Isaiah · chapter 46 · verse 7
Isaiah 46:7 in Hindi
वे उसको कन्धे पर उठाकर लिए फिरते हैं, वे उसे उसके स्थान में रख देते और वह वहीं खड़ा रहता है; वह अपने स्थान से हट नहीं सकता; यदि कोई उसकी दोहाई भी दे, तौभी न वह सुन सकता है और न विपत्ति से उसका उद्धार कर सकता है।।
Ve usako kandhe par uthaakar lie phirate haim, ve use usake sthaan mem rakh dete aur vah vaheem khadaa rahataa hai; vah apane sthaan se hat naheem sakataa; yadi koee usakee dohaaee bhee de, taubhee na vah sun sakataa hai aur na vipatti se usakaa uddhaar kar sakataa hai..
Isaiah 46:7 in English
- King James Version (KJV)
- They bear him upon the shoulder, they carry him, and set him in his place, and he standeth; from his place shall he not remove: yea, [one] shall cry unto him, yet can he not answer, nor save him out of his trouble.
- World English Bible (WEB)
- They bear it on their shoulder. They carry it, and set it in its place, and it stands there. It cannot move from its place. Yes, one may cry to it, yet it can not answer. It cannot save him out of his trouble.
- American Standard Version (ASV)
- They bear it upon the shoulder, they carry it, and set it in its place, and it standeth, from its place shall it not remove: yea, one may cry unto it, yet can it not answer, nor save him out of his trouble.
- Bible in Basic English (BBE)
- They put him on their backs, and take him up, and put him in his fixed place, from which he may not be moved; if a man gives a cry for help to him, he is unable to give an answer, or get him out of his trouble.
- Darby Translation (DBY)
- They bear him on the shoulder, they carry him, and set him in his place; there he standeth, he doth not remove from his place: yea, one crieth unto him, and he answereth not; he saveth him not out of his trouble.
- Webster's Bible (WBS)
- They bear him upon the shoulder, they carry him, and set him in his place, and he standeth; from his place shall he not remove: yes, [one] shall cry to him, yet he cannot answer, nor save him out of his trouble.
- Young's Literal Translation (YLT)
- They lift him up on the shoulder, They carry him, and cause him to rest in his place, And he standeth, from his place he moveth not, Yea, one crieth unto him, and he answereth not, From his adversity he saveth him not.
Read in context
- 5मैं तुम्हें उठाए रहूंगा और छुड़ाता भी रहूंगा।। तुम किस से मेरी उपमा दोगे और मुझे किस के समान बताओगे, किस से मेरा मिलान करोगे कि हम एक समान ठहरें?
- 6जो थैली से सोना उण्डेलते वा कांटे में चान्दी तौलते हैं, जो सुनार को मजदुरी देकर उस से देवता बनवाले हैं, तब वे उसे प्रणाम करते वरन दण्डवत् भी करते हैं!
- 7वे उसको कन्धे पर उठाकर लिए फिरते हैं, वे उसे उसके स्थान में रख देते और वह वहीं खड़ा रहता है; वह अपने स्थान से हट नहीं सकता; यदि कोई उसकी दोहाई भी दे, तौभी न वह सुन सकता है और न विपत्ति से उसका उद्धार कर सकता है।।
- 8हे अपराधियों, इस बात को स्मरण करो और ध्यान दो, इस पर फिर मन लगाओ।
- 9प्राचीनकाल की बातें स्मरण करो जो आरम्भ ही से है; क्योंकि ईश्वर मैं ही हूं, दूसरा कोई नहीं; मैं ही परमेश्वर हूं और मेरे तुल्य कोई भी नहीं है।
Cross references
- Isaiah 45:20 यशायाह 45:20हे अन्यजातियों में से बचे हुए लोगो, इकट्ठे होकर आओ, एक संग मिलकर निकट आओ! वह जो अपनी लकड़ी की खोदी हुई मूरतें लिए फिरते हैं और ऐसे देवता से जिस से उद्धार नहीं हो सकता, प्रार्थना करते हैं, वे अज्ञान हैं।
- Jeremiah 10:5 यिर्मयाह 10:5वे खरादकर ताड़ के पेड़ के समान गोल बनाई जाती हैं, पर बोल नहीं सकतीं; उन्हें उठाए फिरना पड़ता है, क्योंकि वे चल नहीं सकतीं। उन से मत डरो, क्योंकि, न तो वे कुछ बुरा कर सकती हैं और न कुछ भला।
- 1 Samuel 5:3 1 शमूएल 5:3बिहान को अशदोदियों ने तड़के उठकर क्या देखा, कि दागोन यहोवा के सन्दूक के साम्हने औंधे मूंह भूमि पर गिरा पड़ा है। तब उन्हों ने दागोन को उठाकर उसी के स्थान पर फिर खड़ा किया।
- Isaiah 46:1 यशायाह 46:1बेल देवता झुक गया, नबो देवता नब गया है, उनकी प्रतिमाएं पशुओं वरन घरैलू पशुओं पर लदी हैं; जिन वस्तुओं को तुम उठाए फिरते थे, वे अब भारी बोझ हो गईं और थकित पशुओं पर लदी हैं।
- 1 Kings 18:40 1 राजा 18:40एलिरयाह ने उन से कहा, बाल के नबियों को पकड़ लो, उन में से एक भी छूटते न पाए; तब उन्हों ने उनको पकड़ लिया, और एलिरयाह ने उन्हें नीचे किशोन के नाले में ले जाकर मार डाला।
- Daniel 3:1 दानिय्येल 3:1नबूकदनेस्सर राजा ने सोने की एक मूरत बनवाई, जिनकी ऊंचाई साठ हाथ, और चौड़ाई छ: हाथ की थी। और उस ने उसको बाबुल के प्रान्त के दूरा नाम मैदान में खड़ा कराया।
- Jonah 1:14–16 योना 1:14–16तब उन्हों ने यहोवा को पुकारकर कहा, हे यहोवा हम बिनती करते ळें, कि इस पुरूष के प्राण की सन्ती हमारा नाश न हो, और न हमें निर्दोष की हत्या का दोषी ठहरा; क्योंकि हे हयोवा, जो कुछ तेरी इच्छा थी वही तू ने किया है। तब उन्हों ने योना को उठाकर समुद्र में फेंक दिया; और समुद्र की भयानक लहरें थम गईं। तब उन मनुष्यों ने यहोवा का बहुत ही भय माना, और उसको भेंट चढ़ाई और मन्नतें मानीं।।
- Jeremiah 2:28 यिर्मयाह 2:28परन्तु जो देवता तू ने बना लिए हैं, वे कहां रहे? यदि वे तेरी विपत्ति के समय तुझे बचा सकते हैं तो अभी उठें; क्योंकि हे यहूदा, तेरे नगरों के बराबर तेरे देवता भी बहुत हैं।
- Judges 10:12–14 न्यायियों 10:12–14फिर जब सीदोनी, और अमालेकी, और माओनी लोगों ने तुम पर अन्धेर किया; और तुम ने मेरी दोहाई दी, तब मैं ने तुम को उनके हाथ से भी न छुड़ाया? तौभी तुम ने मुझे त्यागकर पराये देवताओं की उपासना की है; इसलिये मैं फिर तुम को न छुड़ाऊंगा। जाओ, अपने माने हुए देवताओं की दोहाई दो; तुम्हारे संकट के समय वे ही तुम्हें छुड़ाएं।
- 1 Kings 18:26 1 राजा 18:26तब उन्हों ने उस बछड़े को जो उन्हें दिया गया था लेकर तैयार किया, और भोर से लेकर दोपहर तक वह यह कहकर बाल से प्रार्थना करते रहे, कि हे बाल हमारी सुन, हे बाल हमारी सुन! परन्तु न कोई शब्द और न कोई उत्तर देनेवाला हुआ। तब वे अपनी बनाई हुई वेदी पर उछलने कूदने लगे।
- Jonah 1:5 योना 1:5तब मल्लाह लोग डरकर अपने अपने देवता की दोहाई देने लगे; और जहाज में जो व्योपार की सामग्री थी उसे समुद्र में फेंकने लगे कि जहाज हल्का हो जाए। परन्तु योना जहाज के निचले भाग में उतरकर सो गया था, और गहरी नींद में पड़ा हुआ था।
- Isaiah 37:38 यशायाह 37:38वहां वह अपने देवता निद्दॊक के मन्दिर में दण्डवत् कर रहा था कि इतने में उसके पुत्रा अद्रम्मेलेक और शरेसेन ने उसको तलवार से मारा और अरारात देश में भाग गए। और उसका पुत्रा एसर्हद्दॊन उसके स्थान पर राज्य करने लगा।।