Lamentations · chapter 1 · verse 3
Lamentations 1:3 in Hindi
यहूदा दु:ख और कठिन दासत्व से बचने के लिये परदेश चली गई; परन्तु अन्यजातियों में रहती हुई वह चैन नहीं पाती; उसके सब खदेड़ने वालों ने उसकी सकेती में उसे पकड़ लिया है।
Yahoodaa du:kh aur kathin daasatv se bachane ke liye paradesh chalee gaee; parantu anyajaatiyom mem rahatee huee vah chain naheem paatee; usake sab khadedane vaalom ne usakee saketee mem use pakad liyaa hai.
Lamentations 1:3 in English
- King James Version (KJV)
- Judah is gone into captivity because of affliction, and because of great servitude: she dwelleth among the heathen, she findeth no rest: all her persecutors overtook her between the straits.
- World English Bible (WEB)
- Judah has gone into captivity because of affliction and because of great servitude. She dwells among the nations. She finds no rest. All her persecutors overtook her in her distress.
- American Standard Version (ASV)
- Judah is gone into captivity because of affliction, and because of great servitude; She dwelleth among the nations, she findeth no rest: All her persecutors overtook her within the straits.
- Bible in Basic English (BBE)
- Judah has been taken away as a prisoner because of trouble and hard work; her living-place is among the nations, there is no rest for her: all her attackers have overtaken her in a narrow place.
- Darby Translation (DBY)
- Judah is gone into captivity because of affliction, and because of great servitude; she dwelleth among the nations, she findeth no rest: all her pursuers have overtaken her within the straits.
- Webster's Bible (WBS)
- Judah is gone into captivity because of affliction, and because of great servitude: she dwelleth among the heathen, she findeth no rest: all her persecutors overtook her between the straits.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Removed hath Judah because of affliction, And because of the abundance of her service; She hath dwelt among nations, She hath not found rest, All her pursuers have overtaken her between the straits.
Read in context
- 1जो नगरी लोगों से भरपूर थी वह अब कैसी अकेली बैठी हुई है! वह क्यों एक विधवा के समान बन गई? वह जो जातियों की दृष्टि में महान और प्रान्तों में रानी थी, अब क्यों कर देने वाली हो गई है।
- 2रात को वह फूट फूट कर रोती है, उसके आंसू गालों पर ढलकते हैं; उसके सब यारों में से अब कोई उसे शान्ति नहीं देता; उसके सब मित्रों ने उस से विश्वासघात किया, और उसके शत्रु बन गए हैं।
- 3यहूदा दु:ख और कठिन दासत्व से बचने के लिये परदेश चली गई; परन्तु अन्यजातियों में रहती हुई वह चैन नहीं पाती; उसके सब खदेड़ने वालों ने उसकी सकेती में उसे पकड़ लिया है।
- 4सिय्योन के मार्ग विलाप कर रहे हैं, क्योंकि नियत पर्वों में कोई नहीं आता है; उसके सब फाटक सुनसान पड़े हैं, उसके याजक कराहते हैं; उसकी कुमारियां शोकित हैं, और वह आप कठिन दु:ख भोग रही है।
- 5उसके द्रोही प्रधान हो गए, उसके शत्रु उन्नति कर रहे हैं, क्योंकि यहोवा ने उसके बहुत से अपराधों के कारण उसे दु:ख दिया है; उसके बाल-बच्चों को शत्रु हांक हांक कर बंधुआई में ले गए।
Cross references
- Lamentations 2:9 विलापगीत 2:9उसके फाटक भूमि में धय गए हैं, उनके बेड़ों को उस ने तोडकर नाश किया। उसके राजा और हाकिम अन्यजातियों में रहने के कारण व्यवस्थारहित हो गए हैं, और उसके भविष्यद्वक्ता यहोवा से दर्शन नहीं पाते हैं।
- Ezekiel 5:12 यहेजकेल 5:12तेरी एक तिहाई तो मरी से मरेगी, और तेरे बीच भूख से मर मिटेगी; एक तिहाई तेरे आस पास तलवार से मारी जाएगी; और एक तिहाई को मैं चारों ओर तितर- बितर करूंगा और तलवार खींचकर उनके पीछे चलाऊंगा।
- Jeremiah 16:16 यिर्मयाह 16:16देखो, यहोवा की यह वाणी है कि मै बहुत से मछुओं को बुलवा भेजूंगा कि वे इन लोगों को पकड़ लें, और, फिर मैं बहुत से बहेलियों को बुलवा भेजूंगा कि वे इनको अहेर करके सब पहाड़ों और पहाड़ियों पर से और चट्टानों की दरारों में से निकालें।
- 2 Kings 25:21 2 राजा 25:21तब बाबेल के राजा ने उन्हें हमात देश के रिबला में ऐसा मारा कि वे मर गए। यों यहूदी बन्धुआ बनके अपने देश से तिकाल दिए गए।
- Jeremiah 24:9 यिर्मयाह 24:9इस कारण वे पृथ्वी के राज्य राज्य में मारे मारे फिरते हुए हुेख भोगते रहेंगे; और जितने स्थानों में मैं उन्हें बरबस निकाल दूंगा, उन सभों में वे नामधराई और दृष्टांत और स्राप का विषय होंगे।
- Jeremiah 39:9 यिर्मयाह 39:9तब जल्लादों का प्रधान नबूजरदान प्रजा के बचे हुओं को जो नगर में रह गए थे, और जो लोग उसके पास भाग आए थे उनको अर्थात् प्रजा में से जितने रह गए उन सब को बंधुआ करके बाबुल को ले गया।
- Jeremiah 52:8 यिर्मयाह 52:8परन्तु उनकी सेना ने राजा का पीछा किया, और उसको यरीहो के पास के अराबा में जा पकड़ा; तब उसकी सारी सेना उसके पास से तितर- बितर हो गई।
- Deuteronomy 28:64–67 व्यवस्थाविवरण 28:64–67और यहोवा तुझ को पृथ्वी के इस छोर से लेकर उस छोर तक के सब देशों के लोगों में तित्तर बित्तर करेगा; और वहां रहकर तू अपने और अपने पुरखाओं के अनजाने काठ और पत्थर के दूसरे देवताओं की उपासना करेगा। और उन जातियों में तू कभी चैन न पाएगा, और न तेरे पांव को ठिकाना मिलेगा; क्योंकि वहां यहोवा ऐसा करेगा कि तेरा हृदय कांपता रहेगा, और तेरी आंखे धुंधली पड़ जाएगीं, और तेरा मन कलपता रहेगा; और तुझ को जीवन का नित्य सन्देह रहेगा; और तू दिन रात थरथराता रहेगा, और तेरे जीवन का कुछ भरोसा न रहेगा। तेरे मन में जो भय बना रहेगा, उसके कारण तू भोर को आह मारके कहेगा, कि सांझ कब होगी! और सांझ को आह मारके कहेगा, कि भोर कब होगा।
- 2 Kings 24:14–15 2 राजा 24:14–15फिर वह पूरे यरूशलेम को अर्थात् सब हाकिमों और सब धनवानों को जो मिलकर दस हजार थे, और सब कारीगरों और लोहारों को बन्धुआ करके ले गया, यहां तक कि साधारण लोगों में से कंगालों को छोड़ और कोई न रह गया। और वह यहोयाकीन को बाबेल में ले गया और उसकी माता और स्त्रियों और खोजों को और देश के बड़े लोगों को वह बन्धुआ करके यरूशलेम से बाबेल को ले गया।
- Lamentations 4:18–19 विलापगीत 4:18–19लोग हमारे पीछे ऐसे पड़े कि हम अपने नगर के चौकों में भी नहीं चल सके; हमारा अन्त निकट आया; हमारी आयु पूरी हुई; क्योंकि हमारा अन्त आ गया था। हमारे खदेड़नेवाले आकाश के उकाबों से भी अधिक वेग से चलते थे; वे पहाड़ों पर हमारे पीछे पड़ गए और जंगल में हमारे लिये घात लगाकर बैठ गए।
- Amos 9:1–4 आमोस 9:1–4मैं ने प्रभु को वेदी के ऊपर खड़ा देखा, और उस ने कहा, खम्भे की कंगनियों पर मार जिस से डेवढ़ियां हिलें, और उनको सब लोगों के सिर पर गिराकर टुकड़े टुकड़े कर; और जो नाश होने से बचें, उन्हें मैं तलवार से घात करूंगा; उन में से एक भी न भाग निकलेगा, और जो अपने को बचाए, वह बचने न पाएगा।। क्योंकि चाहे वे खोदकर अधोलोक में उतर जाएं, तो वहां से मैं हाथ बढ़ाकर उन्हें लाऊंगा; चाहे वे आकाश पर चढ़ जाएं, तो वहां से मैं उन्हें उतार लाऊंगा। चाहे वे कर्म्मेल में छिप जाएं, परन्तु वहां भी मैं उन्हें ढूंढ़- ढूंढकर पकड़ लूंगा, और चाहे वे समुद्र की थाह में मेरी दृष्टि से ओट हों, वहां भी मैं सर्प को उन्हें डसने की आज्ञा दूंगा। और चाहे शत्रु उन्हें हांककर बंधुआई में ले जाएं, वहां भी मैं आज्ञा देकर तलवार से उन्हें घात कराऊंगा; और मैं उन पर भलाई करने के लिये नहीं, बुराई की करने के लिये दृष्टि करूंगा।।
- 2 Chronicles 36:20–21 2 इतिहास 36:20–21और जो तलवार से बच गए, उन्हें वह बाबेल को ले गया, और फारस के राज्य के प्रबल होने तक वे उसके और उसके बेटों- पोतों के आधीन रहे। यह सब इसलिये हुआ कि यहोवा का जो वचन यिर्मयाह के मुंह से निकला था, वह पूरा हो, कि देश अपने विश्राम कालों में मुख भोगता रहे। इसलिये जब तक वह सूना पड़ा रहा तब तक अर्थात् सत्तर वर्ष के पूरे होने तक उसको विश्राम मिला।
Original words (Hebrew)
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- captivity · H1540גָּלָה gâlâh
- affliction · H6040עֳנִי ʻŏnîy
- great · H7230רֹב rôb
- servitude · H5656עֲבֹדָה ʻăbôdâh
- dwelleth · H3427יָשַׁב yâshab
- heathen · H1471גּוֹי gôwy
- findeth · H4672מָצָא mâtsâʼ
- rest · H4494מָנוֹחַ mânôwach
- persecutors · H7291רָדַף râdaph
- overtook · H5381נָשַׂג nâsag
- straits · H4712מֵצַר mêtsar