; तब वे कहने लगे, कि हे इस्त्राएल तेरा परमेश्वर जो तुझे मि देश से छुड़ा लाया है वह यही है।
Original words (Hebrew)
- smith · H1270בַּרְזֶל barzel
- tongs · H4621מַעֲצָד maʻătsâd
- worketh · H6466פָּעַל pâʻal
- coals · H6352פֶּחָם pechâm
- fashioneth · H3335יָצַר yâtsar
- hammers · H4717מַקָּבָה maqqâbâh
- worketh · H6466פָּעַל pâʻal
- strength · H3581כֹּחַ kôach
- arms · H2220זְרוֹעַ zᵉrôwaʻ
- hungry · H7457רָעֵב râʻêb
- strength · H3581כֹּחַ kôach
- faileth · H369אַיִן ʼayin
- drinketh · H8354שָׁתָה shâthâh
- water · H4325מַיִם mayim
- faint · H3286יָעַף yâʻaph