Mark · chapter 7 · verse 6
Mark 7:6 in Hindi
उस ने उन से कहा; कि यशायाह ने तुम कपटियों के विषय में बहुत ठीक भविष्यद्ववाणी की; जैसा लिखा है; कि ये लोग होठों से तो मेरा आदर करते हैं, पर उन का मन मुझ से दूर रहता है।
Us ne un se kahaa; ki yashaayaah ne tum kapatiyom ke vishay mem bahut theek bhavishyadvavaanee kee; jaisaa likhaa hai; ki ye log hothom se to meraa aadar karate haim, par un kaa man mujh se door rahataa hai.
Mark 7:6 in English
- King James Version (KJV)
- He answered and said unto them, Well hath Esaias prophesied of you hypocrites, as it is written, This people honoureth me with [their] lips, but their heart is far from me.
- World English Bible (WEB)
- He answered them, “Well did Isaiah prophesy of you hypocrites, as it is written, ‘This people honors me with their lips, but their heart is far from me.
- American Standard Version (ASV)
- And he said unto them, Well did Isaiah prophesy of you hypocrites, as it is written, This people honoreth me with their lips, But their heart is far from me.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said, Well did Isaiah say of you, you false ones: These people give me honour with their lips, but their heart is far from me.
- Darby Translation (DBY)
- But he answering said to them, Well did Esaias prophesy concerning you hypocrites, as it is written, This people honour me with their lips, but their heart is far away from me.
- Webster's Bible (WBS)
- He answered and said to them, Well hath Isaiah prophesied concerning you hypocrites, as it is written, This people honoreth me with [their] lips, but their heart is far from me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he answering said to them — 'Well did Isaiah prophesy concerning you, hypocrites, as it hath been written, This people with the lips doth honour Me, and their heart is far from Me;
Read in context
- 4और बाजार से आकर, जब तक स्नान नहीं कर लेते, तब तक नहीं खाते; और बहुत सी और बातें हैं, जो उन के पास मानने के लिये पहुंचाई गई हैं, जैसे कटोरों, और लोटों, और तांबे के बरतनों को धोना- मंाजना।
- 5इसलिये उन फरीसियों और शास्त्रियों ने उस से पूछा, कि तेरे चेले क्यों पुरनियों की रीतों पर नहीं चलते, और बिना हाथ धोए रोटी खाते हैं?
- 6उस ने उन से कहा; कि यशायाह ने तुम कपटियों के विषय में बहुत ठीक भविष्यद्ववाणी की; जैसा लिखा है; कि ये लोग होठों से तो मेरा आदर करते हैं, पर उन का मन मुझ से दूर रहता है।
- 7और ये व्यर्थ मेरी उपासना करते हैं, क्योंकि मनुष्यों की आज्ञाओं को धर्मोंपादेश करके सिखाते हैं।
- 8क्योंकि तुम परमेश्वर की आज्ञा को टालकर मनुष्यों की रीतियों को मानते हो।
Cross references
- Isaiah 29:13 यशायाह 29:13और प्रभु ने कहा, ये लोग जो मुंह से मेरा आदर करते हुए समीप आते परन्तु अपना मन मुझ से दूर रखते हैं, और जो केवल मनुष्यों की आज्ञा सुन सुनकर मेरा भय मानते हैं।
- Titus 1:16 तीतुस 1:16वे कहते हैं, कि हम परमेश्वर को जानते हैं: पर अपने कामों से उसका इन्कार करते हैं, क्योंकि वे घृणित और आज्ञा न माननेवाले हैं: और किसी अच्छे काम के योग्य नहीं।।
- Matthew 15:7–9 मत्ती 15:7–9हे कपटियों, यशायाह ने तुम्हारे विषय में यह भविष्यद्वाणी ठीक की। कि ये लोग होठों से तो मेरा आदर करते हैं, पर उन का मन मुझ से दूर रहता है। और ये व्यर्थ मेरी उपासना करते हैं, क्योंकि मनुष्य की विधियों को धर्मोपदेश करके सिखाते हैं।
- Ezekiel 33:31 यहेजकेल 33:31वे प्रजा की नाईं तेरे पास आते और मेरी प्रजा बन कर तेरे साम्हने बैठ कर तेरे वचन सुनते हैं, परन्तु वे उन पर चलते नहीं; मुंह से तो वे बहुत प्रेम दिखाते हैं, परन्तु उनका मन लालच ही में लगा रहता है।
- 2 Timothy 3:5 2 तीमुथियुस 3:5वे भक्ति का भेष तो धरेंगे, पर उस की शक्ति को न मानेंगे; ऐसों से परे रहता।
- Matthew 23:13–15 मत्ती 23:13–15हे कपटी शास्त्रियों और फरीसियों तुम पर हाय! तुम मनुष्यों के विरोध में स्वर्ग के राज्य का द्वार बन्द करते हो, न तो आप ही उस में प्रवेश करते हो और न उस में प्रवेश करनेवालों को प्रवेश करने देते हो।। . हे कपटी शास्त्रियों और फरीसियों तुम पर हाय! तुम एक जन को अपने मत में लाने के लिये सारे जल और थल में फिरते हो, और जब वह मत में आ जाता है, तो उसे अपने से दूना नारकीय बना देते हो।।
- James 2:14–17 याकूब 2:14–17हे मेरे भाइयों, यदि कोई कहे कि मुझे विश्वास है पर वह कर्म न करता हो, तो उस से क्या लाभ? क्या ऐसा विश्वास कभी उसका उद्धार कर सकता है? यदि कोई भाई या बहिन नगें उघाड़े हों, और उन्हें प्रति दिन भोजन की घटी हो। और तुम में से कोई उन से कहे, कुशल से जाओ, तुम गरम रहो और तृप्त रहो; पर जो वस्तुएं देह के लिये आवश्यक हैं वह उन्हें न दे, तो क्या लाभ? वैसे ही विश्वास भी, यदि कर्म सहित न हो तो अपने स्वभाव में मरा हुआ है।
- John 5:42 यूहन्ना 5:42परन्तु मैं तुम्हें जानता हूं, कि तुम में परमेश्वर का प्रेम नहीं।
- Luke 11:39–44 लूका 11:39–44प्रभु ने उस से कहा, हे फरीसियों, तुम कटोरे और थाली को ऊपर ऊपर तो मांजते हो, परन्तु तुम्हारे भीतर अन्धेर और दुष्टता भरी है। हे निर्बुद्धियों, जिस ने बाहर का भाग बनाया, क्या उस ने भीतर का भाग नहीं बनाया? परन्तु हां, भीतरवाली वस्तुओं को दान कर दो, तो देखो, सब कुछ तुम्हारे लिये शुद्ध हो जाएगा।। पर हे फरीसियों, तुम पर हाय! तुम पोदीने और सुदाब का, और सब भांति के साग- पात का दसवां अंश देते हो, परन्तु न्याय को और परमेश्वर के प्रेम को टाल देते हो: चाहिए तो था कि इन्हें भी करते रहते और उन्हें भी न छोड़ते। हे फरीसियों, तुम पर हाय! तुम आराधनालयों में मुख्य मुख्य आसन और बाजारों में नमस्कार चाहते हो। हाय तुम पर! क्योंकि तुम उन छिपी कब्रों के समान हो, जिन पर लोग चलते हैं, परन्तु नहीं जानते।।
- John 15:24 यूहन्ना 15:24यदि मैं उन में वे काम न करता, जो और किसी ने नहीं किए तो वे पापी नहीं ठहरते, परन्तु अब तो उन्हों ने मुझे और मेरे पिता दोनों को देखा, और दोनों से बैर किया।
- John 8:54–55 यूहन्ना 8:54–55यीशु ने उत्तर दिया; यदि मैं आप अपनी महिमा करूं, तो मेरी महिमा कुछ नहीं, परन्तु मेरी महिमा करनेवाला मेरा पिता है, जिसे तुम कहते हो, कि वह हमारा परमेश्वर है। और तुम ने तो उसे नहीं जाना: परन्तु मैं उसे जानता हूं; और यदि कहूं कि मैं उसे नहीं जानता, तो मैं तुम्हारी नाईं झूठा ठहरूंगा: परन्तु मैं उसे जानता, और उसके वचन पर चलता हूं।
- Hosea 8:2–3 होशे 8:2–3वे मुझ से पुकारकर कहेंगे, हे हमारे परमेश्वर, हम इस्राएली लोग तुझे जानते हैं। परन्तु इस्राएल ने भलाई को मन से उतार दिया है; शत्रु उसके पीछे पड़ेगा।।