Jeremiah · chapter 24 · verse 3
Jeremiah 24:3 in Hindi
फिर यहोवा ने मुझ से पूछा, हे यिर्मयाह, तुझे क्या देख पड़ता है? मैं ने कहा, अंजीर; जो अंजीर अच्छे हैं सो तो बहुत ही अच्छे हैं, परन्तु जो निकम्मे हैं, सो बहुत ही निकम्मे हैं; वरन ऐसे निमम्मे हैं कि खाने के योग्य भी नहीं हैं।
Phir yahovaa ne mujh se poochhaa, he yirmayaah, tujhe kyaa dekh padataa hai? Maim ne kahaa, anjeer; jo anjeer achchhe haim so to bahut hee achchhe haim, parantu jo nikamme haim, so bahut hee nikamme haim; varan aise nimamme haim ki khaane ke yogy bhee naheem hain.
Jeremiah 24:3 in English
- King James Version (KJV)
- Then said the LORD unto me, What seest thou, Jeremiah? And I said, Figs; the good figs, very good; and the evil, very evil, that cannot be eaten, they are so evil.
- World English Bible (WEB)
- Then the LORD asked me, “What do you see, Jeremiah?” I said, “Figs. The good figs are very good, and the bad are very bad, so bad that they can’t be eaten.”
- American Standard Version (ASV)
- Then said Jehovah unto me, What seest thou, Jeremiah? And I said, Figs; the good figs, very good; and the bad, very bad, that cannot be eaten, they are so bad.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then the Lord said to me, What do you see, Jeremiah? And I said, Figs; the good figs are very good, and the bad very bad, and of no use for food, they are so bad.
- Darby Translation (DBY)
- And Jehovah said unto me, What seest thou, Jeremiah? And I said, Figs: the good figs very good; and the bad very bad, which cannot be eaten for badness.
- Webster's Bible (WBS)
- Then said the LORD to me, What seest thou, Jeremiah? and I said, Figs; the good figs, very good; and the bad, very bad, that cannot be eaten, they are so bad.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jehovah saith unto me, 'What art thou seeing, Jeremiah?' and I say, 'Figs, the good figs [are] very good, and the bad [are] very bad, that are not eaten for badness.'
Read in context
- 1जब बाबुल का राजा नबूकदनेस्सर, यहोयाकीम के पुत्रा यहूदा के राजा यकोन्याह को, और यहूदा के हाकिमों और लोहारों और और कारीगरों को बंधुआ करके यरूशलेम से बाबुल को ले गया, तो उसके बाद यहोवा ने मुझ को अपने मन्दिर के सामहने रखे हुए अंजीरों के दो टोकरे दिखाए।
- 2एक टोकरे में तो पहिले से पके अच्छे अच्छे अंजीर थे, और दूसरे टोकरे में बहुत निकम्मे अंजीर थे, वरन वे ऐसे निकम्मे थे कि खाने के योग्य भी न थे।
- 3फिर यहोवा ने मुझ से पूछा, हे यिर्मयाह, तुझे क्या देख पड़ता है? मैं ने कहा, अंजीर; जो अंजीर अच्छे हैं सो तो बहुत ही अच्छे हैं, परन्तु जो निकम्मे हैं, सो बहुत ही निकम्मे हैं; वरन ऐसे निमम्मे हैं कि खाने के योग्य भी नहीं हैं।
- 4तब यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,
- 5कि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, जैसे अच्छे अंजीरों को, वैसे ही मैं यहूदी बंधुओं को जिन्हें मैं ने इस स्थान से कसदियों के देश में भेज दिया है, देखकर प्रसन्न हूंगा।
Cross references
- Amos 8:2 आमोस 8:2और उस ने कहा, हे आमोस, तुझे क्या देख पड़ता है? मैं ने कहा, धूपकाल के फलों से भरी एक टोकरी। तब यहोवा ने मुण् से कहा, मेरी प्रजा इस्राएल का अन्त आ गया है; मैं अब उसको और न छोडूंगा।
- Zechariah 4:2 जकर्याह 4:2और उस ने मुझ से पूछा, तुझे क्या देख पड़ता है? मैं ने कहा, एक दीवट है, जो सम्पूर्ण सोने की है, और उसका कटोरा उसकी चोटी पर है, और उस पर उसके सात दीपक है; जिन के ऊपर बत्ती के लिये सात सात नालियां हैं।
- Jeremiah 1:11–14 यिर्मयाह 1:11–14और यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा, हे यिर्मयाह, तुझे क्या दिखाई पड़ता है? मैं ने कहा, मुझे बादाम की एक टहनी दिखाई पड़ती है। तब यहोवा ने मुझ से कहा, तुझे ठीक दिखाई पड़ता है, क्योंकि मैं अपने वचन को पूरा करने के लिये जागृत हूँ। फिर यहोवा का वचन दूसरी बार मेरे पास पहंचा, और उस ने पूछा, तुझे क्या दिखाई पड़ता है? मैं ने कहा, मुझे उबलता हुआ एक हण्डा दिखाई पड़ता है जिसका मुंह उत्तर दिशा की ओर से है। तब यहोवा ने मुझ से कहा, इस देश के सब रहनेवालों पर उत्तर दिशा से विपत्ति आ पड़ेगी।
- Zechariah 5:5–11 जकर्याह 5:5–11तब जो दूत मुझ से बातें करता था, उस ने बाहर जाकर मुझ से कहा, आंखें उठाकर देख कि वह क्या वस्तु निकली जा रही हैं? मैं ने पूछा, वह क्या है? उस ने कहा? वह वस्तु जो निकली जा रही है वह एक एपा का नाप है। और उस ने फिर कहा, सारे देश में लोगों का यही रूप है। फिर मैं ने क्या देखा कि किक्कार भर शीशे का एक बटखरा उठाया जा रहा है, और एक स्त्री है जो एपा के बीच में बैठी है। और दूत ने कहा, इसका अर्थ दुष्टता है। और उस ने उस स्त्री को एपा के बीच में दबा दिया, और शीशे के उस बटखरे को लेकर उस से एपा का मुंह ढांप दिया। तब मैं ने आंखें उठाईं, तो क्या देखा कि दो स्त्रियें चली जाती हैं जिन के पंख पवन में फैले हुए हैं, और उनके पंख लगलग के से हैं, और वे एपा को आकाश और पृथ्वी के बीच में उड़ाए लिए जा रही हैं। तब मैं ने उस दूत से जो मुझ से बातें करता था, पूछा, कि वे एपा को कहां लिए जाती हैं? उस ने कहा, शिनार देश में लिए जाती हैं कि वहां उसके लिये एक भवन बनाएं; और जब वह तैयार किया जाए, तब वह एपा वहां अपने ही पाए पर खड़ा किया जाएगा।।
- Matthew 25:32–33 मत्ती 25:32–33और सब जातियां उसके साम्हने इकट्ठी की जाएंगी; और जैसा चरवाहा भेड़ों को बकरियों से अलग कर देता है, वैसा ही वह उन्हें एक दूसरे से अलग करेगा। और वह भेड़ों को अपनी दहिनी ओर और बकरियों को बाई और खड़ी करेगा।
- Amos 7:8 आमोस 7:8और यहोवा ने मुझ से कहा, हे आमोस, तुझे क्या देख पड़ता है? मैं ने कहा, एक साहुल। तब परमेश्वर ने कहा, देख, मैं अपनी प्रजा इस्राएल के बीच में साहुल लगाऊंगा।
- 1 Samuel 9:9 1 शमूएल 9:9पूर्वकाल में तो इस्राएल में जब कोई ऐसा कहता था, कि चलो, हम दर्शी के पास चलें; क्योंकि जो आज कल नबी कहलाता है वह पूर्वकाल में दर्शी कहलाता था।
Original words (Hebrew)
- said · H559אָמַר ʼâmar
- seest · H7200רָאָה râʼâh
- Jeremiah · H3414יִרְמְיָה Yirmᵉyâh
- said · H559אָמַר ʼâmar
- Figs · H8384תְּאֵן tᵉʼên
- good · H2896טוֹב ṭôwb
- figs · H8384תְּאֵן tᵉʼên
- very · H3966מְאֹד mᵉʼôd
- good · H2896טוֹב ṭôwb
- evil · H7451רַע raʻ
- very · H3966מְאֹד mᵉʼôd
- evil · H7451רַע raʻ
- eaten · H398אָכַל ʼâkal
- evil · H7455רֹעַ rôaʻ