Matthew · chapter 25 · verse 22
Matthew 25:22 in Hindi
और जिस को दो तोड़े मिले थे, उस ने भी आकर कहा; हे स्वामी तू ने मुझे दो तोड़े सौंपें थे, देख, मैं ने दो तोड़े और कमाएं।
Aur jis ko do tode mile the, us ne bhee aakar kahaa; he svaamee too ne mujhe do tode saumpem the, dekh, maim ne do tode aur kamaaen.
Matthew 25:22 in English
- King James Version (KJV)
- He also that had received two talents came and said, Lord, thou deliveredst unto me two talents: behold, I have gained two other talents beside them.
- World English Bible (WEB)
- “He also who got the two talents came and said, ‘Lord, you delivered to me two talents. Behold, I have gained another two talents in addition to them.’
- American Standard Version (ASV)
- And he also that [received] the two talents came and said, Lord, thou deliveredst unto me two talents: lo, I have gained other two talents.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he who had the two talents came and said, Lord, you gave into my care two talents: see, I have got two more.
- Darby Translation (DBY)
- And he also that had received the two talents came to [him] and said, [My] lord, thou deliveredst me two talents; behold, I have gained two other talents besides them.
- Webster's Bible (WBS)
- He also that had received two talents came, and said, Lord, thou deliveredst to me two talents: behold, I have gained two other talents besides them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And he who also did receive the two talents having come, said, Sir, two talents thou didst deliver to me; lo, other two talents I did gain besides them.
Read in context
- 20जिस को पांच तोड़े मिले थे, उस ने पांच तोड़े और लाकर कहा; हे स्वामी, तू ने मुझे पांच तोड़े सौंपे थे, देख मैं ने पांच तोड़े और कमाए हैं।
- 21उसके स्वामी ने उससे कहा, धन्य है अच्छे और विश्वासयोग्य दास, तू थोड़े में विश्वासयोग्य रहा; मैं तुझे बहुत वस्तुओं का अधिकारी बनाऊंगा अपने स्वामी के आनन्द में सम्भागी हो।
- 22और जिस को दो तोड़े मिले थे, उस ने भी आकर कहा; हे स्वामी तू ने मुझे दो तोड़े सौंपें थे, देख, मैं ने दो तोड़े और कमाएं।
- 23उसके स्वामी ने उस से कहा, धन्य हे अच्छे और विश्वासयोग्य दास, तू थोड़े में विश्वासयोग्य रहा, मैं तुझे बहुत वस्तुओं का अधिकारी बनाऊंगा अपने स्वामी के आनन्द में सम्भागी हो।
- 24तब जिस को एक तोड़ा मिला था, उस ने आकर कहा; हे स्वामी, मैं तुझे जानता था, कि तू कठोर मनुष्य है, और जहां नहीं छीटता वहां से बटोरता है।
Cross references
- Romans 12:6–8 रोमियों 12:6–8और जब कि उस अनुग्रह के अनुसार जो हमें दिया गया है, हमें भिन्न भिन्न बरदान मिले हैं, तो जिस को भविष्यद्वाणी का दान मिला हो, वह विश्वास के परिमाण के अनुसार भविष्यद्वाणी करे। यदि सेवा करने का दान मिला हो, तो सेवा में लगा रहे, यदि कोई सिखानेवाला हो, तो सिखाने में लगा रहे। जो उपदेशक हो, वह उपदेश देने में लगा रहे; दान देनेवाला उदारता से दे, जो अगुआई करे, वह उत्साह से करे, जो दया करे, वह हर्ष से करे।
- 2 Corinthians 8:12 2 कुरिन्थियों 8:12कयोंकि यदि मन की तैयारी हो तो दान उसके अनुसार ग्रहण भी होता है जो उसके पास है न कि उसके अनुसार जो उसके पास नहीं।
- 2 Corinthians 8:7–8 2 कुरिन्थियों 8:7–8सो जैसे हर बात में अर्थात् विश्वास, वचन, ज्ञान और सब प्रकार के यत्न में, और उस प्रेम में, जो हम से रखते हो, बढ़ते जाते हो, वैसे ही इस दान के काम में भी बढ़ते जाओ। मैं आज्ञा की रीति पर तो नहीं, परन्तु और के उत्साह से तुम्हारे प्रेम की सच्चाई को परखने के लिये कहता हूं।
- Luke 19:18–19 लूका 19:18–19दूसरे ने आकर कहा; हे स्वामी तेरी मोहर से पांच और मोहरें कमाई हैं। उस ने कहा, कि तू भी पांच नगरों पर हाकिम हो जा।
- 2 Corinthians 8:1–3 2 कुरिन्थियों 8:1–3अब हे भाइयों, हम तुम्हें परमेश्वर के उस अनुग्रह का समाचार देते हैं, जो मकिदुनिया की कलीसियाओं पर हुआ है। कि क्लेश की बड़ी परीक्षा में उन के बड़े आनन्द और भारी कंगालपन के बढ़ जाने से उन की उदारता बहुत बढ़ गई। और उनके विषय में मेरी यह गवाही है, कि उन्हों ने अपनी सामर्थ भर बरन सामर्थ से भी बाहर मन से दिया।