Numbers · chapter 20 · verse 15
Numbers 20:15 in Hindi
अर्थात् यह कि हमारे पुरखा मि में गए थे, और हम मि में बहुत दिन रहे; और मिस्त्रियों ने हमारे पुरखाओं के साथ और हमारे साथ भी बुरा बर्ताव किया;
Arthaat yah ki hamaare purakhaa mi mem gae the, aur ham mi mem bahut din rahe; aur mistriyom ne hamaare purakhaaom ke saath aur hamaare saath bhee buraa bartaav kiyaa;
Numbers 20:15 in English
- King James Version (KJV)
- How our fathers went down into Egypt, and we have dwelt in Egypt a long time; and the Egyptians vexed us, and our fathers:
- World English Bible (WEB)
- how our fathers went down into Egypt, and we lived in Egypt a long time. The Egyptians mistreated us and our fathers.
- American Standard Version (ASV)
- how our fathers went down into Egypt, and we dwelt in Egypt a long time; and the Egyptians dealt ill with us, and our fathers:
- Bible in Basic English (BBE)
- How our fathers went down into Egypt, and we were living in Egypt for a long time; and the Egyptians were cruel to us and to our fathers:
- Darby Translation (DBY)
- how our fathers went down to Egypt, and we dwelt in Egypt a long time, and the Egyptians evil entreated us and our fathers;
- Webster's Bible (WBS)
- How our fathers went down into Egypt, and we have dwelt in Egypt a long time; and the Egyptians afflicted us, and our fathers:
- Young's Literal Translation (YLT)
- that our fathers go down to Egypt, and we dwell in Egypt many days, and the Egyptians do evil to us and to our fathers;
Read in context
- 13उस सोते का नाम मरीबा पड़ा, क्योंकि इस्त्राएलियों ने यहोवा से झगड़ा किया था, और वह उनके बीच पवित्रा ठहराया गया।।
- 14फिर मूसा ने कादेश से एदोम के राजा के पास दूत भेजे, कि तेरा भाई इस्त्राएल यों कहता है, कि हम पर जो जो क्लेश पड़े हैं वह तू जानता होगा;
- 15अर्थात् यह कि हमारे पुरखा मि में गए थे, और हम मि में बहुत दिन रहे; और मिस्त्रियों ने हमारे पुरखाओं के साथ और हमारे साथ भी बुरा बर्ताव किया;
- 16परन्तु जब हम ने यहोवा की दोहाई दी तब उस ने हमारी सुनी, और एक दूत को भेजकर हमें मि से निकाल ले आया है; सो अब हम कादेश नगर में हैं जो तेरे सिवाने ही पर है।
- 17सो हमें अपने देश में से होकर जाने दे। हम किसी खेत वा दाख की बारी से होकर न चलेंगे, और कूओं का पानी न पीएंगे; सड़क- सड़क होकर चले जाएंगे, और जब तक तेरे देश से बाहर न हो जाएं, तब तक न दहिने न बाएं मुड़ेंगे।
Cross references
- Genesis 46:6 उत्पत्ति 46:6और वे अपनी भेड़- बकरी, गाय- बैल, और कनान देश में अपने इकट्ठा किए हुए सारे धन को लेकर मि में आए।
- Exodus 12:40 निर्गमन 12:40मि में बसे हुए इस्राएलियों को चार सौ तीस वर्ष बीत गए थे।
- Deuteronomy 26:6 व्यवस्थाविवरण 26:6और मिस्त्रियों ने हम लोगों से बुरा बर्ताव किया, और हमें दु:ख दिया, और हम से कठिन सेवा लीं।
- Genesis 15:13 उत्पत्ति 15:13तब यहोवा ने अब्राम से कहा, यह निश्चय जान कि तेरे वंश पराए देश में परदेशी होकर रहेंगे, और उसके देश के लोगों के दास हो जाएंगे; और वे उनको चार सौ वर्ष लों दु:ख देंगे;
- Acts 7:15 प्रेरितों के काम 7:15तब याकूब मिसर में गया; और वहां वह और हमारे बाप दादे मर गए।
- Exodus 1:16 निर्गमन 1:16कि जब तुम इब्री स्त्रियों को बच्चा उत्पन्न होने के समय जन्मने के पत्थरों पर बैठी देखो, तब यदि बेटा हो, तो उसे मार डालना; और बेटी हो, तो जीवित रहने देना।
- Exodus 1:11–14 निर्गमन 1:11–14इसलिये उन्हों ने उन पर बेगारी करानेवालों को नियुक्त किया कि वे उन पर भार डाल डालकर उनको दु:ख दिया करें; तब उन्हों ने फिरौन के लिये पितोम और रामसेस नाम भण्डारवाले नगरों को बनाया। पर ज्यों ज्यों वे उनको दु:ख देते गए त्यों त्यों वे बढ़ते और फैलते चले गए; इसलिये वे इस्राएलियों से अत्यन्त डर गए। तौभी मिस्त्रियों ने इस्राएलियों से कठोरता के साथ सेवकाई करवाई। और उनके जीवन को गारे, ईंट और खेती के भांति भांति के काम की कठिन सेवा से दु:खी कर डाला; जिस किसी काम में वे उन से सेवा करवाते थे उस में वे कठोरता का व्यवहार करते थे।
- Exodus 5:14 निर्गमन 5:14और इस्राएलियों में से जिन सरदारों को फिरौन के परिश्रम करानेवालों ने उनका अधिकारी ठहराया था, उन्हों ने मार खाई, और उन से पूछा गया, कि क्या कारण है कि तुम ने अपनी ठहराई हुई ईंटों की गिनती के अनुसार पहिले की नाई कल और आज पूरी नहीं कराई?
- Exodus 1:22 निर्गमन 1:22तब फिरौन ने अपनी सारी प्रजा के लोगों को आज्ञा दी, कि इब्रियों के जितने बेटे उत्पन्न हों उन सभों को तुम नील नदी में डाल देना, और सब बेटियों को जीवित रख छोड़ना।।
- Numbers 16:13 गिनती 16:13क्या यह एक छोटी बात है, कि तू हम को ऐसे देश से जिस में दूध और मधु की धाराएं बहती है इसलिये निकाल लाया है, कि हमें जंगल में मार डाले, फिर क्या तू हमारे ऊपर प्रधान भी बनकर अधिकार जताता है?
- Numbers 11:5 गिनती 11:5हमें वे मछलियां स्मरण हैं जो हम मि में सेंतमेंत खाया करते थे, और वे खीरे, और खरबूजे, और गन्दने, और प्याज, और लहसुन भी;
- Acts 7:19 प्रेरितों के काम 7:19उस ने हमारी जाति से चतुराई करके हमारे बाप दादों के साथ यहां तक कुव्योहार किया, कि उन्हें अपने बालकों को फेंक देना पड़ा कि वे जीवित न रहें।