Jeremiah · chapter 48 · verse 39
Jeremiah 48:39 in Hindi
मोआब कैसे विस्मित हो गया! हाय, हाय, करो! क्योंकि उस ने कैसे लज्जित होकर पीठ फेरी है! इस प्रकार मोआब के चारों ओर के सब रहनेवाले उसका ठट्ठा करेंगे और विस्मित हो जाएंगे।
Moaab kaise vismit ho gayaa! Haay, haay, karo! Kyonki us ne kaise lajjit hokar peeth pheree hai! Is prakaar moaab ke chaarom or ke sab rahanevaale usakaa thatthaa karenge aur vismit ho jaaenge.
Jeremiah 48:39 in English
- King James Version (KJV)
- They shall howl, [saying], How is it broken down! how hath Moab turned the back with shame! so shall Moab be a derision and a dismaying to all them about him.
- World English Bible (WEB)
- “How it is broken down! How they wail! How Moab has turned the back with shame! So will Moab become a derision and a terror to all who are around him.”
- American Standard Version (ASV)
- How is it broken down! [how] do they wail! how hath Moab turned the back with shame! so shall Moab become a derision and a terror to all that are round about him.
- Bible in Basic English (BBE)
- How is it broken down! how is Moab's back turned in shame! so Moab will be a cause of sport and of fear to everyone round about him.
- Darby Translation (DBY)
- They howl, How is it broken down! how hath Moab turned the back with shame! And Moab shall be a derision and a terror to all that are round about him.
- Webster's Bible (WBS)
- They shall howl, [saying] , How is it broken down! how hath Moab turned the back with shame! so shall Moab be a derision and a dismaying to all them about him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- How hath it been broken down! they have howled, How hath Moab turned the neck ashamed, And Moab hath been for a derision. And for a terror to all round about her.
Read in context
- 37क्योंकि सब के सिर मुंड़े गए और सब की दाढ़ियां नोची गई; सब के हाथ चीरे हुए, और सब की कमरों में टाट बन्धा हुआ है।
- 38मोआब के सब घरों की छतों पर और सब चौंकों में रोना पीटना हो रहा है; क्योंकि मैं ने मोआब को तुच्छ बरतन की नाई तोड़ डाला है यहोवा की यह वाणी है।
- 39मोआब कैसे विस्मित हो गया! हाय, हाय, करो! क्योंकि उस ने कैसे लज्जित होकर पीठ फेरी है! इस प्रकार मोआब के चारों ओर के सब रहनेवाले उसका ठट्ठा करेंगे और विस्मित हो जाएंगे।
- 40क्योंकि यहोवा यों कहता है, देखो, वह उकाब सा उड़ेगा और मोआब के ऊपर अपने पंख फैलाएगा।
- 41करिरयोत ले लिया गया, और गढ़वाले नगर दूसरों के वश में पड़ गए। उस दिन मोआबी वीरों के मन जच्चा स्.त्री के से हो जाएंगे;
Cross references
- Isaiah 20:4–6 यशायाह 20:4–6उसी प्रकार अश्शूर का राजा मिद्दी और कूश के लोगों को बंधुआ करके देश- निकाल करेगा, क्या लड़के क्या बूढे,़ सभों को बंधुए करके उघाड़े और नंगे पांव और नितम्ब खुले ले जाएगा, जिस से मि लज्जित हो। तब वे कूश के कारण जिस पर उनकी आशा थी, और मि के हेतु जिस पर वे फूलते थे व्याकुल और लज्जित हो जाएंगे। और समुद्र के इस पार के बसनेवाले उस समय यह कहेंगे, देखो, जिन पर हम आशा रखते थे ओर जिनके पास हम अश्शूर के राजा से बचने के लिये भागने को थे उनकी ऐसी दशा हो गई है। तो फिर हम लोग कैसे बचेंगे?
- Lamentations 2:1 विलापगीत 2:1यहोवा ने सिरयोन की पुत्री को किस प्रकार अपने कोप के बादलों से ढांप दिया है! उस ने इस्राएल की शोभा को आकाश से धरती पर पटक दिया; और कोप के दिन अपने पांवों की चौकी को स्मरण नहीं किया।
- Revelation 18:15–16 प्रकाशितवाक्य 18:15–16इन वस्तुओं के व्यापारी जो उसके द्वारा धनवान हो गए थे, उस की पीड़ा के डर के मारे दूर खड़े होंगे, और रोते और कलपते हुए कहेंगे। हाय! हाय! यह बड़ा नगर जो मलमल, और बैंजनी, और किरमिजी कपड़े पहिने था, और सोने, और रत्नों, और मोतियों से सजा था,
- Ezekiel 26:16–18 यहेजकेल 26:16–18तब समुद्रतीर के सब प्रधान लोग अपने अपने सिंहासन पर से उतरेंगे, और अपने बागे़ और बूटेदार वस्त्रा उतारकर थरथराहट के वस्त्रा पहिनेंगे और भूमि पर बैठकर क्षण क्षण में कांपेंगे; और तेरे कारण विस्मित रहेंगे। और वे तेरे विषय में विलाप का गीत बनाकर तुझ से कहेंगे, हाय! मल्लाहों की बसाई हुई हाय! सराही हुई नगरी जो समुद्र के बीच निवासियों समेत सामथ रही और सब टिकनेवालों की डरानेवाली नगरी थी, तू कैसी नाश हुई है? तेरे गिरने के दिन टापू कांप उठेंगे, और तेरे जाते रहने के कारण समुद्र से सब टापू घबरा जाएंगे।
- Lamentations 4:1 विलापगीत 4:1सोना कैसे खोटा हो गया, अत्यन्त खरा सोना कैसे बदल गया है? पवित्रास्थान के पत्थर तो हर एक सड़क के सिरे पर फेंक दिए गए हैं।
- Revelation 18:9–10 प्रकाशितवाक्य 18:9–10और पृथ्वी के राजा जिन्हों ने उसके साथ व्यभिचार, और सुख- विलास किया, जब उसके जलने का धुआं देखेंगे, तो उसके लिये रोएंगे, और छाती पीटेंगे। और उस की पीड़ा के डर के मारे दूर खड़े होकर कहेंगे, हे बड़े नगर, बाबुल! हे दृढ़ नगर, हाय! हाय! घड़ी ही भर में तुझे दण्ड मिल गया है।
- Jeremiah 48:26–27 यिर्मयाह 48:26–27उसको मतवाल करो, क्योंकि उस ने यहोवा के विरूद्व बड़ाई मारी है; इसलिये मोआब अपनी छांट में लोटेगा, और ठट्ठों में उड़ाया जाएगा। क्या तू ने भी इस्राएल को ठट्ठों में नहीं उड़ाय? क्या वह चोरों के बीच पाड़ा गया था कि जब तू उसकी चर्चा करता तब तू सिर हिलाता था?
- Jeremiah 48:17 यिर्मयाह 48:17उसके आस पास के सब रहनेवालो, और उसकी कीर्त्ति के सब जाननेवालो, उसके लिये विलाप करो; कहो हाय! यह मजबूत सोंटा और सुन्दर छड़ी कैसे टूट गई है?
- Lamentations 1:1 विलापगीत 1:1जो नगरी लोगों से भरपूर थी वह अब कैसी अकेली बैठी हुई है! वह क्यों एक विधवा के समान बन गई? वह जो जातियों की दृष्टि में महान और प्रान्तों में रानी थी, अब क्यों कर देने वाली हो गई है।