Isaiah · chapter 57 · verse 8
Isaiah 57:8 in Hindi
तू ने अपनी चिन्हानी अपने द्वार के किवाड़ और चौखट की आड़ ही में रखी; मुझे छोड़कर तू औरों को अपने तई दिखाने के लिये चढ़ी, तू ने अपनी खाट चौड़ी की और उन से वाचा बान्ध ली, तू ने उनकी खाट को जहां देखा, पसन्द किया।
Too ne apanee chinhaanee apane dvaar ke kivaad aur chaukhat kee aad hee mem rakhee; mujhe chhodakar too aurom ko apane taee dikhaane ke liye chadhee, too ne apanee khaat chaudee kee aur un se vaachaa baandh lee, too ne unakee khaat ko jahaam dekhaa, pasand kiyaa.
Isaiah 57:8 in English
- King James Version (KJV)
- Behind the doors also and the posts hast thou set up thy remembrance: for thou hast discovered [thyself to another] than me, and art gone up; thou hast enlarged thy bed, and made thee [a covenant] with them; thou lovedst their bed where thou sawest [it].
- World English Bible (WEB)
- You have set up your memorial behind the doors and the posts, for you have exposed yourself to someone besides me, and have gone up. You have enlarged your bed and made a covenant for yourself with them. You loved what you saw on their bed.
- American Standard Version (ASV)
- And behind the doors and the posts hast thou set up thy memorial: for thou hast uncovered [thyself] to another than me, and art gone up; thou hast enlarged thy bed, and made thee a covenant with them: thou lovedst their bed where thou sawest it.
- Bible in Basic English (BBE)
- And on the back of the doors and on the pillars you have put your sign: for you have been false to me with another; you have made your bed wide, and made an agreement with them; you had a desire for their bed where you saw it
- Darby Translation (DBY)
- Behind the doors also and the posts hast thou set up thy remembrance: for apart from me, thou hast uncovered thyself, and art gone up; thou hast enlarged thy bed, and hast made agreement with them; thou lovedst their bed, thou sawest their nakedness.
- Webster's Bible (WBS)
- Behind the doors also and the posts hast thou set up thy remembrance: for thou hast uncovered [thyself to another] than me, and hast gone up; thou hast enlarged thy bed, and made thee [a covenant] with them; thou lovedst their bed where thou sawest [it] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- And behind the door, and the post, Thou hast set up thy memorial, For from Me thou hast removed, and goest up, Thou hast enlarged thy couch, And dost covenant for thyself among them, Thou hast loved their couch, the station thou sawest,
Read in context
- 6नालों के चिकने पत्थर ही तेरा भाग और अंश ठहरे; तू ने उनके लिये तपावन दिया और अन्नबलि चढ़ाया है। क्या मैं इन बातों से शान्त हो जाऊं?
- 7एक बड़े ऊंचे पहाड़ पर तू ने अपना बिछौना छिाया है, वहीं तू बलि चढ़ाने को चढ़ गई।
- 8तू ने अपनी चिन्हानी अपने द्वार के किवाड़ और चौखट की आड़ ही में रखी; मुझे छोड़कर तू औरों को अपने तई दिखाने के लिये चढ़ी, तू ने अपनी खाट चौड़ी की और उन से वाचा बान्ध ली, तू ने उनकी खाट को जहां देखा, पसन्द किया।
- 9तू तेल लिए हुए राजा के पास गई और बहुत सुगन्धित तेल अपने काम में लाई; अपने दूत तू ने दूर तक भेजे और अधोलोक तक अपने को नीचा किया।
- 10तू अपनी यात्रा की लम्बाई के कारण थक गई, तौभी तू ने न कहा कि यह व्यर्थ है; तेरा बल कुछ अधिक हो गया, इसी कारण तू नहीं थकी।।
Cross references
- Ezekiel 23:2–20 यहेजकेल 23:2–20हे मनुष्य के सन्तान, दो स्त्रियां थी, जो एक ही मा की बेटी थी, वे अपने बचपन ही में वेश्या का काम मिस्र में करने लगी; उनकी छातियां कुंवारपन में पहिले वहीं मींजी गई और उनका मरदन भी हुआ। उन लड़कियों में से बड़ी का नाम ओहोला और उसकी बहिन का नाम ओहोलीबा था। वे मेरी हो गई, और उनके पुत्रा पुत्रियां उत्पन्न हुई। उनके नामों में से ओहोला तो शोमरोन, और ओहेलीबा यरूशलेम है। ओहोला जब मेरी थी, तब ही व्यभिचारिणी होकर अपने मित्रों पर मोहित होने लगी जो उसके पड़ोसी अश्शूरी थे। वे तो सब के सब नीले वस्त्रा पहिननेवाले मनभावने जवान, अधिपति और प्रधान थे, और घोड़ों पर सवार थे। सो उस ने उन्हीं के साथ व्यभिचार किया जो सब के सब सव त्तम अश्शूरी थे; और जिस किसी पर वह मोहित हुई, उसी की मूरतों से वह अशुद्ध हुई। जो व्यभिचार उस ने मिस्र में सीखा था, उसको भी उस ने न छोड़ा; क्योंकि बचपन में मनुष्यों ने उसके साथ कुकर्म किया, और उसकी छातियां मींजी, और तन- मन से उसके साथ व्यभिचार किया गया था। इस कारण मैं ने उसको उन्हीं अश्शूरी मित्रों के हाथ कर दिया जिन पर वह मोहित हुई थी। उन्हों ने उसको नंगी किया; उसके पुत्रा- मुत्रियां छीनकर उसको तलवार से घात किया; इस प्रकार उनके हाथ से दण्ड पाकर वह स्त्रियों में प्रसिद्ध हो गई। उसकी बहिन ओहोलीबा ने यह देखा, तौभी वह मोहित होकर व्यभिचार करने में अपनी बहिन से भी अधिक बढ़ गई। वह अपने अश्शूरी पड़ोसियों पर मोहित होती थी, जो सब के सब अति सुन्दर वस्त्रा पहिननेवाले और घोड़ों के सवार मनभावने, जवानन अधिपति और और प्रकार के प्रधान थे। तब मैं ने देखा कि वह भी अशुद्ध हो गई; उन दोनों बहिनों की एक ही चाल थी। परन्तु ओहोलीबा अधिक व्यभिचार करती गई; सो जब उस ने भीत पर सेंदूर से खींचे हुए ऐसे कसदी पुरूषें के चित्रा देखेे, जो कटि में फेंटे बान्धे हुए, सिर में छोर लटकती हुई रंगीली पगड़ियां पहिने हुए, और सब के सब अपनी कसदी जन्मभूमि अर्थात् बाबुल के लोगों की रीति पर प्रधानों का रूप धरे हुए थे, तब उनको देखते ही वह उन पर मोहित हुई और उनके पास कसदियों के देश में दूत भेजे। सो बाबुली लोग उसके पास पलंग पर आए, और उसके साथ व्यभिचार करके उसे अशुद्ध किया; और जब वह उन से अशुद्ध हो गई, तब उसका मन उन से फिर गया। तौभी जब वह तन उधड़ती और व्यभिचार करती गई, तब मेरा मन जैसे उसकी बहिन से फिर गया था, वैसे ही उस से भी फिर गया। इस पर भी वह मिस्र देश के अपने बचपन के दिन स्मरण करके जब वह वेश्या का काम करती थी, और अधिक व्यभिचार करती गई; और ऐसे मिस्रों पर मोहित हुई, जिनका मांस गदहों का सा, और वीर्य घोड़ों का सा था।
- Ezekiel 23:41 यहेजकेल 23:41सुन्दर पलंग पर बैठी रही; और तेरे साम्हने एक मेज़ बिछी हुई थी, जिस पर तू ने मेरा धूप और मेरा तेल रखा था।
- Ezekiel 8:8–12 यहेजकेल 8:8–12तब उस ने मूझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, भीत को फोड़; तो मैं ने भीत को फोड़कर क्या देखा कि एक द्वार है उस ने मुझ से कहा, भीतर जाकर देख कि ये लोग यहां कैसे कैसे और अति घृणित काम कर रहे हैं। सो मैं ने भीतर जाकर देखा कि चारों ओर की भीत पर जाति जाति के रेंगनेवाले जन्तुओं और घृणित पशुओं और इस्राएल के घराने की सब मूरतों के चित्रा खिचे हुए हैं। और इस्राएल के घराने के पुरनियों में से सत्तर पुरूष जिन के बीच में शापान का पुत्रा याजन्याह भी है, वे उन चित्रों के साम्हने खड़े हैं, और हर एक पुरूष अपने हाथ में घूपदान लिए हुए है; और धूप के धूएं के बादल की सुगन्ध उठ रही है। तब उस ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, क्या तू ने देखा है कि इस्राएल के घराने के पुरनिये अपनी अपनी नक्काशीवाली कोठरियों के भीतर अर्थात् अन्धियारे में क्या कर रहे हैं? वे कहते हैं कि यहोवा हम को नहीं देखता; यहोवा ने देश को त्याग दिया है।
- Ezekiel 16:25–28 यहेजकेल 16:25–28और एक एक सड़क के सिरे पर भी तू ने अपना ऊंचा स्थान बनवाकर अपनी सुन्दरता घृणित करा दी, और हर एक यात्री को कुकर्म के लिये बुलाकर महाव्यभिचारिणी हो गई। तू ने अपने पड़ोसी मिस्री लोगों से भी, जो मोटे- ताजे हैं, व्यभिचार किया और मुझे क्रोध दिलाने के लिये अपना व्यभिचार चढ़ाती गई। इस कारण मैं ने अपना हाथ तेरे विरूद्ध बढ़ाकर, तेरा प्रति दिन का खाना घटा दिया, और तेरी बैरिन पलिश्ती स्त्रियां जो तेरे महापाप की चाल से लजाती है, उनकी इच्छा पर मैं ने तुझे छोड़ दिया है। फिर भी तेरी तृष्णा न बुझी, इसलिये तू ने अश्शूरी लोगों से भी व्यभिचार किया; और उन से व्यभिचार करने पर भी तेरी तृष्णा न बुझी।
- Ezekiel 16:32 यहेजकेल 16:32तू व्यभिचारिणी पत्नी है। तू पराये पुरूषों को अपने पति की सन्ती ग्रहण करती है।
Original words (Hebrew)
- Behind · H310אַחַר ʼachar
- doors · H1817דֶּלֶת deleth
- posts · H4201מְזוּזָה mᵉzûwzâh
- up · H7760שׂוּם sûwm
- remembrance · H2146זִכְרוֹן zikrôwn
- discovered · H1540גָּלָה gâlâh
- up · H5927עָלָה ʻâlâh
- enlarged · H7337רָחַב râchab
- bed · H4904מִשְׁכָּב mishkâb
- made · H3772כָּרַת kârath
- lovedst · H157אָהַב ʼâhab
- bed · H4904מִשְׁכָּב mishkâb
- where · H3027יָד yâd
- sawest · H2372חָזָה châzâh