Jonah · chapter 4 · verse 7
Jonah 4:7 in Hindi
बिहान को जब पौ फटने लगी, तब परमेश्वर ने एक कीड़े को भेजा, जिस ने रेंड़ का पेड़ एसा काटा कि वह सूख गया।
Bihaan ko jab pau phatane lagee, tab parameshvar ne ek keede ko bhejaa, jis ne rend kaa ped esaa kaataa ki vah sookh gayaa.
Jonah 4:7 in English
- King James Version (KJV)
- But God prepared a worm when the morning rose the next day, and it smote the gourd that it withered.
- World English Bible (WEB)
- But God prepared a worm at dawn the next day, and it chewed on the vine so that it withered.
- American Standard Version (ASV)
- But God prepared a worm when the morning rose the next day, and it smote the gourd, that it withered.
- Bible in Basic English (BBE)
- But early on the morning after, God made ready a worm for the destruction of the vine, and it became dry and dead.
- Darby Translation (DBY)
- But God prepared a worm when the morning rose the next day, and it smote the gourd, that it withered.
- Webster's Bible (WBS)
- But God prepared a worm when the morning rose the next day, and it smote the gourd that it withered.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And God appointeth a worm at the going up of the dawn on the morrow, and it smiteth the gourd, and it drieth up.
Read in context
- 5इस पर योना उस नगर से निकलकर, उसकी पूरब ओर बैठ गया; और वहां एक छप्पर बनाकर उसकी छाया में बैठा हुआ यह देखने लगा कि नगर को क्या होगा?
- 6तब यहोवा परमेश्वर ने एक रेंड़ का पेड़ लगाकर ऐसा बढ़ाया कि योना के सिर पर छाया हो, जिस से उसका दु:ख दूर हो। योना उस रेंड़ के पेड़ के कारण बहुत ही आनन्दित हुआ।
- 7बिहान को जब पौ फटने लगी, तब परमेश्वर ने एक कीड़े को भेजा, जिस ने रेंड़ का पेड़ एसा काटा कि वह सूख गया।
- 8जब सूर्य उगा, तब परमेश्वर ने पुरवाई बहाकर लू चलाई, और घाम योना के सिर पर ऐसा लगा कि वह मूर्च्छा खाने लगा; और उस ने यह कहकर मृत्यु मांगी, मेरे लिये जीवित रहने से मरना ही अच्छा है।
- 9परमेश्वर ने योना से कहा, तेरा क्रोध, जो रेंड़ के पेड़ के कारण भड़का है, क्या वह उचित है? उस ने कहा, हां, मेरा जो क्रोध भड़का है वह अच्छा ही है, वरन क्रोध के मारे मरना भी अच्छा होता।
Cross references
- Joel 1:12 योएल 1:12दाखलता सूख गई, और अंजीर का वृक्ष कुम्हला गया है। अनार, ताड़, सेव, वरन मैदान के सब वृक्ष सूख गए हैं; और मनुष्यों का हर्ष जाता रहा है।।
- Psalm 90:5–6 भजन संहिता 90:5–6तू मनुष्यों को धारा में बहा देता है; वे स्वप्न से ठहरते हैं, वे भोर को बढ़नेवाली घास के समान होते हैं। वह भोर को फूलती और बढ़ती है, और सांझ तक काटकर मुर्झा जाती है।।
- Psalm 102:10 भजन संहिता 102:10यह तेरे क्रोध और कोप के कारण हुआ है, क्योंकि तू ने मुझे उठाया, और फिर फेंक दिया है।
- Psalm 30:6–7 भजन संहिता 30:6–7मैं ने तो चैन के समय कहा था, कि मैं कभी नहीं टलने का। हे यहोवा अपनी प्रसन्नता से तू ने मेरे पहाड़ को दृढ़ और स्थिर किया था; जब तू ने अपना मुख फेर लिया तब मैं घबरा गया।।
- Job 1:21 अय्यूब 1:21मैं अपनी मां के पेट से नंगा निकला और वहीं नंगा लौट जाऊंगा; यहोवा ने दिया और यहोवा ही ने लिया; यहोवा का नाम धन्य है।
- Isaiah 40:6–8 यशायाह 40:6–8बोलनेवाले का वचन सुनाई दिया, प्रचार कर! मैं ने कहा, मैं क्या प्रचार करूं? सब प्राणी घास हैं, उनकी शोभा मैदान के फूल के समान है। जब यहोवा की सांस उस पर चलती है, तब घास सूख जाती है, और फूल मुर्झा जाता है; नि:सन्देह प्रजा घास है। घास तो सूख जाती, और फूल मुर्झा जाता है; परन्तु हमारे परमेश्वर का वचन सदैव अटल रहेगा।।