Leviticus · chapter 7 · verse 1
Leviticus 7:1 in Hindi
फिर दोषबलि की व्यवस्था यह है। वह परमपवित्रा है;
Phir doshabali kee vyavasthaa yah hai. Vah paramapavitraa hai;
Leviticus 7:1 in English
- King James Version (KJV)
- Likewise this [is] the law of the trespass offering: it [is] most holy.
- World English Bible (WEB)
- “‘This is the law of the trespass offering: It is most holy.
- American Standard Version (ASV)
- And this is the law of the trespass-offering: it is most holy.
- Bible in Basic English (BBE)
- And this is the law of the offering for wrongdoing: it is most holy.
- Darby Translation (DBY)
- And this is the law of the trespass-offering — it is most holy:
- Webster's Bible (WBS)
- Likewise this [is] the law of the trespass-offering: it [is] most holy.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And this [is] a law of the guilt-offering: it [is] most holy;
Read in context
- 1फिर दोषबलि की व्यवस्था यह है। वह परमपवित्रा है;
- 2जिस स्थान पर होमबलिपशु का वध करते हैं उसी स्थान पर दोषबलिपशु का भी बलि करें, और उसके लोहू को याजक वेदी पर चारों ओर छिड़के।
- 3और वह उस में की सब चरबी को चढ़ाए, अर्थात् उसकी मोटी पूंछ को, और जिस चरबी से अंतड़ियां ढपी रहती हैं वह भी,
Cross references
- Leviticus 6:25 लैव्यव्यवस्था 6:25हारून और उसके पुत्रों से यह कह, कि पापबलि की व्यवस्था यह है; अर्थात् जिस स्थान में होमबलिपशु वध किया जाता है उसी में पापबलिपशु भी यहोवा के सम्मुख बलि किया जाए; वह परमपवित्रा है।
- Leviticus 6:17 लैव्यव्यवस्था 6:17वह खमीर के साथ पकाया न जाए; क्योंकि मैं ने अपने हव्य में से उसको उनका निज भाग होने के लिये उन्हें दिया है; इसलिये जैसा पापबलि और दोषबलि परमपवित्रा है वैसा ही वह भी है।
- Leviticus 5:1–6 लैव्यव्यवस्था 5:1–6और यदि कोई साक्षी होकर ऐसा पाप करे कि शपथ खिलाकर पूछने पर भी, कि क्या तू ने यह सुना अथवा जानता है, और वह बात प्रगट न करे, तो उसको अपने अधर्म का भार उठाना पड़ेगा। और यदि कोई किसी अशुद्ध वस्तु को अज्ञानता से छू ले, तो चाहे वह अशुद्ध बनैले पशु की, चाहे अशुद्ध रेंगनेवाले जीव- जन्तु की लोथ हो, तो वह अशुद्ध होकर दोषी ठहरेगा। और यदि कोई मनुष्य किसी अशुद्ध वस्तु को अज्ञानता से छू ले, चाहे वह अशुद्ध वस्तु किसी भी प्रकार की क्यों न हो जिस से लोग अशुद्ध हो जाते हैं तो जब वह उस बात को जान लेगा तब वह दोषी ठहरेगा। और यदि कोई बुरा वा भला करने को बिना सोचे समझे शपथ खाए, चाहे किसी प्रकार की बात वह बिना सोचे विचारे शपथ खाकर कहे, तो ऐसी बात में वह दोषी उस समय ठहरेगा जब उसे मालूम हो जाएगा। और जब वह इन बातों में से किसी भी बात में दोषी हो, तब जिस विषय में उस ने पाप किया हो वह उसको मान ले, और वह यहोवा के साम्हने अपना दोषबलि ले आए, अर्थात् उस पाप के कारण वह एक भेड़ वा बकरी पापबलि करने के लिये ले आए; तब याजक उस पाप के विषय उसके लिये प्रायश्चित्त करे।
- Leviticus 21:22 लैव्यव्यवस्था 21:22वह अपने परमेश्वर के पवित्रा और परमपवित्रा दोनों प्रकार के भोजन को खाए,
- Ezekiel 44:29 यहेजकेल 44:29वे अन्नबलि, पापबलि और दोषबलि खाया करें; और इस्राएल में जो वस्तु अर्पण की जाए, वह उनको मिला करे।
- Ezekiel 40:39 यहेजकेल 40:39और होमबलि, पापबलि, और दोषबलि के पशुओं के वध करने के लिये फाटक के ओसारे के पास उसके दोनों ओर दो दो मेज़ें थीं।
- Leviticus 19:21–22 लैव्यव्यवस्था 19:21–22पर वह पुरूष मिलापवाले तम्बू के द्वार पर यहोवा के पास एक मेढ़ा दोषबलि के लिये ले आए। और याजक उसके किये हुए पाप के कारण दोषबलि के मेढ़े के द्वारा उसके लिये यहोवा के साम्हने प्रायश्चित्त करे; तब उसका किया हुआ पाप क्षमा किया जाएगा।
- Leviticus 14:12–13 लैव्यव्यवस्था 14:12–13तब याजक एक भेड़ का बच्चा लेकर दोषबलि के लिये उसे और उस लोज भर तेल को समीप लाए, और इन दोनो को हिलाने की भेंट के लिये यहोवा के साम्हने हिलाए; तब याजक एक भेड़ के बच्चे को उसी स्थान में जहां वह पापबलि और होमबलि पशुओं का बलिदान किया करेगा, अर्थात् पवित्रास्थान में बलिदान करे; क्योंकि जैसा पापबलि याजक का निज भाग होगा वैसा ही दोषबलि भी उसी का निज भाग ठहरेगा; वह परमपवित्रा है।
- Leviticus 5:11 लैव्यव्यवस्था 5:11और यदि वह दो पंडुकी वा कबूतरी के दो बच्चे भी न दे सके, तो वह अपने पाप के कारण अपना चढ़ावा एपा का दसवां भाग मैदा पापबलि करके ले आए;
- Ezekiel 46:20 यहेजकेल 46:20तब उस ने मुझ से कहा, यह वह स्थान है जिस में याजक लोग दोषबलि और पापबलि के मांस को पकाएं और अन्नबलि को पकाएं, ऐसा न हो कि उन्हें बाहरी आंगन में ले जाने से साधारण लोग पवित्रा ठहरें।
- Leviticus 5:8 लैव्यव्यवस्था 5:8और वह उनको याजक के पास ले आए, और याजक पापबलिवाले को पहिले चढ़ाए, और उसका सिर गले से मरोड़ डाले, पर अलग न करे,