Leviticus · chapter 4 · verse 26
Leviticus 4:26 in Hindi
और वह उसकी कुल चरबी को मेलबलि की चरबी की नाई वेदी पर जलाए; और याजक उसके पाप के विषय में प्रायश्चित्त करे, तब वह क्षमा किया जाएगा।।
Aur vah usakee kul charabee ko melabali kee charabee kee naaee vedee par jalaae; aur yaajak usake paap ke vishay mem praayashchitt kare, tab vah kshamaa kiyaa jaaegaa..
Leviticus 4:26 in English
- King James Version (KJV)
- And he shall burn all his fat upon the altar, as the fat of the sacrifice of peace offerings: and the priest shall make an atonement for him as concerning his sin, and it shall be forgiven him.
- World English Bible (WEB)
- All its fat he shall burn on the altar, like the fat of the sacrifice of peace offerings; and the priest shall make atonement for him concerning his sin, and he will be forgiven.
- American Standard Version (ASV)
- And all the fat thereof shall he burn upon the altar, as the fat of the sacrifice of peace-offerings; and the priest shall make atonement for him as concerning his sin, and he shall be forgiven.
- Bible in Basic English (BBE)
- And all the fat of it is to be burned on the altar like the fat of the peace-offering; and the priest will take away his sin and he will have forgiveness.
- Darby Translation (DBY)
- And he shall burn all its fat on the altar, as the fat of the sacrifice of peace-offering; and the priest shall make atonement for him [to cleanse him] from his sin, and it shall be forgiven him.
- Webster's Bible (WBS)
- And he shall burn all his fat upon the altar, as the fat of the sacrifice of peace-offerings: and the priest shall make an atonement for him as concerning his sin, and it shall be forgiven him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and with all its fat he doth make perfume on the altar, as the fat of the sacrifice of the peace-offerings; and the priest hath made atonement for him because of his sin, and it hath been forgiven him.
Read in context
- 24और बकरे के सिर पर अपना हाथ धरे, और बकरे को उस स्थान पर बलि करे जहां होमबलि पशु यहोवा के आगे बलि किये जाते हैं; यह तो पापबलि ठहरेगा।
- 25और याजक अपनी उंगली से पापबलि पशु के लोहू में से कुछ लेकर होमबलि की वेदी के सींगों पर लगाए, और उसका लोहू होमबलि की वेदी के पाए पर उंडेल दे।
- 26और वह उसकी कुल चरबी को मेलबलि की चरबी की नाई वेदी पर जलाए; और याजक उसके पाप के विषय में प्रायश्चित्त करे, तब वह क्षमा किया जाएगा।।
- 27और यदि साधारण लोगों में से कोई अज्ञानता से पाप करे, अर्थात् कोई ऐसा काम जिसे यहोवा ने माना किया हो करके दोषी हो, और उसका वह पाप उस पर प्रगट हो जाए,
- 28तो वह उस पाप के कारण एक निर्दोष बकरी बलिदान के लिये ले आए;
Cross references
- Leviticus 4:20 लैव्यव्यवस्था 4:20और जैसे पापबलि के बछड़े से किया था वैसे ही इस से भी करे; इस भांति याजक इस्त्राएलियों के लिये प्रायश्चित्त करे, तब उनका पाप क्षमा किया जाएगा।
- Leviticus 3:5 लैव्यव्यवस्था 3:5और हारून के पुत्रा इनको वेदी पर उस होमबलि के ऊपर जलाएं, जो उन लकड़ियों पर होगी जो आग के ऊपर हैं, कि यह यहोवा के लिये सुखदायक सुगन्धवाला हवन ठहरे।।
- Numbers 15:28 गिनती 15:28और याजक भूल से पाप करनेवाले प्राणी के लिये यहोवा के साम्हने प्रायश्चित्त करे; सो इस प्रायश्चित्त के कारण उसका वह पाप क्षमा किया जाएगा।
- Leviticus 4:31 लैव्यव्यवस्था 4:31और वह उसकी सब चरबी को मेलबलिपशु की चरबी की नाईं अलग करे, तब याजक उसको वेदी पर यहोवा के निमित्त सुखदायक सुगन्ध के लिये जलाए; और इस प्रकार याजक उसके लिये प्रायश्चित्त करे, तब उसे क्षमा मिलेगी।।
- Leviticus 4:35 लैव्यव्यवस्था 4:35और वह उसकी सब चरबी को मेलबलिवाले भेड़ के बच्चे की चरबी की नाई अलग करे, और याजक उसे वेदी पर यहोवा के हवनों के ऊपर जलाए; और इस प्रकार याजक उसके पाप के लिये प्रायश्चित्त करे, और वह क्षमा किया जाएगा।।
- Leviticus 5:10 लैव्यव्यवस्था 5:10और दूसरे पक्षी को वह विधी के अनुसार होमबलि करे, और याजक उसके पाप का प्रायश्चित्त करे, और तब वह क्षमा किया जाएगा।।
- Leviticus 5:18 लैव्यव्यवस्था 5:18इसलिये वह एक निर्दोष मेढ़ा दोषबलि करके याजक के पास ले आए, वह उतने दाम का हो जितना याजक ठहराए, और याजक उसके लिये उसकी उस भूल का जो उस ने अनजाने में की हो प्रायश्चित्त करे, और वह क्षमा किया जाएगा।
- Leviticus 6:20–30 लैव्यव्यवस्था 6:20–30जिस दिन हारून का अभिषेक हो उस दिन वह अपने पुत्रों के साथ यहोवा को यह चढ़ावा चढ़ाए; अर्थात् एपा का दसवां भाग मैदा नित्य अन्नबलि में चढ़ाए, उस में से आधा भोर को और आधा सन्ध्या के समय चढ़ाए। वह तवे पर तेल के साथ पकाया जाए; जब वह तेल से तर हो जाए तब उसे ले आना, इस अन्नबलि के पके हुए टुकडे यहोवा के सुखदायक सुगन्ध के लिये चढ़ाना। और उसके पुत्रों में से जो भी उस याजकपद पर अभिषिक्त होगा, वह भी उसी प्रकार का चढ़ावा चढ़ाया करे; यह विधी सदा के लिये है, कि यहोवा के सम्मुख वह सम्पूर्ण चढ़ावा जलाया जाये। याजक के सम्पूर्ण अन्नबलि भी सब जलाए जाएं; वह कभी न खाया जाए।। फिर यहोवा ने मूसा से कहा, हारून और उसके पुत्रों से यह कह, कि पापबलि की व्यवस्था यह है; अर्थात् जिस स्थान में होमबलिपशु वध किया जाता है उसी में पापबलिपशु भी यहोवा के सम्मुख बलि किया जाए; वह परमपवित्रा है। और जो याजक पापबलि चढ़ावे वह उसे खाए; वह पवित्रा स्थान में, अर्थात् मिलापवाले तम्बू के आँगन में खाया जाए। जो कुछ उसके मांस से छू जाए, वह पवित्रा ठहरेगा; और यदि उसके लोहू के छींटे किसी वस्त्रा पर पड़ जाएं, तो उसे किसी पवित्रास्थान में धो देना। और वह मिट्टी का पात्रा जिस में वह पकाया गया हो तोड़ दिया जाए; यदि वह पीतल के पात्रा में सिझाया गया हो, तो वह मांजा जाए, और जल से धो लिया जाए। और याजकों में से सब पुरूष उसे खा सकते हैं; पर जिस पापबलिपशु के लोहू में से कुछ भी खून मिलापवाले तम्बू के भीतर पवित्रास्थान में प्रायश्चित्त करने को पहुंचाया जाए तब तो उसका मांस कभी न खाया जाए; वह आग में जला दिया जाए।।
- Leviticus 4:8–10 लैव्यव्यवस्था 4:8–10फिर वह पापबलि के बछड़े की सब चरबी को उस से अलग करे, अर्थात् जिस चरबी से अंतड़ियां ढपी रहती हैं, और जितनी चरबी उन में लिपटी रहती है, और दोनों गुर्दे और उनके ऊपर की चरबी जो कमर के पास रहती है, और गुर्दों समेत कलेजे के ऊपर की झिल्ली, इन सभों को वह ऐसे अलग करे, जैसे मेलबलिवाले चढ़ावे के बछड़े से अलग किए जाते हैं, और याजक इनको होमबलि की वेदी पर जलाए।
- Leviticus 5:16 लैव्यव्यवस्था 5:16और जिस पवित्रा वस्तु के विषय उस ने पाप किया हो, उस में वह पांचवां भाग और बढ़ाकर याजक को दे; और याजक दोषबलि का मेढ़ा चढ़ाकर उसके लिये प्रायश्चित्त करे, तब उसका पाप क्षमा किया जाएगा।।
- Leviticus 6:7 लैव्यव्यवस्था 6:7इस प्रकार याजक उसके लिये यहोवा के साम्हने प्रायश्चित्त करे, और जिस काम को करके वह दोषी हो गया है उसकी क्षमा उसे मिलेगी।।
- Leviticus 5:13 लैव्यव्यवस्था 5:13और इन बातों में से किसी भी बात के विषय में जो कोई पाप करे, याजक उसका प्रायश्चित्त करे, और तब वह पाप क्षमा किया जाएगा। और इस पापबलि का शेष अन्नबलि के शेष की नाई याजक का ठहरेगा।।