Jeremiah · chapter 20 · verse 8
Jeremiah 20:8 in Hindi
क्योंकि जब मैं बातें करता हूँ, तब मैं जोर से पुकार पुकारकर ललकारता हूँ कि उपद्रव और उत्पात हुआ, हां उत्पात! क्योंकि यहोवा का वचन दिन भर मेरे लिये निन्दा और ठट्ठा का कारण होता रहता है।
Kyonki jab maim baatem karataa hoon, tab maim jor se pukaar pukaarakar lalakaarataa hoon ki upadrav aur utpaat huaa, haam utpaat! Kyonki yahovaa kaa vachan din bhar mere liye nindaa aur thatthaa kaa kaaran hotaa rahataa hai.
Jeremiah 20:8 in English
- King James Version (KJV)
- For since I spake, I cried out, I cried violence and spoil; because the word of the LORD was made a reproach unto me, and a derision, daily.
- World English Bible (WEB)
- For as often as I speak, I cry out; I cry, “Violence and destruction!” because the LORD’s word has been made a reproach to me, and a derision, all day.
- American Standard Version (ASV)
- For as often as I speak, I cry out; I cry, Violence and destruction! because the word of Jehovah is made a reproach unto me, and a derision, all the day.
- Bible in Basic English (BBE)
- For every word I say is a cry for help; I say with a loud voice, Violent behaviour and wasting: because the word of the Lord is made a shame to me and a cause of laughing all the day.
- Darby Translation (DBY)
- For as oft as I speak, I cry out; I proclaim violence and spoil; for the word of Jehovah is become unto me a reproach and a derision all the day.
- Webster's Bible (WBS)
- For since I spoke, I cried out, I cried violence and spoil; because the word of the LORD was made a reproach to me, and a derision, daily.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Because from the time I speak I cry out, 'Violence and destruction,' I cry, For the word of Jehovah hath been to me For reproach and for derision all the day.
Read in context
- 6और, हे पशहूर, तू उन सब समेत जो तेरे घर में रहते हैं बंधुआई में चला जाएगा; अपने उन मित्रों समेत जिन से तू ने झूठी भविष्यद्वाणी की, तू बाबुल में जाएगा और वहीं मरेगा, और वहीं तुझे और उन्हें भी मिट्टी दी जाएगी।
- 7हे यहोवा, तू ने मुझे धोखा दिया, और मैं ने धोखा खाया; तू मुझ से बलवन्त है, इस कारण तू मुझ पर प्रबल हो गया। दिन भर मेरी हंसी होती है; सब कोई मुझ से ठट्ठा करते हैं।
- 8क्योंकि जब मैं बातें करता हूँ, तब मैं जोर से पुकार पुकारकर ललकारता हूँ कि उपद्रव और उत्पात हुआ, हां उत्पात! क्योंकि यहोवा का वचन दिन भर मेरे लिये निन्दा और ठट्ठा का कारण होता रहता है।
- 9यदि मैं कहूं, मैं उसकी चर्चा न करूंगा न उसके नाम से बोलूंगा, तो मेरे हृदय की ऐसी दशा होगी मानो मेरी हडि्डयों में धधकती हुई आग हो, और मैं अपने को रोकते रोकते थक गया पर मुझ से रहा नहीं जाता।
- 10मैं ने बहुतों के मुंह से अपना अपवाद सुना है। चारों ओर भय ही भय है! मेरी जान पहचान के सब जो मेरे ठोकर खाने की बाट जोहते हैं, वे कहते हैं, उसके दोष बताओ, तब हम उनकी चर्चा फैला देंगे। कदाचित वह धोखा खाए, तो हम उस पर प्रबल होकर, उस से बदला लेंगे।
Cross references
- Jeremiah 6:10 यिर्मयाह 6:10मैं किस से बोलूं और किसको चिताकर कहूं कि वे मानें? देख, ये ऊंचा सुनते हैं, वे ध्यान भी नहीं दे सकते; देख, यहोवा के वचन की वे निन्दा करते और उसे नहीं चाहते हैं।
- 2 Chronicles 36:16 2 इतिहास 36:16परन्तु वे परमेश्वर के दूतों को ठट्ठों में उड़ाते, उसके वचनों को तुच्छ जानते, और उसके नबियों की हंसी करते थे। निदान यहोवा अपनी प्रजा पर ऐसा झुंझला उठा, कि बचने का कोई उपाय न रहा।
- Jeremiah 13:13–14 यिर्मयाह 13:13–14तब तू उन से कहना, यहोवा यों कहता है, देखो, मैं इस देश के सब रहनेवालों को, विशेष करके दाऊदवंश की गद्दी पर विराजमान राजा और याजक और भविष्यद्वक्ता आदि यरूशलेम के सब निवासियों को अपनी कोपरूपी मदिरा पिलाकर अचेत कर दूंगा। तब मैं उन्हें एक दूसरे से टकरा दूंगा; अर्थात् बाप को बेटे से, और बेटे को बाप से, यहोवा की यह वाणी है। मैं उन पर कोमलता नहीं दिखाऊंगा, न तरस खऊंगा और न दया करके उनको नष्ट होने से बचाऊंगा।
- Jeremiah 4:19–22 यिर्मयाह 4:19–22हाय! हाय! मेरा हृदय भीतर ही भीतर तड़पता है! और मेरा मन घबराता है! मैं चुप नहीं रह सकता; क्योंकि हे मेरे प्राण, नरसिंगे का शब्द और युठ्ठ की ललकार तुझ तक पहुंची है। नाश पर नाश का समाचार आ रहा है, सारा देश लूट लिया गया है। मेरे डेरे अचानक ओर मेरे तम्बू एकाएक लूटे गए हैं। और कितने दिन तक मुझे उनका झगडा देखना और नरसिंगे का शब्द सुनना पड़ेगा? क्योंकि मेरी प्रजा मूढ़ है, वे मुझे नहीं जानते; वे ऐसे मूर्ख लड़के हैं जिन में कुछ भी समझ नहीं। बुराई करने को तो वे बुध्दिमान हैं, परन्तु भलाई करना वे नहीं जानते।
- Jeremiah 20:7 यिर्मयाह 20:7हे यहोवा, तू ने मुझे धोखा दिया, और मैं ने धोखा खाया; तू मुझ से बलवन्त है, इस कारण तू मुझ पर प्रबल हो गया। दिन भर मेरी हंसी होती है; सब कोई मुझ से ठट्ठा करते हैं।
- Jeremiah 19:7–11 यिर्मयाह 19:7–11और मैं इस स्थान में यहूदा और यरूशलेम की युक्तियों को निष्फल कर दूंगा; और उन्हें उनके प्राणों के शत्रुओं के हाथ की तलवार चलवा कर गिरा दूंगा। उनकी लोथों को मैं आकाश के पक्षियों और भूमि के जीवजन्तुओं का आहार कर दूंगा। और मैं इस नगर को ऐसा उजाड़ दूंगा कि लोग इसे देख कर डरेंगे; जो कोई इसके पास से हो कर जाए वह इसकी सब विपत्तियों के कारण चकित होगा और घबराएगा। और घिर जाने और उस सकेती के समय जिस में उनके प्राण के शत्रु उन्हें डाल देंगे, मैं उनके बेटे-बेटियों का मांस उन्हें खिलाऊंगा और एक दूसरे का भी मांस खिलाऊंगा। तब तू उस सुराही को उन मनुष्यों के साम्हने तोड़ देना जो तेरे संग जाएंगे, और उन से कहना, सेनाओं का यहोवा यों कहता है कि जिस प्रकार यह मिट्टी का बासन जो टूट गया कि फिर बनाया न जा सके, इसी प्रकार मैं इस देश के लोगों को और इस नगर को तोड़ डालूंगा। और तोपेत नाम तराई में इतनी कब्रें होंगी कि क़ब्र के लिये और स्थान न रहेगा।
- Hebrews 11:26 इब्रानियों 11:26और मसीह के कारण निन्दित होने को मिसर के भण्डार से बड़ा धन समझा: क्योंकि उस की आंखे फल पाने की ओर लगी थीं।
- Jeremiah 5:15–17 यिर्मयाह 5:15–17यहोवा की यह वाणी है, हे इस्राएल के घराने, देख, मैं तुम्हारे विरूद्ध दूर से ऐसी जाति को चढ़ा लाऊंगा जो सामथ और प्राचीन है, उसकी भाषा तुम न समझोगे, और न यह जानोगे कि वे लोग क्या कह रहे हैं। उनका तर्कश खुली क़ब्र है और वे सब के सब शूरवीर हैं। तुम्हारे पक्के खेत और भोजनवस्तुएं जो तुम्हारे बेटे- बेटियों के खाने के लिये हैं उन्हें वे खा जाएंगे। वे तुम्हारी भ्ेाड़- बकरियों और गाय- बैलों को खा डालेंगे; वे तुम्हारी दाखों और अंजीरों को खा जाएंगे; और जिन गढ़वाले नगरों पर तुम भरोसा रखते हो उन्हें वे तलवार के बल से नाश कर देंगे।
- Jeremiah 6:6–7 यिर्मयाह 6:6–7सेनाओं का यहोवा तुम से कहता है, वृक्ष काट काटकर यरूशलेम के विरूद्व दमदमा बान्धोे! यह वही नगर है जो दणड के योग्य है; इस में अन्धेर ही अनधेर भरा हुआ है। जैसा कूएं में से नित्य नया जल निकला करता है, वैसा ही इस नगर में से नित्य नई बुराई निकलती है; इस में उत्पात और उपद्रव का कोलाहल मचा रहता है; चोट और मारपीट मेरे देखने में निरन्तर आती है।
- Jeremiah 28:8 यिर्मयाह 28:8जो भविष्यद्वक्ता प्राचीनकाल से मेरे और तेरे पहिले होते आए थे, उन्हों ने तो बहुत से देशों और बड़े राज्यों के विरूद्ध युठ्ठ और विपत्ति और मरी के विषय भविष्यद्वाणी की थी।
- Jeremiah 15:1–4 यिर्मयाह 15:1–4फिर यहोवा ने मुझ से कहा, यदि मूसा और शमूएल भी मेरे साम्हने खड़े होते, तौभी मेरा मन इन लोगों की ओर न फिरता। इनको मेरे साम्हने से निकाल दो कि वे निकल जाएं! और यदि वे तुझ से पूछें कि हम कहां निकल जाएं? तो कहना कि यहोवा यों कहता है, जो मरनेवाले हैं, वे मरने को चले जाएं, जो तलवार से मरनेवाले हैं, वे तलवार से मरने को; जो आकाल से मरनेवाले हैं, वे आकाल से मरने को, और जो बंधुए होनेवाले हैं, वे बंधुआई में चले जाएें। मैं उनके विरूद्ध चार प्रकार के विनाश ठहराऊंगा: मार डालने के लिये तलवार, फाड़ डालने के लिये कुत्ते, नोच डालने के लिये आकाश के पक्षी, और फाड़कर खाने के लिये मैदान के हिंसक जन्तु, यहोवा की यह वाणी है। यह हिजकिरयाह के पुत्रा, यहूदा के राजा मनश्शे के उन कामों के कारण होगा जो उस ने यरूशलेम में किए हैं, और मैं उन्हें ऐसा करूंगा कि वे पृथ्वी के राज्य राज्य में मारे मारे फिरेंगे।
- Lamentations 3:61–63 विलापगीत 3:61–63हे यहोवा, जो कल्पनाएं और निन्दा वे मेरे विरूद्ध करते हैं, वे भी तू ने सुनी हैं। मेरे विरोधियों के वचन, और जो कुछ भी वे मेरे विरूद्ध लगातार सोचते हैं, उन्हें तू जानता है। उनका उठना- बैठना ध्यान से देख; वे मुझ पर लगते हुए गीत गाते हैं।