Matthew · chapter 25 · verse 45
Matthew 25:45 in Hindi
तब वह उन्हें उत्तर देगा, मैं तुम से सच कहता हूं कि तुम ने जो इन छोटे से छोटों में से किसी एक के साथ नहीं किया, वह मेरे साथ भी नहीं किया।
Tab vah unhem uttar degaa, maim tum se sach kahataa hoom ki tum ne jo in chhote se chhotom mem se kisee ek ke saath naheem kiyaa, vah mere saath bhee naheem kiyaa.
Matthew 25:45 in English
- King James Version (KJV)
- Then shall he answer them, saying, Verily I say unto you, Inasmuch as ye did [it] not to one of the least of these, ye did [it] not to me.
- World English Bible (WEB)
- “Then he will answer them, saying, ‘Most certainly I tell you, because you didn’t do it to one of the least of these, you didn’t do it to me.’
- American Standard Version (ASV)
- Then shall he answer them, saying, Verily I say unto you, Inasmuch as ye did it not unto one of these least, ye did it not unto me.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then will he make answer to them, saying, Truly I say to you, Because you did it not to the least of these, you did it not to me.
- Darby Translation (DBY)
- Then shall he answer them saying, Verily I say to you, Inasmuch as ye have not done it to one of these least, neither have ye done it to me.
- Webster's Bible (WBS)
- Then will he answer them, saying, Verily I say to you, Inasmuch as ye did [it] not to one of the least of these, ye did [it] not to me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Then shall he answer them, saying, Verily I say to you, Inasmuch as ye did [it] not to one of these, the least, ye did [it] not to me.
Read in context
- 43मैं परदेशी था, और तुम ने मुझे अपने घर में नहीं ठहराया; मैं नंगा था, और तुम ने मुझे कपड़े नहीं पहिनाए; बीमार और बन्दीगृह में था, और तुम ने मेरी सुधि न ली।
- 44तब वे उत्तर देंगे, कि हे प्रभु, हम ने तुझे कब भूखा, या पियासा, या परदेशी, या नंगा, या बीमार, या बन्दीगृह में देखा, और तेरी सेवा टहल न की?
- 45तब वह उन्हें उत्तर देगा, मैं तुम से सच कहता हूं कि तुम ने जो इन छोटे से छोटों में से किसी एक के साथ नहीं किया, वह मेरे साथ भी नहीं किया।
- 46और यह अनन्त दण्ड भोगेंगे परन्तु धर्मी अनन्त जीवन में प्रवेश करेंगे।
Cross references
- Proverbs 21:13 नीतिवचन 21:13जो कंगाल की दोहाई पर कान न दे, वह आप पुकारेगा और उसकी सुनी न जाएगी।
- Proverbs 17:5 नीतिवचन 17:5जो निर्धन को ठट्ठों में उड़ाता है, वह उसके कर्त्ता की निन्दा करता है; और जो किसी की विपत्ति पर हंसता, वह निर्दोष नहीं ठहरेगा।
- Proverbs 14:31 नीतिवचन 14:31जो कंगाल पर अंधेर करता, वह उसके कर्ता की निन्द करता है, परन्तु जो दरिद्र पर अनुग्रह करता, वह उसकी महिमा करता है।
- Matthew 25:40 मत्ती 25:40तब राजा उन्हें उत्तर देगा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया।
- Acts 9:5 प्रेरितों के काम 9:5उस ने पूछा; हे प्रभु, तू कौन है? उस ने कहा; मैं यीशु हूं; जिसे तू सताता है।
- 1 John 3:12–20 1 यूहन्ना 3:12–20और कैन के समान न बनें, जो उस दुष्ट से था, और जिस ने अपने भाई को घात किया: और उसे किस कारण घात किया? इस कारण कि उसके काम बुरे थे, और उसके भाई के काम धर्म के थे।। हे भाइयों, यदि संसार तुम से बैर करता है तो अचम्भा न करना। हम जानते हैं, कि हम मृत्यु से पार होकर जीवन में पहुंचे हैं; क्योंकि हम भाइयों से प्रेम रखते हैं: जो प्रेम नहीं रखता, वह मृत्यु की दशा में रहता है। जो कोई अपने भाई से बैर रखता है, वह हत्यारा है; और तुम जानते हो, कि किसी हत्यारे में अनन्त जीवन नहीं रहता। हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उस ने हमारे अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए। पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देखकर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है? हे बालको, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें। इसी से हम जानेंगे, कि हम सत्य के हैं; और जिस बात में हमारा मन हमें दोष देगा, उसे विषय में हम उसके साम्हने अपने अपने मन को ढाढ़स दे सकेंगे। क्योंकि परमेश्वर हमारे मन से बड़ा है; और सब कुछ जानता है।
- 1 John 5:1–3 1 यूहन्ना 5:1–3जिसका यह विश्वास है कि यीशु ही मसीह है, वह परमेश्वर से उत्पन्न हुआ है और जो कोई उत्पन्न करनेवाले से प्रेम रखता है, वह उस से भी प्रेम रखता है, जो उस से उत्पन्न हुआ है। जब हम परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, और उस की आज्ञाओं को मानते हैं, तो इसी से हम जानते हैं, कि परमेश्वर की सन्तानों से प्रेम रखते हैं। और परमेश्वर का प्रेम यह है, कि हम उस की आज्ञाओं को मानें; और उस की आज्ञाएं कठिन नहीं।
- Psalm 105:15 भजन संहिता 105:15कि मेरे अभिषिक्तों को मत छुओं, और न मेरे नबियों की हानि करो!
- Zechariah 2:8 जकर्याह 2:8क्योंकि सेनाओं का यहोवा यों कहता है, उस तेल के प्रगट होने के बाद उस ने मुझे उन जातियों के पास भेजा है जो तुम्हें लूटती थीं, क्योंकि जो तुम को छूता है, वह मेरी आंख की पुतली ही को छूता है।
- Genesis 12:3 उत्पत्ति 12:3और जो तुझे आशीर्वाद दें, उन्हें मैं आशीष दूंगा; और जो तुझे कोसे, उसे मैं शाप दूंगा; और भूमण्डल के सारे कुल तेरे द्वारा आशीष पाएंगे।
- John 15:18–19 यूहन्ना 15:18–19यदि संसार तुम से बैर रखता है, तो तुम जानते हो, कि उस ने तुम से पहिले मुझ से भी बैर रखा। यदि तुम संसार के होते, तो संसार अपनों से प्रीति रखता, परन्तु इस कारण कि तुम संसार में से चुन लिया है इसी लिये संसार तुम से बैर रखता है।
- Numbers 24:9 गिनती 24:9वह दबका बैठा है, वह सिंह वा सिंहनी की नाई लेट गया है; अब उसको कौन छेड़े? जो कोई तुझे आशीर्वाद दे सो आशीष पाए, और जो कोई तुझे शाप दे वह स्रापित हो।।