Numbers · chapter 18 · verse 30
Numbers 18:30 in Hindi
इसलिये तू लेवियों से कह, कि जब तुम उस में का उत्तम से उत्तम भाग उठाकर दो, तब यह तुम्हारे लिये खलिहान में के अन्न, और रसकुण्ड के रस के तुल्य गिना जाएगा;
Isaliye too leviyom se kah, ki jab tum us mem kaa uttam se uttam bhaag uthaakar do, tab yah tumhaare liye khalihaan mem ke ann, aur rasakund ke ras ke tuly ginaa jaaegaa;
Numbers 18:30 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore thou shalt say unto them, When ye have heaved the best thereof from it, then it shall be counted unto the Levites as the increase of the threshingfloor, and as the increase of the winepress.
- World English Bible (WEB)
- “Therefore you shall tell them, ‘When you heave its best from it, then it shall be credited to the Levites as the increase of the threshing floor, and as the increase of the wine press.
- American Standard Version (ASV)
- Therefore thou shalt say unto them, When ye heave the best thereof from it, then it shall be reckoned unto the Levites as the increase of the threshing-floor, and as the increase of the winepress.
- Bible in Basic English (BBE)
- Say to them, then, When the best of it is lifted up on high, it is to be put to the account of the Levites as the increase of the grain-floor and of the place where the grapes are crushed.
- Darby Translation (DBY)
- And thou shalt say unto them, When ye heave the best thereof from it, then it shall be counted unto the Levites as produce of the threshing-floor, and as produce of the winepress.
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore thou shalt say to them, When ye have heaved from it the best of it, then it shall be counted to the Levites as the increase of the threshing-floor, and as the increase of the wine-press.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And thou hast said unto them, In your lifting up its fat out of it, then it hath been reckoned to the Levites, as increase of a threshing-floor, and as increase of a wine-vat;
Read in context
- 28इस रीति तुम भी अपने सब दशमांशों में से, जो इस्त्राएलियों की ओर से पाओगे, यहोवा को एक उठाई हुई भेंट देना; और यहोवा की यह उठाई हुई भेंट हारून याजक को दिया करना।
- 29जितने दान तुम पाओ उन में से हर एक का उत्तम से उत्तम भाग, जो पवित्रा ठहरा है, सो उसे यहोवा के लिये उठाई हुई भेंट करके पूरी पूरी देना।
- 30इसलिये तू लेवियों से कह, कि जब तुम उस में का उत्तम से उत्तम भाग उठाकर दो, तब यह तुम्हारे लिये खलिहान में के अन्न, और रसकुण्ड के रस के तुल्य गिना जाएगा;
- 31और उसको तुम अपने घरानों समेत सब स्थानों में खा सकते हो, क्योंकि मिलापवाले तम्बू की जो सेवा तुम करोगे उसका बदला यही ठहरा है।
- 32और जब तुम उसका उत्तम से उत्तम भाग उठाकर दो तब उसके कारण तुम को पाप न लगेगा। परन्तु इस्त्राएलियों की पवित्रा की हुई वस्तुओं को अपवित्रा न करना, ऐसा न हो कि तुम मर जाओ।।
Cross references
- Matthew 10:37–39 मत्ती 10:37–39जो माता या पिता को मुझ से अधिक प्रिय जानता है, वह मेरे योग्य नहीं और जो बेटा या बेटी को मुझ से अधिक प्रिय जानता है, वह मेरे योग्य नहीं। और जो अपना क्रूस लेकर मेरे पीछे न चले वह मेरे योग्य नहीं। जो अपने प्राण बचाता है, वह उसे खोएगा; और जो मेरे कारण अपना प्राण खोता है, वह उसे पाएगा।
- Genesis 43:11 उत्पत्ति 43:11तब उनके पिता इस्राएल ने उन से कहा, यदि सचमुच ऐसी ही बात है, तो यह करो; इस देश की उत्तम उत्तम वस्तुओं में से कुछ कुछ अपने बोरों में उस पुरूष के लिये भेंट ले जाओ: जैसे थोड़ा सा बलसान, और थोड़ा सा मधु, और कुछ सुगन्ध द्रव्य, और गन्धरस, पिस्ते, और बादाम।
- Matthew 6:33 मत्ती 6:33इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं तुम्हें मिल जाएंगी।
- Numbers 18:27–28 गिनती 18:27–28और तुम्हारी उठाई हुई भेंट तुम्हारे हित के लिये ऐसी गिनी जाएगी जैसा खलिहान में का अन्न, वा रसकुण्ड में का दाखरस गिना जाता है। इस रीति तुम भी अपने सब दशमांशों में से, जो इस्त्राएलियों की ओर से पाओगे, यहोवा को एक उठाई हुई भेंट देना; और यहोवा की यह उठाई हुई भेंट हारून याजक को दिया करना।
- Deuteronomy 6:5 व्यवस्थाविवरण 6:5तू अपने परमेश्वर यहोवा से अपने सारे मन, और सारे जीव, और सारी शक्ति के साथ प्रेम रखना।
- Philippians 3:8–9 फिलिप्पियों 3:8–9बरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहिचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्त करूं। और उस में पाया जाऊं; न कि अपनी उस धार्मिकता के साथ, जो व्यवस्था से है, बरन उस धार्मिकता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है।
- Proverbs 3:9–10 नीतिवचन 3:9–10अपनी संपत्ति के द्वारा और अपनी भूमि की पहिली उपज दे देकर यहोवा की प्रतिष्ठा करना; इस प्रकार तेरे खत्ते भरे और पूरे रहेंगे, और तेरे रसकुण्डों से नया दाखमधु उमण्डता रहेगा।।
- Malachi 1:8 मलाकी 1:8जब तुम अन्धे पशु को बलि करने के लिये समीप ले आते हो तो क्या यह बुरा नहीं? और जब तुम लंगड़े वा रोगी पशु को ले आते हो, तो क्या यह बुरा नहीं? अपने हाकिम के पास ऐसी भेंट ले आओ; क्या वह तुम से प्रसन्न होगा वा तुम पर अनुग्रह करेगा? सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।।