Jeremiah · chapter 42 · verse 10
Jeremiah 42:10 in Hindi
यदि तुम इसी देश में रह जाओ, तब तो मैं तुम को नाश नहीं करूंगा वरन बनाए रखूंगा; और तुम्हें न उखाडूंगा, वरन रोपे रखूंगा; क्योंकि तुम्हारी जो हानि मैं ने की है उस से मैं पछताता हूँ।
Yadi tum isee desh mem rah jaao, tab to maim tum ko naash naheem karoongaa varan banaae rakhoongaa; aur tumhem na ukhaadoongaa, varan rope rakhoongaa; kyonki tumhaaree jo haani maim ne kee hai us se maim pachhataataa hoon.
Jeremiah 42:10 in English
- King James Version (KJV)
- If ye will still abide in this land, then will I build you, and not pull [you] down, and I will plant you, and not pluck [you] up: for I repent me of the evil that I have done unto you.
- World English Bible (WEB)
- ‘If you will still live in this land, then I will build you, and not pull you down, and I will plant you, and not pluck you up; for I grieve over the distress that I have brought on you.
- American Standard Version (ASV)
- If ye will still abide in this land, then will I build you, and not pull you down, and I will plant you, and not pluck you up; for I repent me of the evil that I have done unto you.
- Bible in Basic English (BBE)
- If you still go on living in the land, then I will go on building you up and not pulling you down, planting you and not uprooting you: for my purpose of doing evil to you has been changed.
- Darby Translation (DBY)
- If ye will still abide in this land, then will I build you, and not overthrow [you], and I will plant you, and not pluck [you] up; for I repent me of the evil that I have done unto you.
- Webster's Bible (WBS)
- If ye will still abide in this land, then will I build you, and not pull [you] down, and I will plant you, and not pluck [you] up: for I repent of the evil that I have done to you.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'If ye do certainly dwell in this land, then I have builded you up, and I throw not down; and I have planted you, and I pluck not up; for I have repented concerning the evil that I have done to you.
Read in context
- 8तब उस ने कारेह के पुत्रा योहानान को, उसके साथ के दलों के प्रधानों को, और छोटे से लेकर बड़े तक जितने लोग थे, उन सभों को बुलाकर उन से कहा,
- 9इस्राएल का परमेश्वर यहोवा, जिसके पास तुम ने मुझ को इसलिये भेजा कि मैं तुम्हारी बिनती उसके आगे कह सुनाऊं, वह यों कहता है,
- 10यदि तुम इसी देश में रह जाओ, तब तो मैं तुम को नाश नहीं करूंगा वरन बनाए रखूंगा; और तुम्हें न उखाडूंगा, वरन रोपे रखूंगा; क्योंकि तुम्हारी जो हानि मैं ने की है उस से मैं पछताता हूँ।
- 11तुम बाबुल के राजा से डरते हो, सो उस से मत डरो; यहोवा की यह वाणी है, उस से मत डरो, क्योंकि मैं तुम्हारी रक्षा करने और तुम को उसके हाथ से बचाने के लिये तुम्हारे साथ हूँ।
- 12मैं तुम पर दया करूंगा, कि वह भी तुम पर दया करके तुम को तुम्हारी भूमि पर फिर से बसा देगा।
Cross references
- Ezekiel 36:36 यहेजकेल 36:36तब जो जातियां तुम्हारे आस पास बची रहेंगी, सो जान लेंगी कि मुझ यहोवा ने ढाए हुए को फिर बनाया, और उजाड़ में पेड़ रोपे हैं, मुझ यहोवा ने यह कहा, और ऐसा ही करूंगा।
- Jeremiah 31:28 यिर्मयाह 31:28और जिस प्रकार से मैं सोच सोचकर उन को गिराता और ढाता, नष्ट करता, काट डालता और सत्यानाश ही करता था, उसी प्रकार से मैं अब सोच सोचकर उन को रोपूंगा और बढ़ाऊंगा, यहोवा की यही वाणी है।
- Jeremiah 24:6 यिर्मयाह 24:6मैं उन पर कृपादृष्टि रखूंगा और उनको इस देश में लौटा ले आऊंगा; और उन्हें नाश न करूंगा, परन्तु बनाऊंगा; उन्हें उखाड़ न डालूंगा, परन्तु लगाए रखूंगा।
- Joel 2:13 योएल 2:13अपने वस्त्रा नहीं, अपने मन ही को फाड़कर अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फिरो; क्योंकि वह अनुग्रहकारी, दयालु, विलम्ब से क्रोध करनेवाला, करूणानिधान और दु:ख देकर पछतानेहारा है।
- Amos 7:6 आमोस 7:6इसके विषय में भी यहोवा पछताया; और परमेश्वर यहोवा ने कहा, ऐसी बात फिर न होगी।।
- Jeremiah 33:7 यिर्मयाह 33:7मैं यहूदा और इस्राएल के बंधुओं को लौटा ले आऊंगा, और उन्हें पहिले की नाईं बसाऊंगा।
- Jeremiah 18:7–10 यिर्मयाह 18:7–10जब मैं किसी जाति वा राज्य के विषय कहूं कि उसे उखाड़ूंगा वा ढा दूंगा अथवा नाश करूंगा, तब यदि उस जाति के लोग जिसके विषय मैं ने कह बात कही हो अपनी बुराई से फिरें, तो मैं उस विपत्ति के विषय जो मैं ने उन पर डालने को ठाना हो पछताऊंगा। और जब मैं किसी जाति वा राज्य के विषय कहूं कि मैं उसे बनाऊंगा और रोपूंगा; तब यदि वे उस काम को करें जो मेरी दृष्टि में बुरा है और मेरी बात न मानें, तो मैं उस भलाई के विष्य जिसे मैं ने उनके लिये करने को कहा हो, पछताऊंगा।
- Amos 7:3 आमोस 7:3इसके विषय में यहोवा पछताया, और उस से कहा, ऐसी बात अब न होगी।।
- Exodus 32:14 निर्गमन 32:14तब यहोवा अपनी प्रजा की हानि करने से जो उन ने कहा था पछताया।।
- Genesis 26:2–3 उत्पत्ति 26:2–3वहां यहोवा ने उसको दर्शन देकर कहा, मि में मत जा; जो देश मैं तुझे बताऊं उसी में रह। तू इसी देश में रह, और मैं तेरे संग रहूंगा, और तुझे आशीष दूंगा; और ये सब देश मैं तुझ को, और तेरे वंश को दूंगा; और जो शपथ मैं ने तेरे पिता इब्राहीम से खाई थी, उसे मैं पूरी करूंगा।
- Jonah 4:2 योना 4:2और उस ने यहोवा से यह कहकर प्रार्थना की, हे यहोवा जब मैं अपने देश में था, तब क्या मैं यही बात न कहता था? इसी कारण मैं ने तेरी आज्ञा सुनते ही तर्शीश को भाग जाने के लिये फुर्ती की; क्योंकि मैं जानता था कि तू अनुग्रहकारी और दयालु परमेश्वर है, विलम्ब से कोप करनेवाला करूणानिधान है, और दु:ख देने से प्रसन्न नहीं होता।
- Hosea 11:8 होशे 11:8हे एप्रैम, मैं तुझे क्योंकि छोड़ दूं? हे इस्राएल, मैं क्योंकर तुझे शत्रु के वश में कर दूं? मैं क्योंकर तुझे अदमा की नाई छोड़ दूं, और सबोयीम के समान कर दूं? मेरा हृदय तो उलट पुलट हो गया, मेरा मन स्नेह के मारे पिघल गया है।