Jeremiah · chapter 29 · verse 10
Jeremiah 29:10 in Hindi
यहोवा यों कहता है कि वाबुल के सत्तर वर्ष पूरे होने पर मैं तुम्हारी सुधि लूंगा, और अपना यह मनभवना वचन कि मैं तुम्हें इस स्थान में लौटा ले आऊंगा, पूरा करूंगा।
Yahovaa yom kahataa hai ki vaabul ke sattar varsh poore hone par maim tumhaaree sudhi loongaa, aur apanaa yah manabhavanaa vachan ki maim tumhem is sthaan mem lautaa le aaoongaa, pooraa karoongaa.
Jeremiah 29:10 in English
- King James Version (KJV)
- For thus saith the LORD, That after seventy years be accomplished at Babylon I will visit you, and perform my good word toward you, in causing you to return to this place.
- World English Bible (WEB)
- For the LORD says, “After seventy years are accomplished for Babylon, I will visit you and perform my good word toward you, in causing you to return to this place.
- American Standard Version (ASV)
- For thus saith Jehovah, After seventy years are accomplished for Babylon, I will visit you, and perform my good word toward you, in causing you to return to this place.
- Bible in Basic English (BBE)
- For this is what the Lord has said: When seventy years are ended for Babylon, I will have pity on you and give effect to my good purpose for you, causing you to come back to this place.
- Darby Translation (DBY)
- For thus saith Jehovah: When seventy years shall be accomplished for Babylon I will visit you, and perform my good word toward you, in bringing you back to this place.
- Webster's Bible (WBS)
- For thus saith the LORD, That after seventy years shall be accomplished at Babylon I will visit you, and perform my good word towards you, in causing you to return to this place.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'For thus said Jehovah, Surely at the fulness of Babylon — seventy years — I inspect you, and have established towards you My good word, to bring you back unto this place.
Read in context
- 8क्योंकि इस्राएल का परमेश्वर, सेनाओं का यहोवा तुम से यों कहता है कि तुम्हारे जो भविष्यद्वक्ता और भावी कहनेवाले तुम्हारे बीच में हैं, वे तुम को बहकाने न पाएं, और जो स्वप्न वे नुम्हारे निमित्त देखते हैं उनकी ओर कान मत धरो,
- 9क्योंकि वे मेरे नाम से तुम को झूठी भविष्यद्वाणी सुनाते हैं; मैं ने उन्हें नहीं भेजा, मुझ यहोवा की यह वाणी है।
- 10यहोवा यों कहता है कि वाबुल के सत्तर वर्ष पूरे होने पर मैं तुम्हारी सुधि लूंगा, और अपना यह मनभवना वचन कि मैं तुम्हें इस स्थान में लौटा ले आऊंगा, पूरा करूंगा।
- 11क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएं मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानी की नहीं, वरन कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूंगा।
- 12तब उस समय तुम मुझ को पुकारोगे और आकर मुझ से प्रार्थना करोगे और मैं तुम्हारी सुनूंगा।
Cross references
- Daniel 9:2 दानिय्येल 9:2उसके राज्य के पहिले वर्ष में, मुझ दानिरयेल ने शास्त्रा के द्वारा समझ लिया कि यरूशलेम की उजड़ी हुई दशा यहोवा के उस वचन के अनुसार, जो यिर्मयाह नबी के पास पहुंचा था, कुछ वर्षों के बीतने पर अर्थात् सत्तर वर्ष के बाद पूरी हो जाएगी।
- Jeremiah 24:6–7 यिर्मयाह 24:6–7मैं उन पर कृपादृष्टि रखूंगा और उनको इस देश में लौटा ले आऊंगा; और उन्हें नाश न करूंगा, परन्तु बनाऊंगा; उन्हें उखाड़ न डालूंगा, परन्तु लगाए रखूंगा। मैं उनका ऐसा मन कर दूंगा कि वे मुझे जानेंगे कि मैं यहोवा हूँ; और वे मेरी प्रजा ठहरेंगे और मैं उनका परमेश्वर ठहरूंगा, क्योंकि वे मेरी ओर सारे मन से फिरेंगे।
- Zechariah 7:5 जकर्याह 7:5सब साधारण लोगों से और याजकों से कह, कि जब तुम इन सत्तर वर्षों के बीच पांचवें और सातवें महीनों में उपवास और विलाप करते थे, तब क्या तुम सचमुच मेरे ही लिये उपवास करते थे?
- Jeremiah 25:12 यिर्मयाह 25:12जब सत्तर वर्ष बीत चुकें, तब मैं बाबुल के राजा और उस जाति के लोगों और कसदियों के देश के सब निवासियों को अर्ध्म का दण्ड दूंगा, यहोवा की यह वाणी है; और उस देश को सदा के लिये उजाड़ दूंगा।
- Jeremiah 27:22 यिर्मयाह 27:22और जब तक मैं उनकी सुधि न लूं तब तक वहीं रहेंगे, और तब मैं उन्हें लाकर इस स्थान में फिर रख दूंगा, यहोवा की यही वाणी है।
- Jeremiah 32:42–44 यिर्मयाह 32:42–44देख, यहोवा यों कहता है कि जैसे मैं ने अपनी इस प्रजा पर यह सब बड़ी विपत्ति डाल दी, वैसे ही निश्चय इन से वह सब भलाई भी करूंगा जिसके करने का वचन मैं ने दिया हे। सो यह देश जिसके विषय तुम लोग कहते हो कि यह उजाड़ हो गया है, इस में न तो मनुष्य रह गए हैं और न पशु, यह तो कसदियों के वश में पड़ चुका है, इसी में फिर से खेत मोल लिए जाएंगे, और बिन्यामीन के देश में, यरूशलेम के आस पास, और यहूदा देश के अर्थात पहाड़ी देश, नीचे के देश और दक्खिन देश के नगरों में लोग गवाह बुला कर खेत मोल लेंगे, और दस्तावेज़ में दस्तखत और मुहर करेंगे; क्योंकि मैं उनके दिनों को लौटा ले आऊंगा; यहोवा की यही वाणी है।
- Zephaniah 2:7 सपन्याह 2:7अर्थात् वही समुद्रतीर यहूदा के घराने के बचे हुओं को मिलेगी, वे उस पर चराएंगे; वे अश्कलोन के छोड़े हुए घरों में सांझ को लेटेंगे, क्योंकि उनका परमेश्वर यहोवा उनकी सुधि लेकर उनके बंधुओं को लौटा ले जाएगा।।
- Jeremiah 27:7 यिर्मयाह 27:7ये सब जातियां उसके और उसके बाद उसके बेटे और पोते के आधीन उस समय तक रहेंगी जब तक उसके भी देश का दिन न आए; तब बहुत सी जातियां और बड़े बड़े राजा उस से भी अपनी सेवा करवाएंगे।
Original words (Hebrew)
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- after · H6310פֶּה peh
- seventy · H7657שִׁבְעִים shibʻîym
- years · H8141שָׁנֶה shâneh
- accomplished · H4390מָלֵא mâlêʼ
- Babylon · H894בָּבֶל Bâbel
- visit · H6485פָּקַד pâqad
- perform · H6965קוּם qûwm
- good · H2896טוֹב ṭôwb
- word · H1697דָּבָר dâbâr
- return · H7725שׁוּב shûwb
- place · H4725מָקוֹם mâqôwm