Jeremiah · chapter 25 · verse 32
Jeremiah 25:32 in Hindi
सेनाओं का यहोवा यों कहता है, देखो, विपत्ति एक जाति से दूसरी जाति में फैलेगी, और बड़ी आंधी पृथ्वी की छोर से उठेगी!
Senaaom kaa yahovaa yom kahataa hai, dekho, vipatti ek jaati se doosaree jaati mem phailegee, aur badee aandhee pruthvee kee chhor se uthegee!
Jeremiah 25:32 in English
- King James Version (KJV)
- Thus saith the LORD of hosts, Behold, evil shall go forth from nation to nation, and a great whirlwind shall be raised up from the coasts of the earth.
- World English Bible (WEB)
- The LORD of Armies says, “Behold, evil will go out from nation to nation, and a great storm will be raised up from the uttermost parts of the earth.”
- American Standard Version (ASV)
- Thus saith Jehovah of hosts, Behold, evil shall go forth from nation to nation, and a great tempest shall be raised up from the uttermost parts of the earth.
- Bible in Basic English (BBE)
- This is what the Lord of armies has said: See, evil is going out from nation to nation, and a great storm will come up from the inmost parts of the earth.
- Darby Translation (DBY)
- Thus saith Jehovah of hosts: Behold, evil shall go forth from nation to nation, and a great storm shall be raised up from the uttermost parts of the earth.
- Webster's Bible (WBS)
- Thus saith the LORD of hosts, Behold, evil shall go forth from nation to nation, and a great whirlwind shall be raised from the borders of the earth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Thus said Jehovah of Hosts: Lo, evil is going out from nation to nation, And a great whirlwind is stirred up from the sides of the earth.
Read in context
- 30इतनी बातें भविष्यद्वाणी की रीति पर उन से कहकर यह भी कहना, यहोवा ऊपर से गरजेगा, और अपने उसी पवित्रा धाम में से अपना शब्द सुनाएगा; वह अपनी चराई के स्थान के विरूद्ध जोर से गरजेगा; वह पृथ्वी के सारे निवासियों के विरठ्ठ भी दाख लताड़नेवालों की नाई ललकारेगा।
- 31पृथ्वी की छोर लों भी कोलाहल होगा, क्योंकि सब जातियों से यहोवा का मुक़ मा है; वह सब मतुष्यों से वादविवाद करेगा, और दुष्टों को तलवार के वश में कर देगा।
- 32सेनाओं का यहोवा यों कहता है, देखो, विपत्ति एक जाति से दूसरी जाति में फैलेगी, और बड़ी आंधी पृथ्वी की छोर से उठेगी!
- 33उस समय यहोवा के मारे हुओं की लोथें पृथ्वी की एक छोर से दूसरी छोर तक पड़ी रहेंगी। उनके लिये कोई रोने- पीटनेवाला न रहेगा, और उनकी लोथें न तो बटोरी जाएंगी और न कबरों में रखी जाएंगी; वे भूमि के ऊपर खाद की नाई पड़ी रहेंगी।
- 34हे चरवाहो, हाय हाय करो और चिल्लाओ, हे बलवन्त मेढ़ो और बकरो, राख में लोटो, क्योंकि तुम्हारे वध होने के दिन आ पहुंचे हैं, और मैं मनभाऊ बरतन की नाई तुम्हारा सत्यानाश करूंगा।
Cross references
- Isaiah 34:2 यशायाह 34:2यहोवा सब जातियों पर क्रोध कर रहा है, और उनकी सारी सेना पर उसकी जलजलाहट भड़की हुई है, उस ने उनको सत्यानाश होने, और संहार होने को छोड़ दिया है।
- Jeremiah 23:19 यिर्मयाह 23:19वा किस ने ध्यान देकर मेरा वचन सुना है? देखो, यहोवा की जलजलाहट का प्रचाण्ड बवण्डर और आंधी चलने लगी है; और उसका झोंका दुष्टों के सिर पर जोर से लगेगा।
- 2 Chronicles 15:6 2 इतिहास 15:6और जाति से जाति और तगर से नगर चूर किए जाते थे, क्योंकि परमेश्वर नाना प्रकार का कष्ट देकर उन्हें घबरा देता था।
- Isaiah 30:30 यशायाह 30:30और यहोवा अपनी प्रतापीवाणी सुनाएगा, और अपना क्रोध भड़काता और आग की लौ से भस्म करता हुआ, और प्रचण्ड आन्धी और अति वर्षा और ओलों के साथ अपना भुजबल दिखाएगा।
- Jeremiah 30:23 यिर्मयाह 30:23देखो, यहोवा की जलजलाहट की आंधी चल रही है! वह अति प्रचण्ड आंधी है; दुष्टों के सिर पर वह जोर से लगेगी।
- Zephaniah 3:8 सपन्याह 3:8इस कारण यहोवा की यह वाणी है, कि जब तक मैं नाश करने को न उठूं, तब तक तुम मेरी बाट जोहते रहो। मैं ने यह ठाना है कि जाति- जाति के और राज्य- राज्य के लोगों को मैं इकट्ठा करूं, कि उन पर अपने क्रोध की आग पूरी रीति से भड़काऊं; क्योंकि सारी पृथ्वी मेरी जलन की आग से भस्म हो जाएगी।।
- Luke 21:10 लूका 21:10तब उस ने उन से कहा, कि जाति पर जाति और राज्य पर राज्य चढ़ाई करेगा।
- Luke 21:25 लूका 21:25और सूरज और चान्द और तारों में चिन्ह दिखाई देंगें, और पृथ्वी पर, देश देश के लोगों को संकट होगा; क्योंकि वे समुद्र के गरजने और लहरों के कोलाहल से घबरा जाएंगे।
- Isaiah 5:28 यशायाह 5:28उनके तीर चोखे और धनुष चढ़ाए हुए हैं, उनके घोड़ों के खुर वज्र के से और रथों के पहिये बवण्डर सरीखे हैं।
- Isaiah 66:18 यशायाह 66:18क्योंकि मैं उनके काम और उनकी कल्पनाएं, दोनों अच्छी रीति से जानता हूं। और वह समय आता है जब मैं सारी जातियों और भिन्न भिन्न भाषा बोलने वालों को इकट्ठा करूंगा; और वे आकर मेरी महिमा देखेंगे।