Luke · chapter 15 · verse 6
Luke 15:6 in Hindi
और घर में आकर मित्रों और पड़ोसियों को इकट्ठे करके कहता है, मेरे साथ आनन्द करो, क्योंकि मेरी खोई हुई भेड़ मिल गई है।
Aur ghar mem aakar mitrom aur padosiyom ko ikatthe karake kahataa hai, mere saath aanand karo, kyonki meree khoee huee bhed mil gaee hai.
Luke 15:6 in English
- King James Version (KJV)
- And when he cometh home, he calleth together [his] friends and neighbours, saying unto them, Rejoice with me; for I have found my sheep which was lost.
- World English Bible (WEB)
- When he comes home, he calls together his friends and his neighbors, saying to them, ‘Rejoice with me, for I have found my sheep which was lost!’
- American Standard Version (ASV)
- And when he cometh home, he calleth together his friends and his neighbors, saying unto them, Rejoice with me, for I have found my sheep which was lost.
- Bible in Basic English (BBE)
- And when he gets back to his house, he sends for his neighbours and friends, saying to them, Be glad with me, for I have got back my sheep which had gone away.
- Darby Translation (DBY)
- and being come to the house, calls together the friends and the neighbours, saying to them, Rejoice with me, for I have found my lost sheep.
- Webster's Bible (WBS)
- And when he cometh home, he calleth together [his] friends and neighbors, saying to them, Rejoice with me; for I have found my sheep which was lost.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and having come to the house, he doth call together the friends and the neighbours, saying to them, Rejoice with me, because I found my sheep — the lost one.
Read in context
- 4तुम में से कौन है जिस की सौ भेड़ें हों, और उन में से एक खो जाए तो निन्नानवे को जंगल में छोड़कर, उस खोई हुई को जब तक मिल न जाए खोजता न रहे?
- 5और जब मिल जाती है, तब वह बड़े आनन्द से उसे कांधे पर उठा लेता है।
- 6और घर में आकर मित्रों और पड़ोसियों को इकट्ठे करके कहता है, मेरे साथ आनन्द करो, क्योंकि मेरी खोई हुई भेड़ मिल गई है।
- 7मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिरानेवाले पापी के विषय में भी स्वर्ग में इतना ही आनन्द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धमिर्यों के विषय नहीं होता, जिन्हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं॥
- 8या कौन ऐसी स्त्री होगी, जिस के पास दस सिक्के हों, और उन में से एक खो जाए; तो वह दीया बारकर और घर झाड़ बुहार कर जब तक मिल न जाए, जी लगाकर खोजती न रहे?
Cross references
- Luke 15:10 लूका 15:10मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में परमेश्वर के स्वर्गदूतों के साम्हने आनन्द होता है॥
- Luke 15:24 लूका 15:24क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है: खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे।
- Psalm 119:176 भजन संहिता 119:176मैं खोई हुई भेड़ की नाईं भटका हूं; तू अपने दास को ढूंढ़ ले, क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं को भूल नहीं गया।।
- 1 Peter 2:25 1 पतरस 2:25क्योंकि तुम पहिले भटकी हुई भेड़ों की नाईं थे, पर अब अपने प्राणों के रखवाले और अध्यक्ष के पास फिर आ गए हो।
- Acts 11:23 प्रेरितों के काम 11:23वह वहां पहुंचकर, और परमेश्वर के अनुग्रह को देखकर आनन्दित हुआ; और सब को उपदेश दिया कि तन मन लगाकर प्रभु से लिपटे रहो।
- John 3:29 यूहन्ना 3:29जिस की दुलहिन है, वही दूल्हा है: परन्तु दूल्हे का मित्रा जो खड़ा हुआ उस की सुनता है, दूल्हे के शब्द से बहुत हर्षित होता है; अब मेरा यह हर्ष पूरा हुआ है।
- John 15:14 यूहन्ना 15:14जो कुछ मैं तुम्हें आज्ञा देता हूं, यदि उसे करो, तो तुम मेरे मित्रा हो।
- 1 Thessalonians 3:7–9 1 थिस्सलुनीकियों 3:7–9इसलिये हे भाइयों, हम ने अपनी सारी सकेती और क्लेश में तुम्हारे विश्वास से तुम्हारे विषय में शान्ति पाई। क्योंकि अब यदि तुम प्रभु में स्थिर रहो तो हम जीवित हैं। और जैसा आनन्द हमें तुम्हारे कारण अपने परमेश्वर के साम्हने है, उसके बदले तुम्हारे विषय में हम किस रीति से परमेश्वर का धन्यवाद करें?
- Luke 15:7 लूका 15:7मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिरानेवाले पापी के विषय में भी स्वर्ग में इतना ही आनन्द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धमिर्यों के विषय नहीं होता, जिन्हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं॥
- Luke 2:13–14 लूका 2:13–14तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया। कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्ति हो।।
- 1 Peter 2:10 1 पतरस 2:10तुम पहिले तो कुछ भी नहीं थे, पर अब परमेश्वर ही प्रजा हो: तुम पर दया नहीं हुई थी पर अब तुम पर दया हुई है।।
- Isaiah 66:10–11 यशायाह 66:10–11हे यरूशलेम से सब प्रेम रखने वालो, उसके साथ आनन्द करो और उसके कारण मगन हो; हे उसके विषय सब विलाप करने वालो उसके साथ हषिर्त हो! जिस से तुम उसके शान्तिरूपी स्तन से दूध पी पीकर तृप्त हो; और दूध पीकर उसकी महिमा की बहुतायत से अत्यन्त सुखी हो॥