Leviticus · chapter 27 · verse 21
Leviticus 27:21 in Hindi
परन्तु जब वह खेत जुबली के वर्ष में छूटे, तब पूरी रीति से अर्पण किए हुए खेत की नाईं यहोवा के लिये पवित्र ठहरे, अर्थात वह याजक ही की निज भूमि हो जाए।
Parantu jab vah khet jubalee ke varsh mem chhoote, tab pooree reeti se arpan kie hue khet kee naaeem yahovaa ke liye pavitr thahare, arthaat vah yaajak hee kee nij bhoomi ho jaae.
Leviticus 27:21 in English
- King James Version (KJV)
- But the field, when it goeth out in the jubile, shall be holy unto the LORD, as a field devoted; the possession thereof shall be the priest’s.
- World English Bible (WEB)
- but the field, when it goes out in the Jubilee, shall be holy to the LORD, as a devoted field. It shall be owned by the priests.
- American Standard Version (ASV)
- but the field, when it goeth out in the jubilee, shall be holy unto Jehovah, as a field devoted; the possession thereof shall be the priest’s.
- Bible in Basic English (BBE)
- But the field, when it becomes free at the year of Jubilee, will be holy to the Lord, as a field given under oath: it will be the property of the priest.
- Darby Translation (DBY)
- and the field, when it goeth out in the jubilee, shall be holy to Jehovah, as a field devoted; the possession thereof shall be the priest's.
- Webster's Bible (WBS)
- But the field, when it goeth out in the jubilee, shall be holy to the LORD, as a field devoted: the possession of it shall be the priest's.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and the field hath been, in its going out in the jubilee, holy to Jehovah as a field which is devoted; to the priest is its possession.
Read in context
- 19और यदि खेत को पवित्र ठहराने वाला उसे छुड़ाना चाहे, तो जो दाम याजक ने ठहराया हो उस में वह पांचवां भाग और बढ़ाकर दे, तब खेत उसी का रहेगा।
- 20और यदि वह खेत को छुड़ाना न चाहे, वा उसने उसको दूसरे के हाथ बेचा हो, तो खेत आगे को कभी न छुड़ाया जाए;
- 21परन्तु जब वह खेत जुबली के वर्ष में छूटे, तब पूरी रीति से अर्पण किए हुए खेत की नाईं यहोवा के लिये पवित्र ठहरे, अर्थात वह याजक ही की निज भूमि हो जाए।
- 22फिर यदि कोई अपना मोल लिया हुआ खेत, जो उसकी निज भूमि के खेतों में का न हो, यहोवा के लिये पवित्र ठहराए,
- 23तो याजक जुबली के वर्ष तक का हिसाब करके उस मनुष्य के लिये जितना ठहराए उतना ही वह यहोवा के लिये पवित्र जान कर उसी दिन दे दे।
Cross references
- Ezekiel 44:29 यहेजकेल 44:29वे अन्नबलि, पापबलि और दोषबलि खाया करें; और इस्राएल में जो वस्तु अर्पण की जाए, वह उनको मिला करे।
- Numbers 18:14 गिनती 18:14इस्त्राएलियों में जो कुछ अर्पण किया जाए वह भी तेरा ही ठहरे।
- Leviticus 25:31 लैव्यव्यवस्था 25:31परन्तु बिना शहरपनाह के गांवों के घर तो देश के खेतों के समान गिने जाएं; उनका छुड़ाना भी हो सकेगा, और वे जुबली के वर्ष में छूट जाएं।
- Leviticus 25:28 लैव्यव्यवस्था 25:28परन्तु यदि उसके इतनी पूंजी न हो कि उसे फिर अपनी कर सके, तो उसकी बेची हुई भूमि जुबली के वर्ष तक मोल लेनेवालों के हाथ में रहे; और जुबली के वर्ष में छूट जाए तब वह मनुष्य अपनी निज भूमि का फिर अधिकारी हो जाए।।
- Leviticus 25:10 लैव्यव्यवस्था 25:10और उस पचासवें वर्ष को पवित्रा करके मानना, और देश के सारे निवासियों के लिये छुटकारे का प्रचार करना; वह वर्ष तुम्हारे यहां जुबली कहलाए; उस में तुम अपनी अपनी निज भूमि और अपने अपने घराने में लौटने पाओगे।
- Ezra 10:8 एज्रा 10:8और जो कोई हाकिमों और पुरनियों की सम्मति न मानेगा और तीन दिन के भीतर न आए तो उसकी समस्त धन- सम्पत्ति नष्ट की जाएगी और वह आप बन्धुआई से आए हुओं की सभा से अलग किया जाएगा।
- Leviticus 27:28–29 लैव्यव्यवस्था 27:28–29परन्तु अपनी सारी वस्तुओं में से जो कुछ कोई यहोवा के लिये अर्पण करे, चाहे मनुष्य हो चाहे पशु, चाहे उसकी निज भूमि का खेत हो, ऐसी कोई अर्पण की हुई वस्तु न तो बेची जाए और न छुड़ाई जाए; जो कुछ अर्पण किया जाए वह यहोवा के लिये परमपवित्र ठहरे। मनुष्यों में से जो कोई अर्पण किया जाए, वह छुड़ाया न जाए; निश्चय वह मार डाला जाए॥
- Joshua 6:17 यहोशू 6:17और नगर और जो कुछ उस में है यहोवा के लिये अर्पण की वस्तु ठहरेगी; केवल राहाब वेश्या और जितने उसके घर में हों वे जीवित छोड़े जाएंगे, क्योंकि उस ने हमारे भेजे हुए दूतों को छिपा रखा था।
- Deuteronomy 13:17 व्यवस्थाविवरण 13:17और कोई सत्यानाश की वस्तु तेरे हाथ न लगने पाए; जिस से यहोवा अपने भड़के हुए कोप से शान्त होकर जैसा उस ने तेरे पूर्वजों से शपथ खाई थी वैसा ही तुझ से दया का व्यवहार करे, और दया करके तुझ को गिनती में बढ़ाए।