Luke · chapter 21 · verse 29
Luke 21:29 in Hindi
उस ने उन से एक दृष्टान्त भी कहा कि अंजीर के पेड़ और सब पेड़ों को देखो।
Us ne un se ek drushtaant bhee kahaa ki anjeer ke ped aur sab pedom ko dekho.
Luke 21:29 in English
- King James Version (KJV)
- And he spake to them a parable; Behold the fig tree, and all the trees;
- World English Bible (WEB)
- He told them a parable. “See the fig tree and all the trees.
- American Standard Version (ASV)
- And he spake to them a parable: Behold the fig tree, and all the trees:
- Bible in Basic English (BBE)
- And he made a story for them: See the fig-tree, and all the trees;
- Darby Translation (DBY)
- And he spoke a parable to them: Behold the fig-tree and all the trees;
- Webster's Bible (WBS)
- And he spoke to them a parable; Behold the fig-tree, and all the trees;
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he spake a simile to them: 'See the fig-tree, and all the trees,
Read in context
- 27तब वे मनुष्य के पुत्रा को सामर्थ और बड़ी महिमा के साथ बादल पर आते देखेंगे।
- 28जब ये बातें होने लगें, तो सीधे होकर अपने सिर ऊपर उठाना; क्योंकि तुम्हारा छुटकारा निकट होगा।।
- 29उस ने उन से एक दृष्टान्त भी कहा कि अंजीर के पेड़ और सब पेड़ों को देखो।
- 30ज्योंहि उन की कोंपलें निकलती हैं, तो तुम देखकर आप ही जान लेते हो, कि ग्रीष्मकाल निकट है।
- 31इसी रीति से जब तुम ये बातें होते देखो, तब जान लो कि परमेश्वर का राज्य निकट है।
Cross references
- Mark 13:28–30 मरकुस 13:28–30अंजीर के पेड़ से यह दृष्टान्त सीखो: जब उस की डाली कोमल हो जाती; और पत्ते निकलने लगते हैं; तो तुम जान लेते हो, कि ग्रीष्मकाल निकट है। इसी रीति से जब तुम इन बातों को होते देखो, तो जान लो, कि वह निकट है वरन द्वार ही पर है। मैं तुम से सच कहता हूं, कि जब तक ये सब बातें न हो लेंगी, तब तक यह लोग जाते न रहेंगे।
- Matthew 24:32–35 मत्ती 24:32–35अंजीर के पेड़ से यह दृष्टान्त सीखो: जब उस की डाली को मल हो जाती और पत्ते निकलने लगते हैं, तो तुम जान लेते हो, कि ग्रीष्म काल निकट है। इसी रीति से जब तुम इन सब बातों को देखो, तो जान लो, कि वह निकट है, वरन द्वार ही पर है। मैं तुम से सच कहता हूं, कि जब तक ये सब बातें पूरी न हो लें, तब तक यह पीढ़ी जाती न रहेगी। आकाश और पृथ्वी टल जाएंगे, परन्तु मेरी बातें कभी न टलेंगी।