Luke · chapter 20 · verse 13
Luke 20:13 in Hindi
तब दाख की बारी के स्वामी ने कहा, मैं क्या करूं? मैं अपने प्रिय पुत्रा को भेजूंगा क्या जाने वे उसका आदर करें।
Tab daakh kee baaree ke svaamee ne kahaa, maim kyaa karoom? Maim apane priy putraa ko bhejoongaa kyaa jaane ve usakaa aadar karen.
Luke 20:13 in English
- King James Version (KJV)
- Then said the lord of the vineyard, What shall I do? I will send my beloved son: it may be they will reverence [him] when they see him.
- World English Bible (WEB)
- The lord of the vineyard said, ‘What shall I do? I will send my beloved son. It may be that seeing him, they will respect him.’
- American Standard Version (ASV)
- And the lord of the vineyard said, What shall I do? I will send my beloved son; it may be they will reverence him.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the lord of the garden said, What am I to do? I will send my dearly loved son; they may give respect to him.
- Darby Translation (DBY)
- And the lord of the vineyard said, What shall I do? I will send my beloved son: perhaps when they see him they will respect [him].
- Webster's Bible (WBS)
- Then said the lord of the vineyard, What shall I do? I will send my beloved son: it may be when they see him they will reverence him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And the owner of the vineyard said, What shall I do? I will send my son — the beloved, perhaps having seen this one, they will do reverence;
Read in context
- 11फिर उस ने एक और दास को भेजा, ओर उन्हों ने उसे भी पीटकर और उसका अपमान करके छूछे हाथ लौटा दिया।
- 12फिर उस ने तीसरा भेजा, और उन्हों ने उसे भी घायल करके निकाल दिया।
- 13तब दाख की बारी के स्वामी ने कहा, मैं क्या करूं? मैं अपने प्रिय पुत्रा को भेजूंगा क्या जाने वे उसका आदर करें।
- 14जब किसानों ने उसे देखा तो आपस में विचार करने लगे, कि यह तो वारिस है; आओ, हम उसे मार डालें, कि मिरास हमारी हो जाए।
- 15और उन्हों ने उसे दाख की बारी से बाहर निकालकर मार डाला: इसलिये दाख की बारी का स्वामी उन के साथ क्या करेगा?
Cross references
- Matthew 3:17 मत्ती 3:17और देखो, यह आकाशवाणी हुई, कि यह मेरा प्रिय पुत्रा है, जिस से मैं अत्यन्त प्रसन्न हूं।।
- John 3:16–17 यूहन्ना 3:16–17क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उस ने अपना एकलौता पुत्रा दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। परमेश्वर ने अपने पुत्रा को जगत में इसलिये नहीं भेजा, कि जगत पर दंड की आज्ञा दे परन्तु इसलिये कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए।
- John 1:34 यूहन्ना 1:34और मैं ने देखा, और गवाही दी है, कि यही परमेश्वर का पुत्रा है।।
- Jeremiah 36:7 यिर्मयाह 36:7क्या जाने वे यहोवा से गिड़गिड़ाकर प्रार्थना करें और अपनी अपनी बुरी चाल से फिरें; क्योंकि जो क्रोध और जलजलाहट यहोवा ने अपनी इस प्रजा पर भड़काने को कहा है, वह बड़ी है।
- 1 John 4:9–15 1 यूहन्ना 4:9–15जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ, कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्रा को जगत में भेजा है, कि हम उसे द्वारा जीवन पाएं। प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर ने प्रेम किया; पर इस में है, कि उस ने हम से प्रेम किया; और हमारे पापों के प्रायश्चित्त के लिये अपने पुत्रा को भेजा। हे प्रियों, जब परमेश्वर ने हम से ऐसा प्रेम किया, तो हम को भी आपस में प्रेम रखना चाहिए। परमेश्वर को कभी किसी ने नहीं देखा; यदि हम आपस में प्रेम रखें, तो परमेश्वर हम में बना रहता है; और उसका प्रेम हम में सिद्ध हो गया है। इसी से हम जानते हैं, कि हम उस में बने रहते हैं, और वह हम में; क्योंकि उस ने अपने आत्मा में से हमें दिया है। और हम ने देख भी लिया और गवाही देते हैं, कि पिता ने पुत्रा को जगत का उद्धारकर्ता करके भेजा है। जो कोई यह मान लेता है, कि यीशु परमेश्वर का पुत्रा है: परमेश्वर उस में बना रहता है, और वह परमेश्वर में।
- Hosea 6:4 होशे 6:4हे एप्रैम, मैं तुझ से क्या करूं? हे यहूदा, मैं तुझ से क्या करूं? तुम्हार स्नेह तो भोर के मेघ के समान, और सवेरे उड़ जानेवाली ओस के समान है।
- John 3:35–36 यूहन्ना 3:35–36पिता पुत्रा से प्रेम रखता है, और उस ने सब वस्तुएं उसके हाथ में दे दी हैं। जो पुत्रा पर विश्वास करता है, अनन्त जीवन उसका है; परन्तु जो पुत्रा की नहीं मानता, वह जीवन को नहीं देखेगा, परन्तु परमेश्वर का क्रोध उस पर रहता है।।
- Jeremiah 36:3 यिर्मयाह 36:3क्या जाने यहूदा का घराना उस सारी विपत्ति का समाचार सुनकर जो मैं उन पर डालने की कल्पना कर रहा हूँ अपनी बुरी चाल से फिरे और मैं उनके अधर्म और पाप को क्षमा करूं।
- Matthew 17:5 मत्ती 17:5वह बोल ही रहा था, कि देखो, एक उजले बादल ने उन्हें छा लिया, और देखो; उस बादल में से यह शब्द निकला, कि यह मेरा प्रिय पुत्रा है, जिस से मैं प्रसन्न हूं: इस की सुनो।
- Hosea 11:8 होशे 11:8हे एप्रैम, मैं तुझे क्योंकि छोड़ दूं? हे इस्राएल, मैं क्योंकर तुझे शत्रु के वश में कर दूं? मैं क्योंकर तुझे अदमा की नाई छोड़ दूं, और सबोयीम के समान कर दूं? मेरा हृदय तो उलट पुलट हो गया, मेरा मन स्नेह के मारे पिघल गया है।
- Galatians 4:4 गलातियों 4:4परन्तु जब समय पूरा हुआ, तो परमेश्वर ने अपने पुत्रा को भेजा, जो स्त्री से जन्मा, और व्यवस्था के आधीन उत्पन्न हुआ।
- Isaiah 5:4 यशायाह 5:4मेरी दाख की बारी के लिये और क्या करना रह गया जो मैं ने उसके लिये न किया हो? फिर क्या कारण है कि जब मैं ने दाख की आशा की तब उस में निकम्मी दाखें लगीं?