Joel · chapter 2 · verse 19
Joel 2:19 in Hindi
यहोवा ने अपनी प्रजा के लोगों को उत्तर दिया, सुनो, मैं अन्न और नया दाखमधु और ताजा तेल तुम्हें देने पर हूं, और तुम उन्हें पाकर तृप्त होगे; और मैं भविष्य में अन्यजातियों से तुम्हारी नामधराई न होने दूंगा।।
Yahovaa ne apanee prajaa ke logom ko uttar diyaa, suno, maim ann aur nayaa daakhamadhu aur taajaa tel tumhem dene par hoom, aur tum unhem paakar trupt hoge; aur maim bhavishy mem anyajaatiyom se tumhaaree naamadharaaee na hone doongaa..
Joel 2:19 in English
- King James Version (KJV)
- Yea, the LORD will answer and say unto his people, Behold, I will send you corn, and wine, and oil, and ye shall be satisfied therewith: and I will no more make you a reproach among the heathen:
- World English Bible (WEB)
- The LORD answered his people, “Behold, I will send you grain, new wine, and oil, and you will be satisfied with them; and I will no more make you a reproach among the nations.
- American Standard Version (ASV)
- And Jehovah answered and said unto his people, Behold, I will send you grain, and new wine, and oil, and ye shall be satisfied therewith; and I will no more make you a reproach among the nations;
- Bible in Basic English (BBE)
- And the Lord made answer and said to his people, See, I will send you grain and wine and oil in full measure: and I will no longer let you be shamed among the nations:
- Darby Translation (DBY)
- And Jehovah will answer and say unto his people, Behold, I send you corn, and new wine, and oil, and ye shall be satisfied therewith; and I will no more make you a reproach among the nations.
- Webster's Bible (WBS)
- And the LORD will answer and say to his people, Behold, I will send you corn, and wine, and oil, and ye shall be satisfied with it; and I will no more make you a reproach among the heathen:
- Young's Literal Translation (YLT)
- Let Jehovah answer and say to His people, 'Lo, I am sending to you the corn, And the new wine, and the oil, And ye have been satisfied with it, And I make you no more a reproach among nations,
Read in context
- 17याजक जो यहोवा के टहलुए हैं, वे आंगल और वेदी के बीच में रो रोकर कहें, हे यहोवा अपनी प्रजा पर तरस खा; और अपने निज भाग की नामधराई न होने दे; न अन्यजातियां उसकी उपमा देने पाएं। जाति जाति के लोग आपस में क्यां कहने पाएं, कि उनका परमेश्वर कहां रहा?
- 18तब यहोवा को अपने देश के विषय में जलन हुई, और उस ने अपनी प्रजा पर तरस खाया।
- 19यहोवा ने अपनी प्रजा के लोगों को उत्तर दिया, सुनो, मैं अन्न और नया दाखमधु और ताजा तेल तुम्हें देने पर हूं, और तुम उन्हें पाकर तृप्त होगे; और मैं भविष्य में अन्यजातियों से तुम्हारी नामधराई न होने दूंगा।।
- 20मैं उत्तर की ओर से आई हुई सेना को तुम्हारे पास से दूर करूंगा, और उसे एक निर्जल और उजाड़ देश में निकाल दूंगा; उसका आगा तो पूरब के ताल की ओर और उसका पीछा पश्चिम के समुद्र की ओर होगा; उस से दुर्गन्ध उठेगी, और उसकी सड़ी गन्ध फैलेगी, क्योंकि उस ने बहुत बुरे काम किए हैं।।
- 21हे देश, तू मत डर; तू मगन हो और आनन्द कर, क्योंकि यहोवा ने बड़े बड़े काम किए हैं!
Cross references
- Ezekiel 34:29 यहेजकेल 34:29और मैं उनके लिये महान बारियें उपजाऊंगा, और वे देश में फिर भूखों न मरेंगे, और न जाति-जाति के लोग फिर उनकी निन्दा करेंगे।
- Ezekiel 36:15 यहेजकेल 36:15और मैं फिर जाति- जाति के लोगों से तेरी निन्दा न सुनवाऊंगा, और तुझे जाति- जाति की ओर से फिर नामधराई न सहनी पड़ेगी, और तुझ पर बसी हुई जाति को तू फिर ठोकर न खिलाएगा, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
- Jeremiah 31:12 यिर्मयाह 31:12इसलिये वे सिय्योन की चोटी पर आकर जयजयकार करेंगे, और यहोवा से अनाज, नया दाखमधु, टटका तेल, भेड़-बकरियां और गाय-बैलों के बच्चे आदि उत्तम उत्तम दान पाने के लिये तांता बान्ध कर चलेंगे; और उनका प्राण सींची हुई बारी के समान होगा, और वे फिर कभी उदास न होंगे।
- Isaiah 62:8–9 यशायाह 62:8–9यहोवा ने अपने दहिने हाथ की और अपनी बलवन्त भुजा की शपथ खाई है: निश्चय मैं भविष्य में तेरा अन्न अब फिर तेरे शत्रुओं को खाने के लिये न दूंगा, और परदेशियों के पुत्रा तेरा नया दाखमधु जिसके लिये तू ने परिश्रम किया है, नहीं पीने पाएंगे; केवल वे ही, जिन्हों ने उसे खत्ते में रखा हो, उस से खाकर यहोवा की स्तुति करेंगे, और जिन्हों ने दाखमधु भण्डारों में रखा हो, वे ही उसे मेरे पवित्रास्थान के आंगनों में पीने पाएंगे।।
- Joel 2:24 योएल 2:24तब खलिहान अन्न से भर जाएंगे, और रासकुण्ड नये दाखमधु और ताजे तेल से उमड़ेंगे।
- Amos 9:13–14 आमोस 9:13–14यहोवा की यह भी वाणी है, देखो, ऐसे दिन आते हैं, कि हल जोतनेवाला लवनेवाले को और दाख रौंदनेवाला बीच बोनेवाले को जा लेगा; और पहाड़ों से नया दाखमधु टपकने लगेगा, और सब पहाड़ियों से बह निकलेगा। मैं अपनी प्रजा इस्राएल के बंधुओं को फेर ले आऊंगा, और वे उजड़े हुए नगरों को सुधारकर उन में बसेंगे; वे दाख की बारियां लगाकर दाखमधु पीएंगे, और बगीचे लगाकर उनके फल खाएंगे।
- Hosea 2:15 होशे 2:15और वहीं मैं उसको दाख की बारियां दूंगा, और आकोर की तराई को आशा का द्वार कर दूंगा और वहां वह मुझ से ऐसी बातें कहेगी जैसी अपनी जवानी के दिनों में अर्थात् मि देश से चले आने के समय कहती थी।
- Matthew 6:33 मत्ती 6:33इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं तुम्हें मिल जाएंगी।
- Haggai 2:16–19 हाग्गै 2:16–19उन दिनों में जब कोई अन्न के बीस नपुओं की आशा से जाता, तब दास ही पाता था, और जब कोई दाखरस के कुण्ड के पास इस आशा से जाता कि पचास बर्तन भर निकालें, तब बीस ही निकलते थे। मैं ने तुम्हारी सारी खेती को लू और गरूई और ओलों से मारा, तौभी तुम मेरी ओर न फिरे, यहोवा की यही वाणी है। अब सोच- विचार करो, कि आज से पहिले अर्थात् जिस दिन यहोवा के मन्दिर की नेव डाली गई, उस दिन से लेकर नौवें महीने के इसी चौबीसवें दिन तक क्या दशा थी? इसका सोच- विचार करो। क्या अब तक बीच खत्ते में है? अब तक दाखलता और अंजीर और अनार और जलपाई के वृक्ष नहीं फले, परन्तु आज के दिन से मैं तुम को आशीष देता रहूंगा।।
- Isaiah 65:21–24 यशायाह 65:21–24वे घर बनाकर उन में बसेंगे; वे दाख की बारियां लगाकर उनका फल खाएंगे। ऐसा नहीं होगा कि वे बनाएं और दूसरा बसे; वा वे लगाएं, और दूसरा खाए; क्योंकि मेरी प्रजा की आयु वृक्षों की सी होगी, और मेरे चुने हुए अपने कामों का पूरा लाभ उठाएंगे। उनका परिश्रम व्यर्थ न होगा, न उनके बालक घबराहट के लिये उत्पन्न होंगे; क्योंकि वे यहोवा के धन्य लोगों का वंश ठहरेंगे, और उनके बालबच्चे उन से अलग न होंगे। उनके पुकारने से पहिले ही मैं उनको उत्तर दूंगा, और उनके मांगते ही मैं उनकी सुन लूंगा।
- Ezekiel 39:29 यहेजकेल 39:29और उन से अपना मुंह फिर कभी न फेर लूंगा, क्योंकि मैं ने इस्राएल के घराने पर अपना आत्मा उण्डेला है, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
- Malachi 3:10–12 मलाकी 3:10–12सारे दशमांश भण्डार में ले आओ कि मेरे भवन में भोजनवस्तु रहे; और सेनाओं का यहोवा यह कहता है, कि ऐसा करके मुझे परखो कि मैं आकाश के झरोखे तुम्हारे लिये खोलकर तुम्हारे ऊपर अपरम्पार आशीष की वर्षा करता हूं कि नहीं। मैं तुम्हारे लिये नाश करनेवाले को ऐसा घुड़कूंगा कि वह तुम्हारी भूमि की उपज नाश न करेगा, और तुम्हारी दाखलताओं के फल कच्चे न गिरेंगे, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।। तब सारी जातियां तुम को धन्य कहेंगी, क्योंकि तुम्हारा देश मनोहर देश होगा, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।।