Joshua · chapter 13 · verse 7
Joshua 13:7 in Hindi
इसलिये तू अब इस देश को नवों गोत्रों और मनश्शे के आधे गोत्रा को उनका भाग होने के लिये बांट दे।।
Isaliye too ab is desh ko navom gotrom aur manashshe ke aadhe gotraa ko unakaa bhaag hone ke liye baant de..
Joshua 13:7 in English
- King James Version (KJV)
- Now therefore divide this land for an inheritance unto the nine tribes, and the half tribe of Manasseh,
- World English Bible (WEB)
- Now therefore divide this land for an inheritance to the nine tribes and the half-tribe of Manasseh.”
- American Standard Version (ASV)
- Now therefore divide this land for an inheritance unto the nine tribes, and the half-tribe of Manasseh.
- Bible in Basic English (BBE)
- So now make division of this land for a heritage to the nine tribes, and the half-tribe of Manasseh.
- Darby Translation (DBY)
- And now divide this land for an inheritance to the nine tribes, and to half the tribe of Manasseh;
- Webster's Bible (WBS)
- Now therefore divide this land for an inheritance to the nine tribes, and the half tribe of Manasseh,
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And now, apportion this land for an inheritance to the nine tribes, and the half of the tribe of Manasseh,' —
Read in context
- 5फिर गवालियों का देश, और सूर्योदय की ओर हेर्मोन पर्वत के नीचे के बालगाद से लेकर हमात की घाटी तक सारा लबानोन,
- 6फिर लबानोन से लेकर मि पोतमैम तक सीदोनियों के पहाड़ी देश के निवासी। इनको मैं इस्राएलियों के साम्हने से निकाल दूंगा; इतना हो कि तू मेरी आज्ञा के अनुसार चिट्ठी डाल डालकर उनका देश इस्राएल को बांट दे।
- 7इसलिये तू अब इस देश को नवों गोत्रों और मनश्शे के आधे गोत्रा को उनका भाग होने के लिये बांट दे।।
- 8इसके साथ रूबेनियों और गादियों को तो वह भाग मिल चुका था, जिसे मूसा ने उन्हें यरदन के पूर्व की ओर दिया था, क्योंकि यहोवा के दास मूसा ने उन्हीं को दिया था,
- 9अर्थात् अर्नोन नाम नाले के किनारे के अरोएक से लेकर, और उसी नाले के बीच के नगर को छोड़कर दीबोन तक मेदवा के पास का सारा चौरस देश;
Cross references
- Numbers 26:53–56 गिनती 26:53–56इनको, इनकी गिनती के अनुसार, वह भूमि इनका भाग होने के लिये बांट दी जाए। अर्थात् जिस कुल से अधिक हों उनको अधिक भाग, और जिस में कम हों उनको कम भाग देना; प्रत्येक गोत्रा को उसका भाग उसके गिने हुए लोगों के अनुसार दिया जाए। तौभी देश चिट्ठी डालकर बांटा जाए; इस्त्राएलियों के पितरों के एक एक गोत्रा का नाम, जैसे जैसे निकले वैसे वैसे वे अपना अपना भाग पाएं। चाहे बहुतों का भाग हो चाहे थोड़ों का हो, जो जो भाग बांटे जाएं वह चिट्ठी डालकर बांटे जाए।।
- Ezekiel 47:13–23 यहेजकेल 47:13–23परमेश्वर यहोवा यों कहता है, जिस सिवाने के भीतर तुम को यह देश अपने बारहों गोत्रों के अनुसार बांटना पड़ेगा, वह यह हैे यूसुफ को दो भाग मिलें। और उसे तुम एक दूसरे के समान निज भाग में पाओगे, क्योंकि मैं ने शपथ खाई कि उसे तुम्हारे पितरों को दूंगा, सो यह देश तुम्हारा निज भाग ठहरेगा। देश का सिवाना यह हो, अर्थात् उत्तर ओर का सिवाना महासागर से लेकर हेतलोन के पास से सदाद की घाटी तक पहुंचे, और उस सिवाने के पास हमात बेरोता, और सिब्रैम जो दमिश्क ओर हमात के सिवानों के बीच में है, और हसर्हत्तीकोन तक, जो हौरान के सिवाने पर है। और यह सिवाना समुद्र से लेकर दमिश्क के सिवाने के पास के हसरेनोन तक महुंचे, और उसकी उत्तर ओर हमात हो। उत्तर का सिवाना यही हो। और पूव सिवाना जिसकी एक ओर हौरान दमिश्क; और यरदन की ओर गिलाद और इस्राएल का देश हो; उत्तरी सिवाने से लेकर पूव ताल तक उसे मापना। पूव सिवाना तो यही हो। और दक्खिनी सिवाना तामार से लेकर कादेश के मरीबोत नाम सोते तक अर्थात् मिस्र के नाले तक, और महासागर तक महुंचे। दक्खिनी सिवाना यही हो। और पश्चिमीसिवाना दक्खिनी सिवाने से लेकर हमात की घाटी के साम्हने तक का महासागर हो। पच्छिमी सिवाना यही हो। इस प्रकार देश को इस्राएल के गोत्रों के अनुसार आपस में बांट लेना। और इसको आपस में और उन परदेशियों के साथ बांट लेना, जो तुम्हारे बीच रहते हुए बालकों को जन्माएं। वे तुम्हारी दृष्टि में देशी इस्राएलियों की नाई ठहरें, और तुम्हारे गोत्रों के बीच अपना अपना भाग पाएं। जो परदेशी जिस गोत्रा के देश में रहता हो, उसको वहीं भाग देना, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
- Ezekiel 48:23–29 यहेजकेल 48:23–29अन्य गोत्रों के भाग इस प्रकार हों: पूर्व से पच्छिम तक बिन्यामीन का एक भाग हो। बिन्यामीन के सिवाने से लगा हुआ पूर्व से पच्छिम तक शिमोन का एक भाग। शिमोन के सिवाने से लगा हुआ पूर्व से पच्छिम तक इस्साकार का एक भाग। इस्साकार के सिवाने से लगा हुआ पूर्व से पच्छिम तक जबूलून का एक भाग। जबूलून के सिवाने से लगा हुआ पूर्व से पच्छिम तक गाद का एक भाग। और गाद के सिवाने के पास दक्खिन ओर का सिवाना तामार से ले कर कादेश के मरीबोत नाम सोते तक, और मिस्र के नाले ओर महासागर तक पहुंचे। जो देश तुम्हें इस्राएल के गोत्रों को बांटना होगा वह यही है, और उनके भाग भी ये ही हैं, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
- Numbers 32:2–14 गिनती 32:2–14तब मूसा और एलीआजर याजक और मण्डली के प्रधानों के पास जाकर कहने लगे, अतारोत, दीबोन, याजेर, निम्रा, हेशबोन, एलाले, सबाम, नबो, और बोन नगरों का देश जिस पर यहोवा ने इस्त्राएल की मण्डली को विजय दिलवाई है, वह ढोरों के योग्य है; और तेरे दासों के पास ढोर हैं। फिर उन्हों ने कहा, यदि तेरा अनुग्रह तेरे दासों पर हो, तो यह देश तेरे दासों को मिले कि उनकी निज भूमि हो; हमें यरदन पार न ले चल। मूसा ने गादियों और रूबेनियों से कहा, जब तुम्हारे भाई युद्ध करने को जाएंगे तब क्या तुम यहां बैठे रहोगे? और इस्त्राएलियों से भी उस पार के देश जाने के विषय जो यहोवा ने उन्हें दिया है तुम क्यों अस्वीकार करवाते हो? जब मैं ने तुम्हारे बापदादों को कादेशबर्ने से कनान देश देखने के लिये भेजा, तब उन्हों ने भी ऐसा ही किया था। अर्थात् जब उन्हों ने एशकोल नाम नाले तक पहुंचकर देश को देखा, तब इस्त्राएलियों से उस देश के विषय जो यहोवा ने उन्हें दिया था अस्वीकार करा दिया। इसलिये उस समय यहोवा ने कोप करके यह शपथ खाई कि, नि:सन्देह जो मनुष्य मि से निकल आए हैं उन में से, जितने बीस वर्ष के वा उस से अधिक अवस्था के हैं, वे उस देश को देखने न पाएंगे, जिसके देने की शपथ मैं ने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब से खाई है, क्योंकि वे मेरे पीछे पूरी रीति से नहीं हो लिये; परन्तु यपुन्ने कनजी का पुत्रा कालेब, और नून का पुत्रा यहोशू, ये दोनों जो मेरे पीछे पूरी रीति से हो लिये हैं ये तो उसे देखने पाएंगे। सो यहोवा का कोप इस्त्राएलियों पर भड़का, और जब तक उस पीढ़ी के सब लोगों का अन्त न हुआ, जिन्हों ने यहोवा के प्रति बुरा किया था, तब तक अर्थात् चालीस वर्ष तक वह जंगल में मारे मारे फिराता रहा। और सुनो, तुम लोग उन पापियों के बच्चे होकर इसी लिये अपने बाप- दादों के स्थान पर प्रकट हुए हो, कि इस्त्राएल के विरूद्ध यहोवा से भड़के हुए कोप को और भड़काओ!
- Numbers 33:54 गिनती 33:54और तुम उस देश को चिट्ठी डालकर अपने कुलों के अनुसार बांट लेना; अर्थात् जो कुल अधिकवाले हैं उन्हें अधिक, और जो थोड़ेवाले हैं उनको थोड़ा भाग देना; जिस कुल की चिट्ठी जिस स्थान के लिये निकले वही उसका भाग ठहरे; अपने पितरों के गोत्रों के अनुसार अपना अपना भाग लेना।