Leviticus · chapter 10 · verse 20
Leviticus 10:20 in Hindi
जब मूसा ने यह सुना तब उसे संतोष हुआ।।
Jab moosaa ne yah sunaa tab use santosh huaa..
Leviticus 10:20 in English
- King James Version (KJV)
- And when Moses heard [that], he was content.
- World English Bible (WEB)
- When Moses heard that, it was pleasing in his sight.
- American Standard Version (ASV)
- And when Moses heard [that], it was well-pleasing in his sight.
- Bible in Basic English (BBE)
- And after hearing this, Moses was no longer angry.
- Darby Translation (DBY)
- And Moses heard it; and it was good in his sight.
- Webster's Bible (WBS)
- And when Moses heard [that] , he was content.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Moses hearkeneth, and it is good in his eyes.
Read in context
- 18देखो, उसका लोहू पवित्रास्थान के भीतर तो लाया ही नहीं गया, नि:सन्देह उचित था कि तुम मेरी आज्ञा के अनुसार उसके मांस को पवित्रास्थान में खाते।
- 19इसका उत्तर हारून ने मूसा को इस प्रकार दिया, कि देख, आज ही उन्हों ने अपने पापबलि और होमबलि को यहोवा के साम्हने चढ़ाया; फिर मुझ पर ऐसी विपत्तियां आ पड़ी हैं! इसलिये यदि मैं आज पापबलि का मांस खाता तो क्या यह बात यहोवा के सम्मुख भली होती?
- 20जब मूसा ने यह सुना तब उसे संतोष हुआ।।
Cross references
- Matthew 12:20 मत्ती 12:20वह कुचले हुए सरकण्डे को न तोड़ेगा; और धूआं देती हुई बत्ती को न बुझाएगा, जब तक न्याय को प्रबल न कराए।
- 2 Chronicles 30:18–20 2 इतिहास 30:18–20बहुत से लोगों ने अर्थात् एप्रैम, मनश्शे, इस्साकार और जबूलून में से बहुतों ने अपने को शुठ्ठ नहीं किया था, तौभी वे फसह के पशु का मांस लिखी हुई विधि के विरूद्ध खाते थे। क्योंकी हिजकिरयाह ने उनके लिये यह प्रार्थना की थी, कि यहोवा जो भला है, वह उन सभों के पाप ढांप दे; जो परमेश्वर की अर्थात् अपने पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा की खोज में मन लगाए हुए हैं, चाहे वे पवित्रास्थान की विधि के अनुसार शुठ्ठ न भी हों। और यहोवा ने हिजकिरयाह की यह प्रार्थन सुनकर लोगों को चंगा किया।
- Zechariah 7:8–9 जकर्याह 7:8–9फिर यहोवा का यह वचन जकर्याह के पास पहुंचा, सेनाओं के यहोवा ने यों कहा है, खराई से न्याय चुकाना, और एक दूसरे के साथ कृपा और दया से काम करना,
- Matthew 12:3–7 मत्ती 12:3–7उस ने उन से कहा; क्या तुम ने नहीं पढ़ा, कि दाऊद ने, जब वह और उसके साथी भूखे हुए तो क्या किया? वह क्योंकर परमेश्वर के घर में गया, और भेंट की रोटियां खाईं, जिन्हें खाना न तो उसे और उसके साथियों को, पर केवल याजकों को उचित था? या तुम ने व्यवस्था में नहीं पढ़ा, कि याजक सब्त के दिन मन्दिर में सब्त के दिन के विधि को तोड़ने पर भी निर्दोष ठहरते हैं। पर मैं तुम से कहता हूं, कि यहां वह है, जो मन्दिर से भी बड़ा है। यदि तुम इस का अर्थ जानते कि मैं दया से प्रसन्न हूं, बलिदान से नहीं, तो तुम निर्दोष को दोषी न ठहराते।