Jeremiah · chapter 44 · verse 14
Jeremiah 44:14 in Hindi
कि जो बचे हुए यहूदी मिस्र देश में परदेशी होकर रहने के लिये आए हैं, यद्यपि वे यहूदा देश में रहने के लिये लौटने की बड़ी अभिलाषा रखते हैं, तौभी उन में से एक भी बचकर वहां न लौटने पाएगा; केवल कुछ ही भागे हुओं को छोड़ कोई भी वहां न लौटने पाएगा।
Ki jo bache hue yahoodee misr desh mem paradeshee hokar rahane ke liye aae haim, yadyapi ve yahoodaa desh mem rahane ke liye lautane kee badee abhilaashaa rakhate haim, taubhee un mem se ek bhee bachakar vahaam na lautane paaegaa; keval kuchh hee bhaage huom ko chhod koee bhee vahaam na lautane paaegaa.
Jeremiah 44:14 in English
- King James Version (KJV)
- So that none of the remnant of Judah, which are gone into the land of Egypt to sojourn there, shall escape or remain, that they should return into the land of Judah, to the which they have a desire to return to dwell there: for none shall return but such as shall escape.
- World English Bible (WEB)
- so that none of the remnant of Judah, who have gone into the land of Egypt to live there, will escape or be left to return into the land of Judah, to which they have a desire to return to dwell there; for no one will return except those who will escape.’”
- American Standard Version (ASV)
- so that none of the remnant of Judah, that are gone into the land of Egypt to sojourn there, shall escape or be left, to return into the land of Judah, to which they have a desire to return to dwell there: for none shall return save such as shall escape.
- Bible in Basic English (BBE)
- So that not one of the rest of Judah, who have gone into the land of Egypt and are living there, will get away or keep his life, to come back to the land of Judah where they are hoping to come back and be living again: for not one will come back, but only those who are able to get away.
- Darby Translation (DBY)
- and none of the remnant of Judah, that have come into the land of Egypt to sojourn there, shall escape or remain, so as to return into the land of Judah, whither they have a desire to return to dwell there; for none shall return but such as shall escape.
- Webster's Bible (WBS)
- So that none of the remnant of Judah, who have gone into the land of Egypt, to sojourn there, shall escape or remain, that they should return into the land of Judah, to which they have a desire to return to dwell there: for none shall return but such as shall escape.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and there is not an escaped and remaining one of the remnant of Judah, who are entering into the land of Egypt to sojourn there, even to turn back to the land of Judah, whither they are lifting up their soul to return to dwell, for they do not turn back, except those escaping.'
Read in context
- 12और बचे हुए यहूदी जो हठ करके मिस्र देश में आकर रहने लगे हैं, वे सब मिट जाएंगे; इस मिस्र देश में छोटे से लेकर बड़े तक वे तलवार और महंगी के द्वारा मरक मिट जाएंगे; और लोग उन्हें कोसेंगे और चकित होंगे; और उनकी उपमा देकर शाप दिया करेंगे और निन्दा भी करेंगे।
- 13सो जैसा मैं ने यरूशलेम को तलवार, महंगी और मरी के द्वारा दण्ड दिया है, वैसा ही मिस्र देश में रहनेवालों को भी दण्ड दूंगा,
- 14कि जो बचे हुए यहूदी मिस्र देश में परदेशी होकर रहने के लिये आए हैं, यद्यपि वे यहूदा देश में रहने के लिये लौटने की बड़ी अभिलाषा रखते हैं, तौभी उन में से एक भी बचकर वहां न लौटने पाएगा; केवल कुछ ही भागे हुओं को छोड़ कोई भी वहां न लौटने पाएगा।
- 15तब मिस्र देश के पत्रोस में रहनेवाले जितने पुरूष जानते थे कि उनकी स्त्रियां दूसरे देवताओं के लिये धूप जलाती हैं, और जितनी स्त्रियां बड़ी मण्डली में पास खड़ी थी, उन सभों ने यिर्मयाह को यह उत्तर दिया,
- 16जो वचन तू ने हम को यहोवा के नाम से सुनाया है, उसको हम नहीं सुनने की।
Cross references
- Jeremiah 22:26–27 यिर्मयाह 22:26–27मैं तुझे तेरी जननी समेत एक पराए देश में जो तुम्हारी जन्मभूमि नहीं है फेंक दूंगा, और तुम वहीं मर जाओगे। परन्तु जिस देश में वे लौटने की बड़ी लालसा करते हैं, वहां कभी लौटने न पाएंगे।
- Romans 9:27 रोमियों 9:27और यशायाह इस्त्राएल के विषय में पुकारकर कहता है, कि चाहे इस्त्राएल की सन्तानों की गिनती समुद्र के बालू के बारबर हो, तौभी उन में से थोड़े ही बचेंगे।
- Isaiah 4:2 यशायाह 4:2उस समय इस्राएल के बचे हुओं के लिये यहोवा का पल्लव, भूषण और महिमा ठहरेगा, और भूमि की उपज, बड़ाई और शोभा ठहरेगी।
- Isaiah 10:20 यशायाह 10:20उस समय इस्राएल के बचे हुए लोग और याकूब के घराने के भागे हुए, अपने मारनेवाले पर फिर कभी भरोसा न रखेंगे, परन्तु यहोवा जो इस्राएल का पवित्रा है, उसी पर वे सच्चाई से भरोसा रखेंगे।
- Jeremiah 44:27–28 यिर्मयाह 44:27–28सुनो, अब मैं उनकी भलाई नहीं, हानि ही की चिन्ता करूंगा; सो मिस्र देश में रहनेवाले सब यहूदी, तलवार और महंगी के द्वारा मिटकर नाश हो जाएंगे जब तक कि उनका सर्वनाश न हो जाए। और जो तलवार से बचकर और मिस्र देश से लौटकर यहूदा देश में पहुंचेंगे, वे थोड़े ही होंगे; और मिस्र देश में रहने के लिये आए हुए सब यहूदियों में से जो बच पाएंगे, वे जान लेंगे कि किसका वचन पूरा हुआ, मेरा वा उनका।
- Jeremiah 42:17 यिर्मयाह 42:17जितने मनुष्य मिस्र में रहने के लिये उसकी ओर मुंह करें, वे सब तलवार, महंगी और मरी से मरेंगे, और जो विपत्ति मैं उनके बीच डालूंगा, उस से कोई बचा न रहेगा।
- Hebrews 2:3 इब्रानियों 2:3तो हम लोग ऐसे बड़े उद्धार से निश्चिन्त रह कर क्योंकर बच सकते हैं? जिस की चर्चा पहिले पहिल प्रभु के द्वारा हुई, और सुनने वालों के द्वारा हमें निश्चय हुआ।
- Romans 11:5–6 रोमियों 11:5–6सो इसी रीति से इस समय भी, अनुग्रह से चुने हुए कितने लोग बाकी हैं। यदि यह अनुग्रह से हुआ है, तो फिर कर्मों से नहीं, नहीं तो अनुग्रह फिर अनुग्रह नहीं रहा।
- Isaiah 30:1–3 यशायाह 30:1–3यहोवा की यह वाणी है, हाय उन बलवा करनेवाले लड़कों पर जो युक्ति तो करते परन्तु मेरी ओर से नहीं; वाचा तो बान्धते परन्तु मेरे आत्मा के सिखाये नहीं; और इस प्रकार पाप पर पाप बढ़ाते हैं। वे मुझ से बिन पूछे मि को जाते हैं कि फिरौन की रक्षा में रहे और मि की छाया में शरण लें। इसलिये फिरौन का शरणस्थान तुम्हारी लज्जा का, और मि की छाया में शरण लेना तुम्हारी निन्दा का कारण होगा।
- Jeremiah 42:22 यिर्मयाह 42:22अब तुम निश्चय जानो, कि जिस स्थान में तुम परदेशी होके रहने की इच्छा करते हो, उस में तुम तलवार, महंगी और मरी से मर जाओगे।
- Romans 2:3 रोमियों 2:3और हे मनुष्य, तू जो ऐसे ऐसे काम करनेवालों पर दोष लगाता है, और आप वे ही काम करता है; क्या यह समझता है, कि तू परमेश्वर की दण्ड की आज्ञा से बच जाएगा?
- Matthew 23:33 मत्ती 23:33हे सांपो, हे करैतों के बच्चो, तुम नरक के दण्ड से क्योंकर बचोगे?
Original words (Hebrew)
- remnant · H7611שְׁאֵרִית shᵉʼêrîyth
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- gone · H935בּוֹא bôwʼ
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- sojourn · H1481גּוּר gûwr
- escape · H6412פָּלִיט pâlîyṭ
- remain · H8300שָׂרִיד sârîyd
- return · H7725שׁוּב shûwb
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- have · H5375נָשָׂא nâsâʼ
- desire · H5315נֶפֶשׁ nephesh
- return · H7725שׁוּב shûwb
- dwell · H3427יָשַׁב yâshab
- return · H7725שׁוּב shûwb
- escape · H6405פַּלֵּט pallêṭ