Lamentations · chapter 2 · verse 5
Lamentations 2:5 in Hindi
यहोवा शत्रु बन गया, उस ने इस्राएल को निगल लिया; उसके सारे भवनों को उस ने मिटा दिया, और उसके दृढ़ गढ़ों को नष्ट कर डाला है; और यहूदा की पुत्री का दोना- पीटना बहुत बढ़ाय है।
Yahovaa shatru ban gayaa, us ne israael ko nigal liyaa; usake saare bhavanom ko us ne mitaa diyaa, aur usake drudh gadhom ko nasht kar daalaa hai; aur yahoodaa kee putree kaa donaa- peetanaa bahut badhaay hai.
Lamentations 2:5 in English
- King James Version (KJV)
- The Lord was as an enemy: he hath swallowed up Israel, he hath swallowed up all her palaces: he hath destroyed his strong holds, and hath increased in the daughter of Judah mourning and lamentation.
- World English Bible (WEB)
- The Lord has become as an enemy. He has swallowed up Israel. He has swallowed up all her palaces. He has destroyed his strongholds. He has multiplied mourning and lamentation in the daughter of Judah.
- American Standard Version (ASV)
- The Lord is become as an enemy, he hath swallowed up Israel; He hath swallowed up all her palaces, he hath destroyed his strongholds; And he hath multiplied in the daughter of Judah mourning and lamentation.
- Bible in Basic English (BBE)
- The Lord has become like one fighting against her, sending destruction on Israel; he has sent destruction on all her great houses, making waste his strong places: increasing the grief and the sorrow of the daughter of Judah.
- Darby Translation (DBY)
- The Lord is become as an enemy: he hath swallowed up Israel; he hath swallowed up all her palaces; he hath destroyed his strongholds, and hath multiplied in the daughter of Judah mourning and lamentation.
- Webster's Bible (WBS)
- The LORD was as an enemy: he hath swallowed up Israel, he hath swallowed up all her palaces: he hath destroyed his strong holds, and hath increased in the daughter of Judah mourning and lamentation.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The Lord hath been as an enemy, He hath swallowed up Israel, He hath swallowed up all her palaces, He hath destroyed His fortresses, And He multiplieth in the daughter of Judah Mourning and moaning.
Read in context
- 3उस ने क्रोध में आकर इस्राएल के सींग को जड़ से काट डाला है; उस ने शत्रु के साम्हने उनकी सहायता करने से अपना दहिना हाथ खींच लिया हे; उस ने चारों ओर भस्म करती हुई लौ की नाई याकूब को जला दिया है।
- 4उस ने शत्रु बनकर धनुष चढ़ाया, और वैरी बनकर दहिना हाथ बढ़ाए हुए खड़ा है; और जितने देखने में मनभावने थे, उन सब को उस ने घात किया; सिरयोन की पुत्री के तम्बू पर उस ने आग की नाई अपनी जलजलाहट भड़का दी है।
- 5यहोवा शत्रु बन गया, उस ने इस्राएल को निगल लिया; उसके सारे भवनों को उस ने मिटा दिया, और उसके दृढ़ गढ़ों को नष्ट कर डाला है; और यहूदा की पुत्री का दोना- पीटना बहुत बढ़ाय है।
- 6उस ने अपना मण्डप बारी के मचान की नाई अचानक गिरा दिया, अपने मिलापस्थान को उस ने नाश किया है; यहोवा ने सिरयोन में नियत वर्र्व और विश्रामदिन दोनों को भुला दिया है, और अपने भड़के हुए कोप से राजा और साजक दोनों का तिरस्कार किया है।
- 7यहोवा ने अपनी वेदी मन से उतार दी, और अपना कवित्रास्थान अपमान के साथ तज दिया है; उसके भवनों की भीतों को उस ने शत्रुओं के वश में कर दिया; यहोवा के भवन में उन्हों ने ऐसा कोलाहल मचाया कि मानो नियत वर्ष का दिन हो।
Cross references
- Lamentations 2:2 विलापगीत 2:2यहोवा ने याकूब की सब बस्तियों को निठुरता से नष्ट किया है; उस ने रोष में आकर यहूदा की पुत्री के दृढ़ गढ़ों को ढाकर मिट्टी में मिला दिया है; उस ने हाकिमों समेत राज्य को अपवित्रा ठहराया है।
- 2 Kings 25:9 2 राजा 25:9और उस ने यहोवा के भवन और राजभवन और यरूशलेम के सब घरों को अर्थात् हर एक बड़े घर को आग लगाकर फूंक दिया।
- Jeremiah 30:14 यिर्मयाह 30:14तेरे सब मित्रा तुझे भूल गए; वे तुम्हारी सुधि नहीं लेते; क्योंकि तेरे बड़े अधर्म और भारी पापों के कारण, मैं ने शत्रु बनकर तुझे मारा है; मैं ने क्रूर बनकर ताड़न दी है।
- Lamentations 2:4 विलापगीत 2:4उस ने शत्रु बनकर धनुष चढ़ाया, और वैरी बनकर दहिना हाथ बढ़ाए हुए खड़ा है; और जितने देखने में मनभावने थे, उन सब को उस ने घात किया; सिरयोन की पुत्री के तम्बू पर उस ने आग की नाई अपनी जलजलाहट भड़का दी है।
- Jeremiah 52:13 यिर्मयाह 52:13और उस ने यहोवा के भवन और राजभवन और यरूशलेम के सब बड़े बड़े घरों को आग लगवाकर फुंकवा दिया।
- 2 Chronicles 36:16–17 2 इतिहास 36:16–17परन्तु वे परमेश्वर के दूतों को ठट्ठों में उड़ाते, उसके वचनों को तुच्छ जानते, और उसके नबियों की हंसी करते थे। निदान यहोवा अपनी प्रजा पर ऐसा झुंझला उठा, कि बचने का कोई उपाय न रहा। तब उस ने उन पर कसदियों के राजा से चढ़ाई करवाई, और इस ने उनके जवानों को उनके पवित्रा भवन ही में तलवार से मार डाला। और क्या जवान, क्या कुंवारी, क्या बूढ़े, क्या पक्के बालवाले, किसी पर भी कोमलता न की; यहोवा ने सभों को उसके हाथ में कर दिया।
- Jeremiah 9:17–20 यिर्मयाह 9:17–20सेनाओं का यहोवा यों कहता है, सोचो, और विलाप करनेवालियों को बुलाओ; बुध्दिमान स्त्रियों को बतलवा भेजो; वे फुत करके हम लोगों के लिये शोक का गीत गाएं कि हमारी आंखों से आंसू बह चलें और हमारी पलकें जल बहाए। सिरयोन से शोक का यह गीत सुन पड़ता है, हम कैसे नाश हो गए! हम क्यों लज्जा में पड़ गए हैं, क्योंकि हम को अपना देश छोड़ना पड़ा और हमारे घर गिरा दिए गए हैं। इसलिये, हे स्त्रियो, यहोवा का यह वचन सुनो, और उसकी यह आज्ञा मानो; तुम अपनी अपनी बेटियों को शोक का गीत, और अपनी अपनी पड़ोसिनों को विलाप का गीत सिखाओ।
- Ezekiel 2:10 यहेजकेल 2:10उसको उस ने मेरे साम्हने खोलकर फैलाया, ओर वह दोनों ओर लिखी हुई थी; और जो उस में लिखा था, वे विलाप और शोक और दु:खभरे वचन थे।
- Jeremiah 15:1 यिर्मयाह 15:1फिर यहोवा ने मुझ से कहा, यदि मूसा और शमूएल भी मेरे साम्हने खड़े होते, तौभी मेरा मन इन लोगों की ओर न फिरता। इनको मेरे साम्हने से निकाल दो कि वे निकल जाएं!
Original words (Hebrew)
- Lord · H136אֲדֹנָי ʼĂdônây
- enemy · H341אֹיֵב ʼôyêb
- up · H1104בָּלַע bâlaʻ
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- up · H1104בָּלַע bâlaʻ
- palaces · H759אַרְמוֹן ʼarmôwn
- destroyed · H7843שָׁחַת shâchath
- holds · H4013מִבְצָר mibtsâr
- increased · H7235רָבָה râbâh
- daughter · H1323בַּת bath
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- mourning · H8386תַּאֲנִיָּה taʼănîyâh
- lamentation · H592אֲנִיָּה ʼănîyâh