Joel · chapter 2 · verse 25
Joel 2:25 in Hindi
और जिन वर्षों की उपज अर्बे नाम टिडि्डयों, और येलेक, और हासील ने, और गाजाम नाम टिडि्डयों ने, अर्थात् मेरे बड़े दल ने जिसको मैं ने तुम्हारे बीच भेजा, खा ली थी, मैं उसकी हानि तुम को भर दूंगा।।
Aur jin varshom kee upaj arbe naam tidi్dayom, aur yelek, aur haaseel ne, aur gaajaam naam tidi్dayom ne, arthaat mere bade dal ne jisako maim ne tumhaare beech bhejaa, khaa lee thee, maim usakee haani tum ko bhar doongaa..
Joel 2:25 in English
- King James Version (KJV)
- And I will restore to you the years that the locust hath eaten, the cankerworm, and the caterpiller, and the palmerworm, my great army which I sent among you.
- World English Bible (WEB)
- I will restore to you the years that the swarming locust has eaten, the great locust, the grasshopper, and the caterpillar, my great army, which I sent among you.
- American Standard Version (ASV)
- And I will restore to you the years that the locust hath eaten, the canker-worm, and the caterpillar, and the palmer-worm, my great army which I sent among you.
- Bible in Basic English (BBE)
- I will give back to you the years which were food for the locust, the plant-worm, the field-fly, and the worm, my great army which I sent among you.
- Darby Translation (DBY)
- And I will restore to you the years that the locust hath eaten, the cankerworm, and the caterpillar, and the palmer-worm, my great army which I sent among you.
- Webster's Bible (WBS)
- And I will restore to you the years that the locust hath eaten, the canker-worm, and the caterpillar, and the palmer-worm, my great army which I sent among you.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And I have recompensed to you the years That consume did the locust, the cankerworm, And the caterpillar, and the palmer-worm, My great force that I did send against you.
Read in context
- 23हे सिरयोनियों, तुम अपने परमेश्वर यहोवा के कारण मगन हो, और आनन्द करो; क्योंकि तुम्हारे लिये वह वर्षा, अर्थात् बरसात की पहिली वर्षा बहुतायत से देगा; और पहिले के समान अगली और पिछली वर्षा को भी बरसाएगा।।
- 24तब खलिहान अन्न से भर जाएंगे, और रासकुण्ड नये दाखमधु और ताजे तेल से उमड़ेंगे।
- 25और जिन वर्षों की उपज अर्बे नाम टिडि्डयों, और येलेक, और हासील ने, और गाजाम नाम टिडि्डयों ने, अर्थात् मेरे बड़े दल ने जिसको मैं ने तुम्हारे बीच भेजा, खा ली थी, मैं उसकी हानि तुम को भर दूंगा।।
- 26तुम पेट भरकर खाओगे, और तृप्त होगे, और अपने परमेश्वर यहोवा के नाम की स्तुति करोगे, जिस ने तुम्हारे लिये आश्चर्य के काम किए हैं। और मेरी प्रजा की आशा फिर कभी न टूटेगी।
- 27तब तुम जानोगे कि मैं इस्राएल के बीच में हूं, और मैं, यहोवा, तुम्हारा परमेश्वर हूं और कोई दूसरा नहीं है। और मेरी प्रजा की आशा फिर कभी न टूटेगी।।
Cross references
- Zechariah 10:6 जकर्याह 10:6मैं यहूदा के घराने को पराक्रमी करूंगा, और यूसुफ के घराने का उद्धार करूंगा। और मुझे उन पर दया आई है, इस कारण मैं उन्हें लौटा लाकर उन्हीं के देश में बसाऊंगा, और वे ऐसे होंगे, मानों मैं ने उनको मन से नहीं उतारा; मैं उनका परमेश्वर यहोवा हूं, इसलिये उनकी सुन लूंगा।
- Joel 1:4–7 योएल 1:4–7जो कुछ गाजाम नाम टिड्डी से बचा; उसे अर्बे नाम टिड्डी ने खा लिया। और जो कुछ अर्बे नाम टिड्डी से बचा, उसे येलेक नाम टिड्डी ने खा लिया, और जो कुछ येलेक नाम टिड्डी से बचा, उसे हासील नाम टिड्डी ने खा लिया है। हे मतवालो, जाग उठो, और रोओ; और हे सब दाखमधु पीलेवालो, नये दाखमधु के कारण हाय, हाय, करो; क्योंकि वह तुम को अब न मिलेगा।। देखो, मेरे देश पर एक जाति ने चढ़ाई की है, वह सामर्थी है, और उसके लोग अनगिनित हैं; उसके दांत सिंह के से, और डाढ़ें सिहनी की सी हैं। उस ने मेरी दाखलता को उजाड़ दिया, और मेरे अंजीर के वृक्ष को तोड़ डाला है; उस ने उसकी सब छाल छीलकर उसे गिरा दिया है, और उसकी डालियां छिलने से सफेद हो गई हैं।।
- Joel 2:2–11 योएल 2:2–11वह अन्धकार और तिमिर का दिन है, वह बदली का दिन है और अन्धियारे का सा फैलता है। जैसे भोर का प्रकाश पहाड़ों पर फैलता है, वैसे ही एक बड़ी और सामर्थी जाति आएगी; प्राचीनकाल में वैसी कभी न हुई, और न उसके बाद भी फिर किसी पीढ़ी में होगी।। उसके आगे आगे तो आग भस्म करती जाएगी, और उसके पीछे पीछे लौ जलती जाएगी। उसके आगे की भूमि तो एदेन की बारी के समान होगी, परन्तु उसके पीछे की भूमि उजाड़ मरूस्थल बन जाएगी, और उस से कुछ न बचेगा।। उनका रूप घोड़ों का सा है, और वे सवारी के घोड़ों की नाईं दौड़ते हैं। उनके कूदने का शब्द ऐसा होता है जैसा पहाड़ों की चोटियों पर रथों के चलने का, वा खूंटी भस्म करती हुई लौ का, या जैसे पांति बान्धे हुए बली योद्धाओं का शब्द होता है।। उनके सामने जाति जाति के लोग पीड़ित होते हैं, सब के मुख मलीन होते हैं। वे शूरवीरों की नाईं दौड़ते, और योद्धाओं की भांति शहरपनाह पर चढ़ते हैं वे अपने अपने मार्ग पर चलते हैं, और कोई अपनी पांति से अलग न चलेगा। वे एक दूसरे को धक्का नहीं लगाते, वे अपनी अपनी राह पर चलते हैं; शस्त्रों का साम्हना करने से भी उनकी पांति नहीं टूटती। वे नगर में इधर- उधर दौड़ते, और शहरपनाह पर चढ़ते हैं; वे घरों में ऐसे घुसते हैं जैसे चोर खिड़कियों से घुसते हैं।। उनके आगे पृथ्वी कांप उठती है, और आकाश थरथराता है। सूर्य और चन्द्रमा काले हो जाते हैं, और तारे नहीं झलकते। यहोवा अपने उस दल के आगे अपना शब्द सुनाता है, क्योंकि उसकी सेना बहुत ही बड़ी है; जो अपना वचन पूरा करनेवाला है, वह सामर्थी है। क्योंकि यहोवा का दिन बड़ा और अति भयानक है; उसको कौन सह सकेगा?