Jeremiah · chapter 23 · verse 33
Jeremiah 23:33 in Hindi
यदि साधारण लोगों में से कोई जन वा कोई भविष्यद्वक्ता वा याजक तुम से पूछे कि यहोवा ने क्या प्रभवशाली वचन कहा है, तो उस से कहना, क्या प्रभवशाली वचन? यहोवा की यह वाणी है, मैं तुम को त्याग दूंगा।
Yadi saadhaaran logom mem se koee jan vaa koee bhavishyadvaktaa vaa yaajak tum se poochhe ki yahovaa ne kyaa prabhavashaalee vachan kahaa hai, to us se kahanaa, kyaa prabhavashaalee vachan? Yahovaa kee yah vaanee hai, maim tum ko tyaag doongaa.
Jeremiah 23:33 in English
- King James Version (KJV)
- And when this people, or the prophet, or a priest, shall ask thee, saying, What [is] the burden of the LORD? thou shalt then say unto them, What burden? I will even forsake you, saith the LORD.
- World English Bible (WEB)
- “When this people, or the prophet, or a priest, asks you, saying, ‘What is the message from the LORD?’ Then you shall tell them, ‘“What message? I will cast you off,” says the LORD.’
- American Standard Version (ASV)
- And when this people, or the prophet, or a priest, shall ask thee, saying, What is the burden of Jehovah? then shalt thou say unto them, What burden! I will cast you off, saith Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- And if this people, or the prophet, or a priest, questioning you, says, What word of weight is there from the Lord? then you are to say to them, You are the word, for I will not be troubled with you any more, says the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- And when this people, or a prophet, or a priest, ask thee, saying, What is the burden of Jehovah? thou shalt then say unto them, What burden? I will even cast you off, saith Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- And when this people, or the prophet, or a priest, shall ask thee, saying, What [is] the burden of the LORD? thou shalt then say to them, What burden? I will even forsake you, saith the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And when this people, or the prophet, Or a priest, doth ask thee, saying, What [is] the burden of Jehovah? Then thou hast said unto them: Ye [are] the burden, and I have left you, An affirmation of Jehovah.
Read in context
- 31फिर यहोवा की यह भी वाणी है कि जो भविष्यद्वक्ता "उसकी यह वाणी है", ऐसी झूठी वाणी कहकर अपनी अपनी जीभ डुलाते हैं, मैं उनके भी विरूद्ध हूँ।
- 32यहावा की यह भी वाणी है कि जो बिना मेरे भेजे वा बिना मेरी आज्ञा पाए स्वप्न देखने का झूठा दावा करके भविष्यद्वाणी करते हैं, और उसका वर्णन करके मेरी प्रजा को झूठे घमण्ड में आकर भरमाते हैं, उनके भी मैं विरूद्ध हूँ; और उन से मेरी प्रजा के लोगों का कुछ लाभ न हेगा।
- 33यदि साधारण लोगों में से कोई जन वा कोई भविष्यद्वक्ता वा याजक तुम से पूछे कि यहोवा ने क्या प्रभवशाली वचन कहा है, तो उस से कहना, क्या प्रभवशाली वचन? यहोवा की यह वाणी है, मैं तुम को त्याग दूंगा।
- 34और जो भविष्यद्वक्ता वा याजक वा साधारण मनुष्य "यहोवा का कहा हुआ भारी वचन" ऐसा कहता रहे, उसको घराने समेत मैं दण्ड दूंगा।
- 35तुम लोग एक दूसरे से और अपने अपने भाई से यों पुछना, यहोवा ने क्या उत्तर दिया?
Cross references
- Malachi 1:1 मलाकी 1:1मलाकी के द्वारा इस्राएल के विषय में कहा हुआ यहोवा का भारी वचन।।
- Hosea 9:12 होशे 9:12चाहे वे अपने लड़केबालों का पालनपोषण कर बड़े भी करें, तौभी मैं उन्हें यहां तक निर्वंश करूंगा कि कोई भी न बचेगा। जब मैं उन से दूर हो जाऊंगा, तब उन पर हाय!
- Isaiah 13:1 यशायाह 13:1बाबुल के विषय की भारी भविष्यवाणी जिसको आमोस के पुत्रा यशायाह ने दर्शन में पाया।
- Habakkuk 1:1 हबक्कूक 1:1भारी वचन जिसको हबक्कूक नबी ने दर्शन में पाया।।
- Jeremiah 12:7 यिर्मयाह 12:7मैं ने अपना घर छोड़ दिया, अपना निज भाग मैं ने त्याग दिया है; मैं ने अपनी प्राणप्रिया को शत्रुओं के वश में कर दिया है।
- Nahum 1:1 नहूम 1:1नीनवे के विषय में भारी वचन। एल्कोशी नहूम के दर्शन की पुस्तक।।
- Deuteronomy 32:19–20 व्यवस्थाविवरण 32:19–20इन बातों को देखकर यहोवा ने उन्हें तुच्छ जाना, क्योंकि उसके बेटे- बेटियों ने उसे रिस दिलाई थी।। तब उस ने कहा, मैं उन से अपना मुख छिपा लूंगा, और देखूंगा कि उनका अन्त कैसा होगा, क्योंकि इस जाति के लोग बहुत टेढ़े हैं और धोखा देनेवाले पुत्रा हैं।
- Jeremiah 20:7–8 यिर्मयाह 20:7–8हे यहोवा, तू ने मुझे धोखा दिया, और मैं ने धोखा खाया; तू मुझ से बलवन्त है, इस कारण तू मुझ पर प्रबल हो गया। दिन भर मेरी हंसी होती है; सब कोई मुझ से ठट्ठा करते हैं। क्योंकि जब मैं बातें करता हूँ, तब मैं जोर से पुकार पुकारकर ललकारता हूँ कि उपद्रव और उत्पात हुआ, हां उत्पात! क्योंकि यहोवा का वचन दिन भर मेरे लिये निन्दा और ठट्ठा का कारण होता रहता है।
- Jeremiah 23:39–40 यिर्मयाह 23:39–40इस कारण देखो, मैं तुम को बिलकुल भूल जाऊंगा और तुम को और इस नगर को जिसे मैं ने तुम्हारे पुरखाओं को, और तुम को भी दिया है, त्यागकर अपने साम्हने से दूर कर दूंगा। और मैं ऐसा करूंगा कि तुम्हारी नामधराई और अनादर सदा बना रहेगा; और कभी भूला न जाएगा।
- 2 Chronicles 15:2 2 इतिहास 15:2और वह आसा से भेंट करने निकला, और उस से कहा, हे आसा, और हे सारे यहूदा और बिन्यामीन मेरी सुनो, जब तक तुम यहोवा के संग रहोगे तब तक वह तुम्हारे संग रहेगा; और यदि तुम उसकी खोज में लगे रहो, तब तो वह तुम से मिला करेगा, परन्तु यदि तुम उसको त्याग दोगे तो वह भी तुम को त्याग देगा।
- Isaiah 14:28 यशायाह 14:28जिस वर्ष में आहाज राजा मर गया उसी वर्ष यह भारी भविष्यद्वाणी हुई:
- Deuteronomy 31:17–18 व्यवस्थाविवरण 31:17–18उस समय मेरा कोप इन पर भड़केगा, और मैं भी इन्हें त्यागकर इन से अपना मुंह छिपा लूंगा, और ये आहार हो जाएंगे; और बहुत सी विपत्तियां और क्लेश इन पर आ पड़ेंगे, यहां तक कि ये उस समय कहेंगे, क्या ये विपत्तियां हम पर इस कारण तो नहीं आ पड़ीं, क्योंकि हमारा परमेश्वर हमारे मध्य में नहीं रहा? उस समय मैं उन सब बुराइयों के कारण जो ये पराये देवताओं की ओर फिरकर करेंगे नि:सन्देह उन से अपना मुंह छिपा लूंगा।